Exam Tips : ऐसे तैयार करें स्मार्ट स्टडी के लिए अपना सीक्रेट टाइम टेबल
आज के समय में पढ़ाई में सफलता पाने के लिए सही टाइम टेबल बनाना बहुत जरूरी होता है। अगर आप बिना किसी योजना के पढ़ाई करते हैं, तो समय की बर्बादी होती है और पढ़ाई का पूरा फायदा नहीं मिल पाता। तो ऐसे में एक अच्छा टाइम टेबल न केवल आपकी पढ़ाई को इफेक्टिव बनाता है, बल्कि आपको डिसिप्लिन, कॉन्फिडेंस और सक्सेस की ओर भी ले जाता है।
ये खबर भी पढ़ें...
अपने पढ़ाई के लक्ष्य को तय करें
सबसे पहले यह तय करें कि आपको किस विषय पर अधिक ध्यान देना है और आपकी परीक्षा कब है। अगर आपके पास बहुत सारे विषय हैं, तो हर विषय को उसके इम्पोर्टेंस और डिफीकल्टी के आधार पर समय दें।
अपनी कैपेसिटी को पहचानें
हर किसी की पढ़ाई की आदतें अलग होती हैं। कुछ लोग सुबह जल्दी उठकर अच्छे से पढ़ सकते हैं, तो कुछ को रात में पढ़ना पसंद होता है। अपने दिमाग की सबसे एक्टिव स्टेट को पहचानें और उसी हिसाब से टाइम टेबल बनाएं।
ये खबर भी पढ़ें..
डिफिकल्ट टॉपिक पहले पढ़ें
हमेशा डिफिकल्ट टॉपिक्स को पहले पढ़ने की कोशिश करें, क्योंकि जब दिमाग तरोताजा होता है, तब कठिन चीजों को समझना आसान होता है। इसके बाद आसान विषयों को पढ़ें, ताकि पढ़ाई का बोझ कम लगे।
छोटे-छोटे ब्रेक जरूर लें
लगातार पढ़ाई करने से दिमाग थक जाता है और पढ़ाई में रुचि कम हो जाती है। इसलिए हर 40-50 मिनट की पढ़ाई के बाद 5-10 मिनट का ब्रेक जरूर लें। इस दौरान थोड़ा टहलें, पानी पिएं या हल्का स्ट्रेचिंग करें।
रोज रिवीजन करना न भूलें
जो भी नया पढ़ें, उसे अगले दिन 10-15 मिनट में दोहराएं। यह आदत आपको भूलने से बचाएगी और परीक्षा के समय रिवीजन आसान बना देगी।
ये खबर भी पढ़ें..
टाइम टेबल में क्रिएटिविटी जोड़ें
टाइम टेबल को रोचक बनाएं। सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि खेल, मनोरंजन, व्यायाम और आराम के लिए भी समय निकालें। इससे आपका माइंड फ्रेश रहेगा और पढ़ाई में अधिक रुचि बनी रहेगी।
डिजिटल डिवाइस से दूरी बनाएं
पढ़ाई के टाइम मोबाइल, सोशल मीडिया और टीवी से दूर रहें। ये चीजें ध्यान भटकाती हैं और आपकी कंसंट्रेशन को अफेक्ट करती हैं। पढ़ाई के बाद ही इनका इस्तेमाल करें।
रात में अच्छी नींद लें
एक अच्छा टाइम टेबल तभी सफल होगा जब आप 7-8 घंटे की अच्छी नींद लेंगे। सफ्फिसिएंट नींद लेने से दिमाग तेज काम करता है और पढ़ाई में ज्यादा मन लगता है।
फ्लेक्सिबल टाइम टेबल बनाएं
टाइम टेबल ऐसा बनाएं जो जरूरत के मुताबिक बदला जा सके। यदि किसी दिन किसी विषय को अधिक समय देना पड़े, तो बदलाव करने में हिचकिचाएं नहीं। हर सप्ताह अपनी पढ़ाई की प्रगति को चेक करें और अगर कोई विषय कमजोर लग रहा है, तो उसके लिए ज्यादा समय निकालें।
ये खबर भी पढ़ें..
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक