स्मार्ट टीवी पर क्लीन कंटेंट का बढ़ा ट्रेंड, भारत में 87% बढ़े ओटीटी व्यूअर्स
Smart TV OTT Trend: एंटरटेनमेंट की दुनिया में एक बड़ा और धमाकेदार चेंज आया है। अब लोग सिर्फ अपने मोबाइल की छोटी स्क्रीन से चिपके नहीं रहते। घर के लिविंग रूम में बैठकर बड़ी स्मार्ट टीवी पर ओटीटी देखने का मजा ही कुछ और हो गया है।
रिपोर्ट्स की मानें तो बीते एक साल में स्मार्ट टीवी पर ओटीटी यूजर्स में पूरे 87% का तगड़ा उछाल आया है। कनेक्टेड टीवी यानी सीटीवी यूजर्स की संख्या अब बढ़कर करीब 12.92 करोड़ पहुंच गई है। मतलब साफ है, अब लोग अकेले नहीं, बल्कि पूरे परिवार के साथ बैठकर शो देखना चाहते हैं।
क्लीन एंटरटेनमेंट और फैमिली शो का जलवा
पहले क्या होता था? ओटीटी का मतलब सिर्फ क्राइम, मारधाड़ और गाली-गलौज माना जाता था। लेकिन अब सीन पूरा पलट चुका है! दर्शकों को अब साफ-सुथरी और दिल को छू लेने वाली कहानियों से प्यार हो गया है।
Panchayat और Gullak जैसी वेब सीरीज इसका सबसे बड़ा एग्जांपल हैं। इन शोज ने यह साबित कर दिया है कि बिना फालतू की हिंसा के भी दर्शकों को स्क्रीन से बांधा जा सकता है। अब मेकर्स भी फैमिली ड्रामा के साथ हल्का-फुल्का थ्रिलर जोड़कर नया मैजिक क्रिएट कर रहे हैं।
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अब ऐसे कंटेंट की मांग बहुत बढ़ गई है जिसे हर उम्र के लोग देख सकें। भले ही शो में थ्रिलर, जासूसी या क्राइम हो, लेकिन उसमें ऐसी कोई मर्यादा न टूटे जिससे परिवार के साथ देखने में असहजता हो।
उदाहरण के लिए 'द फैमिली मैन' सीरीज को देखा जा सकता है। इसके सीजन-3 को 2.46 करोड़ व्यूज मिले और इसे फैमिली के साथ खूब पसंद किया गया।
छोटे शहरों में भी बड़ा धमाका
ये नया ट्रेंड सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी स्मार्ट टीवी पर वेब सीरीज देखने का क्रेज तेजी से फैला है। करीब 7.58 करोड़ सीटीवी दर्शक छोटे शहरों से ही आ रहे हैं।
दक्षिण भारत के राज्यों में भी बड़ी स्क्रीन पर शो देखना काफी पॉपुलर हो गया है। चूंकि लोग बड़ी स्क्रीन पर ज्यादा टाइम स्पेंड कर रहे हैं, इसलिए बड़े-बड़े ब्रांड्स और ऐडवरटाइजर्स भी अब स्मार्ट टीवी पर अपने विज्ञापन देने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
कहानी में नयापन ही असली हीरो
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स का कहना है कि कहानी में बिना बात की हिंसा दिखाने से दर्शक अब बोर होने लगे हैं। अगर कहानी में दम है और नयापन है, तो शो अपने आप सुपरहिट हो जाता है।
जब कंटेंट पूरे परिवार के बैठकर देखने लायक होता है, तो उसकी कमर्शियल सक्सेस भी कई गुना बढ़ जाती है। आज का दर्शक ऐसी फिल्में और सीरीज चाहता है, जिसे वह बिना किसी झिझक के अपने बच्चों और माता-पिता के साथ एन्जॉय कर सके।
कहानी में बेवजह दिखाई गई हिंसा और गालियों का समाज पर गलत असर पड़ता है। इसलिए कंटेंट बनाते समय सही फिल्टर्स का इस्तेमाल बेहद जरूरी है।
यह जरूरी नहीं कि सिर्फ मिडिल क्लास की कहानियों पर ही फोकस किया जाए। बात बस इतनी है कि जो भी बनाएं, वह साफ-सुथरा और मनोरंजक होना चाहिए। जैसे परिवार के साथ बैठकर जुरासिक पार्क, टॉम एंड जेरी या चार्ली चैपलिन की फिल्में भी देखी जा सकती हैं।
बिना वायलेंस के भी शो सुपरहिट
फिल्म निर्माता और एक्सपर्ट कुशल श्रीवास्तव का कहना है कि जब उन्होंने ऑपरेशन सफेद सागर बनाने का सोचा तो सबसे बड़ी चुनौती देशभक्ति की सच्ची कहानी दिखाना था। इसमें बिना किसी हिंसा के साल 1999 के कारगिल युद्ध की असली कहानी पेश की गई।
उनका मानना है कि बिना गाली और हिंसा के भी कहानियां बनाई जा सकती हैं। ऑपरेशन सफेद सागर को दर्शकों ने बहुत पसंद किया और इसे आईएमडीबी (IMDb) पर 8.6 की शानदार रेटिंग मिली है।
आज के ऑडियंस अब परिवार के साथ बैठकर बिना वायलेंस वाला एंटरटेनमेंट देखना ज्यादा पसंद कर रहा है। स्मार्ट टीवी के बढ़ते क्रेज ने साबित कर दिया है कि अगर कहानी में नयापन और दम हो, तो बिना वायलेंस के भी शो सुपरहिट हो सकते हैं। यही वजह है कि मेकर्स भी अब ओटीटी प्लेटफॉम पर क्लीन और फैमिली-फ्रेंडली कंटेंट बनाने पर सबसे ज्यादा फोकस कर रहे हैं।
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