PVR INOX Profit: सिनेमाघरों की 70% सीटें खाली, फिर भी PVR INOX का मुनाफा 149% बढ़ा, क्या है कमाई का राज?
लेकिन इसके बावजूद कंपनी की कमाई ने बंपर उछाल मारा है। कंपनी का एक्यूरेट नेट प्रॉफिट 149% बढ़कर पूरे 263 करोड़ रुपए पहुंच गया। अब आप सोचेंगे कि जब लोग ज्यादा नहीं आए, तो फिर इतना सारा पैसा आया कहां से?
जवाब सीधा है, आपके महंगे टिकट और उस टेस्टी पॉपकॉर्न के टब में। लोगों ने थिएटर जाकर दिल खोलकर जेब ढीली की है। इसी वजह से पीवीआर लाभ 149% उछला और एक नया रिकॉर्ड बन गया।
दर्शक कम बढ़े, लेकिन कमाई में बड़ा इजाफा
देश की बड़ी सिनेमा चेन पीवीआर आईनॉक्स ने फाइनेंसियल ईयर 2026-27 की दूसरी तिमाही में बेटर परफॉरमेंस किया है। जुलाई से सितंबर के बीच कंपनी के सिनेमाघरों में 4.63 करोड़ दर्शक फिल्म देखने पहुंचे पिछले साल इसी अवधि में 4.45 करोड़ दर्शक सिनेमाघरों में पहुंचे थे।
यानी एक साल में दर्शकों की संख्या केवल चार प्रतिशत बढ़ी। इसके बावजूद कंपनी की कमाई और मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। इसकी सबसे बड़ी वजह टिकट की कीमत और खाने-पीने की चीजों पर होने वाला खर्च है। दर्शकों की संख्या ज्यादा नहीं बढ़ी, लेकिन सिनेमाघर पहुंचने वाले लोगों ने पहले से अधिक पैसे खर्च किए।
टिकट की कीमत 262 रुपए से बढ़कर 298 रुपए हुई
पीवीआर आईनॉक्स की कमाई बढ़ने में टिकट की कीमतों का बड़ा योगदान रहा है। सितंबर 2025 की तिमाही में एक टिकट की औसत कीमत 262 रुपए थी। सितंबर 2026 की तिमाही में यह बढ़कर 298 रुपए हो गई। इस तरह एक साल में टिकट की औसत कीमत 14 प्रतिशत बढ़ी है।
इसके अलावा सिनेमाघरों में पॉपकॉर्न, कोल्ड ड्रिंक और दूसरी खाने-पीने की चीजों पर भी दर्शकों ने ज्यादा खर्च किया। पिछले साल हर दर्शक ने खाने-पीने पर औसतन 134 रुपए खर्च किए थे। इस साल यह राशि बढ़कर 153 रुपए हो गई। इसमें भी 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसका सीधा फायदा कंपनी की कुल कमाई को मिला।
हर दर्शक से कंपनी को 55 रुपए ज्यादा मिले
कंपनी के Average Revenue per Customer यानी हर दर्शक से मिलने वाली कमाई में बड़ा बदलाव आया है। सितंबर 2025 की तिमाही में टिकट और खाने-पीने से कंपनी को प्रति दर्शक औसतन 396 रुपए मिलते थे।
सितंबर 2026 में यह राशि बढ़कर 451 रुपए पहुंच गई। इसका मतलब है कि अब कंपनी को हर दर्शक से औसतन 55 रुपए ज्यादा मिल रहे हैं। यही वजह है कि दर्शकों की संख्या में मामूली बढ़ोतरी होने के बावजूद कंपनी की आय तेजी से बढ़ी।
कंपनी का मुनाफा 263 करोड़ रुपए पहुंचा
पीवीआर आईनॉक्स का रिपोर्टेड शुद्ध मुनाफा पिछले साल की तुलना में 149% बढ़कर 263 करोड़ रुपए हो गया है। हालांकि, इस मुनाफे में लीज से जुड़े हिसाब-किताब का प्रभाव भी शामिल है।
अगर इस प्रभाव को हटा दिया जाए, तो कंपनी की कुल आय 17% बढ़कर करीब दो हजार 132.7 करोड़ रुपए रही।
इस दौरान कंपनी के खर्च भी बढ़े, लेकिन कमाई के मुकाबले खर्च की रफ्तार धीमी रही। इससे कंपनी का Profit Margin बेहतर हुआ। कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 28.7% से बढ़कर 30.4% हो गया। इसमें 1.7% अंक का सुधार हुआ है।
फिल्मों ने भी बढ़ाई कमाई
इस तिमाही में कई फिल्मों ने सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन किया। खासकर बड़ी फिल्मों की रिलीज से टिकट बिक्री को मदद मिली। जुलाई से सितंबर 2026 की अवधि में पीवीआर आईनॉक्स की कमाई में इन फिल्मों का योगदान रहा।
फिल्मभारत में कलेक्शनPVR INOX कलेक्शन
इन आंकड़ों के मुताबिक, द ओडिसी के भारतीय कलेक्शन में पीवीआर आईनॉक्स की हिस्सेदारी 60.9 प्रतिशत रही। वहीं, स्पाइडर-मैन: ब्रैंड न्यू डे के कलेक्शन में कंपनी की हिस्सेदारी 45.2 प्रतिशत रही। यहां फिल्मों के नाम और कलेक्शन दिए गए सोर्सेज के मुताबिक रखे गए हैं। इनका इंडिपेंडेंट वेरिफिकेशन नहीं किया गया है।
70% सीटें खाली रहने के बाद भी मुनाफा बढ़ा
पीवीआर आईनॉक्स के नतीजों की एक और खास बात यह है कि कंपनी के सिनेमाघरों में ज्यादातर सीटें खाली रहीं। सितंबर तिमाही में सिनेमाघरों की सीटें ऑक्यूपेंसी रेट 30.4% रही। इसका मतलब है कि औसतन करीब 70% सीटें खाली रहीं।
हालांकि, पिछले साल की तुलना में स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है। कोविड से पहले कंपनी की सीटें भरने की दर करीब 32% रहती थी। इस लिहाज से कंपनी अभी पुराने स्तर तक नहीं पहुंची है। इसके बावजूद टिकट की कीमत और खाने-पीने की बिक्री बढ़ने से कंपनी की कमाई बेहतर हुई।
ऑनलाइन बुकिंग से भी कंपनी को फायदा
पीवीआर आईनॉक्स के कारोबार में ऑनलाइन टिकट बुकिंग की भूमिका बढ़ रही है। कंपनी की ऑनलाइन बुकिंग 72% तक पहुंच गई है। इसके अलावा सुविधा शुल्क से होने वाली आय में 25% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
यह आय बढ़कर 84.5 करोड़ रुपए हो गई। वहीं, कंपनी की विज्ञापन (Advertisement) से होने वाली आय 4.3% बढ़ी। तो इससे पता चलता है कि कंपनी केवल टिकट बेचकर ही पैसा नहीं कमा रही है। ऑनलाइन बुकिंग, विज्ञापन और खाने-पीने की बिक्री भी उसकी सोर्सेज ऑफ इनकम बने हुए हैं।
शरहोल्डर्स को भी मिल सकता है फायदा
कंपनी के बोर्ड ने एक नई नीति को मंजूरी दी है। इसके तहत हर साल अतिरिक्त नकदी का 30 प्रतिशत हिस्सा लाभांश या शेयर बायबैक के जरिए शेयरधारकों को लौटाया जाएगा।
कंपनी ने सितंबर में 300 करोड़ रुपए का पहला बायबैक किया था। इसके बाद भी कंपनी के पास करीब 140 करोड़ रुपए की नकदी बची हुई है। कंपनी के एमडी अजय बिजली के मुताबिक, मजबूत फिल्मों, दर्शकों के बढ़ते खर्च और लागत पर नियंत्रण से कंपनी को रिकॉर्ड नतीजे मिले हैं। आने वाले समय में कंपनी प्रीमियम अनुभव, खानपान कारोबार और विज्ञापन से होने वाली कमाई बढ़ाने पर भी ध्यान देगी।
नए नतीजों से क्या संकेत मिलते हैं?
पीवीआर आईनॉक्स के Quarterly Results बताते हैं कि किसी सिनेमा कंपनी की कमाई बढ़ने के लिए केवल दर्शकों की संख्या बढ़ना जरूरी नहीं है। अगर टिकट की कीमत बढ़ती है और दर्शक खाने-पीने पर ज्यादा खर्च करते हैं। तो कम दर्शक बढ़ने पर भी कंपनी की आय और मुनाफे में बड़ा सुधार हो सकता है।
हालांकि, कंपनी के सामने सिनेमाघरों की खाली सीटें भरने की चुनौती बनी हुई है। भविष्य में कमाई की रफ्तार बनाए रखने के लिए नई फिल्मों का अच्छा प्रदर्शन और दर्शकों की संख्या बढ़ना भी जरूरी होगा।
FAQs:
- पीवीआर आईनॉक्स की कमाई में इतनी बढ़ोतरी का कारण क्या है?
पीवीआर आईनॉक्स की कमाई में 149% की बढ़ोतरी का कारण महंगे टिकट और खाने-पीने की वस्तुओं पर दर्शकों द्वारा अधिक खर्च करना है। - क्या पीवीआर आईनॉक्स के दर्शकों की संख्या में वृद्धि हुई है?
पीवीआर आईनॉक्स के दर्शकों की संख्या में पिछले साल की तुलना में केवल 4% की मामूली वृद्धि हुई है, हालांकि कंपनी की कमाई में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। - पीवीआर आईनॉक्स के शेयरधारकों को किस प्रकार का लाभ मिल सकता है?
पीवीआर आईनॉक्स के बोर्ड ने एक नीति को मंजूरी दी है, जिसके तहत हर साल अतिरिक्त नकदी का 30% हिस्सा लाभांश या शेयर बायबैक के जरिए शेयरधारकों को लौटाया जाएगा।