Gen Z Solo Travelling Trend: जेन-जी महिलाओं में बढ़ता सोलो ट्रैवलिंग क्रेज, पढ़ें रिपोर्ट
आज के दौर में भारतीय महिलाएं अपनी सीमाओं को तोड़कर दुनिया को नए नजरिए से देख रही हैं। वह दौर अब पुराना हो चुका है जब महिलाओं को कहीं घूमने जाने के लिए परिवार या दोस्तों की रजामंदी और साथ की जरूरत होती थी।
ट्रैवल-फिनटेक प्लेटफॉर्म 'स्कैपिया' (Scapia) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय महिलाएं न केवल अधिक यात्रा कर रही हैं, बल्कि अपनी यात्रा की योजना (Travel Planning) के फैसले भी पूरी तरह खुद ले रही हैं।
सोलो ट्रैवलिंग में 9 गुना का जबरदस्त उछाल
स्कैपिया के डेटा से एक रोमांचक सच सामने आया है। अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं की संख्या बहुत बढ़ गई है। पिछले साल के मुकाबले इसमें 9 गुना बढ़ोतरी हुई है। यह आंकड़ा भारतीय महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है।
जेन-जी महिलाएं (Gen Z जनरेशन) अब पहले से कहीं अधिक स्वतंत्र हो गई हैं। वे टिकट और होटल बुकिंग के लिए तकनीक का उपयोग कर रही हैं। फ्लाइट से लेकर बस तक हर जगह उनकी भागीदारी बढ़ी है। यात्रा के दौरान वे अपने फैसले खुद ले रही हैं। यह समाज में आ रहे एक बड़े बदलाव का संकेत है। अब महिलाएं बिना किसी डर के दुनिया घूमना चाहती हैं।
हिल स्टेशन बनाम बीच: किसकी है ज्यादा डिमांड?
आमतौर पर माना जाता है कि भारतीय पर्यटक पहाड़ों की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं, लेकिन डेटा कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार...
- बीच डेस्टिनेशन (Beach Destinations): लगभग 80 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं समुद्र किनारे की जगहों को प्राथमिकता दे रही हैं। भारत में गोवा, पोर्ट ब्लेयर, कोवलम, वर्कला और दीव सबसे पसंदीदा स्थल बने हुए हैं।
- विदेशी आइलैंड: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिलाएं क्राबी, फुकेत, बाली, लंगकावी और फु क्वोक जैसे द्वीपों को खूब पसंद कर रही हैं।
स्पिरिचुअल टूरिज्म का ट्रेंड
भारतीय महिलाओं के बीच आध्यात्मिक पर्यटन (Spiritual Tourism) का क्रेज भी कम नहीं है, लेकिन यहाँ उम्र के लिहाज से पसंद में बड़ा अंतर देखा गया है।
1. जेन जी और इंस्टाग्राम-फ्रेंडली स्थल
आज की युवा पीढ़ी यानी जेन जी महिलाएं वाराणसी और ऋषिकेश जैसे शहरों की ओर खिंची चली जा रही हैं। इसका मुख्य कारण इन शहरों का 'इंस्टाग्राम-फ्रेंडली' होना है। यहां की गंगा आरती, संकरी गलियां और कैफे संस्कृति युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करती है।
2. मिलेनियल्स और पारंपरिक श्रद्धा
मिलेनियल महिलाएं उन जगहों को चुन रही हैं जहां वे शांति और श्रद्धा के साथ समय बिता सकें। उनके लिए शिर्डी, हरिद्वार, अमृतसर और वेलंकनी जैसे पारंपरिक धार्मिक स्थल पहली पसंद बने हुए हैं।
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक शहरों का जादू
जेन जी महिलाओं का एक बड़ा हिस्सा अपनी यात्राओं में संस्कृति और इतिहास को समेटना चाहता है। उनकी करीब आधी बुकिंग बजट या मिड-रेंज स्टे की श्रेणी में आती है। वे जैसलमेर के किले, उदयपुर की झीलें, हम्पी के खंडहर और आगरा के ताज को एक्सप्लोर करना पसंद कर रही हैं। इसके अलावा, वे ऑफबीट और छोटे शहरों की खोज में भी पीछे नहीं हैं।
अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के बदलते ट्रेंड्स
भारतीय महिलाओं की अंतरराष्ट्रीय यात्राओं (International Trips) में भी बड़ा बदलाव देखा गया है। अब महिलाएं केवल पेरिस या लंदन तक सीमित नहीं हैं।
- दक्षिण-पूर्वी एशिया: थाईलैंड, वियतनाम और श्रीलंका जैसे देश महिलाओं की पहली पसंद हैं। इसका मुख्य कारण वीजा ऑन अराइवल (Visa on Arrival) और वीजा-फ्री सुविधा है, जो यात्रा को तनावमुक्त बनाती है।
- नए उभरते डेस्टिनेशन: जापान अपनी सुरक्षा और संस्कृति के लिए महिलाओं के बीच लोकप्रिय हो रहा है। इसके साथ ही जॉर्जिया, कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान जैसे मध्य एशियाई देश भी अब महिलाओं की 'बकेट लिस्ट' का हिस्सा बन चुके हैं।
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