एमपी की टूरिज्म सखी योजना पर केंद्र सरकार फिदा, जानें इसकी खासियत
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश की टूरिज्म सखी योजनाअब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी है।
- नीति आयोग ने इस मॉडल को देशभर में लागूकरने की मंजूरी दी है।
- यह योजना यूएनविमेन इंडिया के सहयोग से तैयार हुई थी।
- केंद्र सरकार इसे निर्भया फंड के जरिएदूसरे राज्यों में शुरू करेगी।
- नर्मदाघाटों से लेकर जंगलों तक महिलाएं अब आगेबढ़कर काम कर रही हैं।
घाटों पर बदली तस्वीर
महेश्वर और भेड़ाघाट के नर्मदाघाटों पर पहले केवल पुरुष नाव चलाते थे।अब प्रशिक्षित महिलाएं यह काम कर रहीहैं। पर्यटकों को नाव में महिला चालकदेखकर भरोसा बढ़ता है। यह बदलावधीरे-धीरे पूरे इलाके की सोच बदल रहा है।स्थानीय महिलाओं को इस काम से नई पहचानमिली है। वे अब परिवार की आर्थिक मदद भीकर पा रही हैं।
जंगल में महिला गाइड की नई भूमिका
शिवपुरी के माधव नेशनलपार्क में 200 से ज्यादा महिलाएं फॉरेस्टगाइड बन चुकी हैं। पहले एक सफारी सेउन्हें सिर्फ 360 रुपए मिलते थे। अब यहकमाई सीधे 800 रुपए तक पहुंच गई है।पर्यटकों को बेहतर जानकारी मिलने से अनुभवभी बेहतर हुआ है। इससे महिलाओं कीप्रशासनिक पहचान भी मजबूत हुई है।
आदिवासी जिलों में बड़ा बदलाव
झाबुआ,धार, बड़वानी और जबलपुर जैसे जिलों मेंयह मॉडल गेमचेंजर साबित हुआ है। यहांकम्युनिटी आधारित पर्यटन को नई दिशा मिलीहै। स्थानीय महिलाएं अब पर्यटकों कीमेजबानी खुद संभाल रही हैं।इससे गांवकी अर्थव्यवस्था को भी सीधा फायदा मिलरहा है।
नीति आयोग की रिपोर्ट में क्या मिला
भोपाल मेंएमपी टूरिज्म बोर्ड केअधिकारियों के अनुसार,नीति आयोग ने पूरे प्रोजेक्टका गहराई से मूल्यांकनकिया है। रिपोर्ट में पाया गया किइस पहल से पर्यटकों कीसुरक्षा बढ़ी है। साथ हीमहिलाओं को आतिथ्य, डिजिटल स्किल औरउद्यमिता की ट्रेनिंग भी मिली है।टूरिज्म सखियोंने पर्यटनस्थलों पर चाइल्डकेयरसुविधा भी शुरू की है।इससे महिलापर्यटकों का ठहराव भी बढ़ा है।
एमपी टूरिज्म की नई पहल
मध्य प्रदेश टूरिज्म सखी योजना का मुख्य मकसद महिलाओं को आत्मनिर्भर (महिला सशक्तिकरण) बनाना है। इससे उनको पर्यटन स्थलों पर गाइड, ड्राइवर या शेफ जैसी नौकरियां देकर सशक्त बनाना है। इसके लिए कोई डायरेक्ट ऑनलाइन फॉर्म लिंक नहीं है। अगर आप अप्लाई करना चाहती हैं, तो आपको सीधे एमपी टूरिज्म बोर्ड या अपने नजदीकी टूरिज्म ऑफिस जाकर बात करनी होगी।
दूसरे राज्य भी अपनाने लगे मॉडल
यूएन विमेन इंडिया की कंट्रीरिप्रेजेंटेटिव शोको इशिकावा ने भोपालदौरे पर महिलाओं के इस नेतृत्व कीसराहना की थी। इसके बादउत्तराखंड और महाराष्ट्र ने भी यह मॉडलअपनाना शुरू कर दिया है।
गुजरात,केरल और दिल्ली जैसे राज्य भी एमपीटूरिज्म बोर्ड की मदद से अपनाखाका तैयार कर रहे हैं। आनेवाले समय में यह मॉडल पूरे देश कीपर्यटन नीति का हिस्सा बनसकता है।
FAQ
- टूरिज्म सखी योजना क्या है?
यह मध्य प्रदेश की एक योजना है। इसमें महिलाओं को पर्यटन क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जाता है। वे नाव चलाने और गाइड जैसे काम करती हैं। - नीति आयोग ने इस मॉडल को क्यों मंजूरी दी?
मूल्यांकन में पाया गया कि इससे पर्यटकों की सुरक्षा बढ़ी। साथ ही महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता भी मिली। इसी वजह से इसे देशभर में लागू करने की मंजूरी दी गई। - यह योजना किन राज्यों में शुरू हो रही है?
उत्तराखंड और महाराष्ट्र ने इसे लागू करना शुरू कर दिया है। गुजरात, केरल और दिल्ली भी इसे अपनाने की तैयारी कर रहे हैं। एमपी टूरिज्म बोर्ड इनकी मदद कर रहा है।
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