थकान को न करें नजरअंदाज, वरना हो सकते हैं थायराइड या डायबिटीज के मरीज
News In Short
- लगातार थकान शरीर में विटामिन बी, डी या आयरन की कमी का संकेत हो सकती है।
- थायराइड और डायबिटीज जैसी बीमारियों में थकान एक प्रमुख लक्षण के रूप में उभरती है।
- शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना 7 गिलास पानी और 6-7 घंटे की नींद अनिवार्य है।
- फास्ट फूड छोड़कर हरी सब्जियों और योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाना फायदेमंद है।
- यदि थकान 2-3 हफ्ते से अधिक बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज किए बिना डॉक्टर से मिलें।
News In Detail
थकान एक ऐसी स्थिति है, जिसे हम अक्सर यह सोचकर टाल देते हैं कि शायद काम ज्यादा था। एक्सरसाइज या दिनभर की भागदौड़ के बाद थकान महसूस होना सामान्य है, जो एक अच्छी नींद के बाद ठीक भी हो जाती है। लेकिन, क्या आपने कभी गौर किया है कि भरपूर आराम के बाद भी आपकी सुस्ती खत्म नहीं हो रही? अगर जवाब हां है, तो सावधान हो जाइए।
मेडिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबे समय तक बनी रहने वाली थकान शरीर के भीतर पनप रही किसी गंभीर बीमारी का इशारा हो सकती है।
शरीर में विटामिन और आयरन का रोल
मेडिसिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, हमारे शरीर को एनर्जेटिक बनाने के लिए विटामिन बी और विटामिन डी की सख्त जरूरत होती है। इनकी कमी होते ही शरीर सुस्त पड़ने लगता है। इसके अलावा, थकान का एक बड़ा कारण आयरन की कमी भी है।
दरअसल, आयरन ही वह तत्व है जो खून में ऑक्सीजन ले जाने का काम करता है। जब शरीर में इसकी कमी होती है, तो अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती और व्यक्ति जल्दी थक जाता है।
धीमा मेटाबॉलिज्म और शुगर का खेल
थकान का सीधा संबंध हमारे हार्मोनल संतुलन से भी है। अगर शरीर में थायराइड हार्मोन का स्तर गिर जाता है, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है। नतीजा यह होता है कि व्यक्ति को हर समय कमजोरी महसूस होती है।
इसी तरह, डायबिटीज (Diabetes) की शुरुआत में भी ब्लड शुगर बढ़ जाने के कारण व्यक्ति अचानक थकान और कमजोरी का अनुभव करने लगता है। थायराइड के मरीजों के लिए तो लगातार थकान बने रहना एक सबसे आम लक्षण है।
हेल्दी रहने के लिए ये रूटीन अपनाएं
अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो अपनी जीवनशैली में सुधार करके देखें। सबसे पहले अपने आहार को संतुलित बनाएं, जिसमें आयरन और विटामिन भरपूर मात्रा में हों। शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए दिन में कम से कम 7 गिलास पानी जरूर पिएं।
साथ ही, अपनी नींद के साथ समझौता न करें, रोजाना 6 से 7 घंटे की गहरी नींद बेहद जरूरी है। रात को सोने से पहले कैफीन यानी चाय या कॉफी से परहेज करें और अपनी डाइट से फास्ट फूड हटाकर हरी सब्जियों को जगह दें। एक्सरसाइज भी इसमें काफी मददगार साबित होते हैं।
कब है डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी?
इस पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में सुधार कर चुके हैं, फिर भी थकान 2 से 3 हफ्ते से ज्यादा बनी हुई है, तो इसे हल्के में न लें। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। ये कुछ खास लक्षण हैं जिन्हें कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जैसे-
- बिना किसी कारण के वजन कम होना।
- शरीर में हमेशा हल्का बुखार (Mild fever) रहना।
- थोड़ा चलने या काम करने पर सांस फूलना।
- दिल की धड़कनों का अनियमित होना।
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