सुप्रीम कोर्ट एओआर परीक्षा 2026 शेड्यूल जारी, आवेदन 1 अक्टूबर से शुरू, दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए स्क्राइब सुविधा
सुप्रीम कोर्ट एओआर परीक्षा शेड्यूल
अगर आप सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड बनना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2026 सत्र के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
यह परीक्षा नई दिल्ली में पेन-एंड-पेपर मोड यानी ऑफलाइन तरीके से होगी। वे सभी वकील इस परीक्षा में बैठ सकते हैं जो इसके नियमों के तहत पात्र हैं। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को तय समय के भीतर अपनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आवेदन करने की प्रक्रिया और अंतिम तारीख
इस सुप्रीम कोर्ट एओआर परीक्षा 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने जा रही है। फॉर्म भरने और दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 15 अक्टूबर 2026 तय की गई है।
उम्मीदवारों को ऑनलाइन फीस भरने के बाद आवेदन की फिजिकल कॉपी भी भेजनी होगी। फॉर्म को सुप्रीम कोर्ट के संबंधित एग्जामिनेशन सेल में जमा करना होगा। आप चाहें तो आवेदन डाक या कूरियर के जरिए भी भेज सकते हैं।
कौन दे सकता है यह परीक्षा?
सुप्रीम कोर्ट के नियमों के मुताबिक, इस परीक्षा में वही वकील हिस्सा ले सकते हैं जो दोबारा परीक्षा देने के योग्य हैं। इसमें जून 2025 या उससे पहले की परीक्षाओं में शामिल हुए उम्मीदवार आ सकते हैं।
नियमों के अनुसार इस परीक्षा में किसी भी उम्मीदवार को पांच से ज्यादा मौके नहीं मिलते हैं। परीक्षा का फॉर्म भरते समय दिए गए सभी दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ना बहुत जरूरी है। अधूरा या गलत भरा हुआ फॉर्म सीधे खारिज किया जा सकता है।
परीक्षा का सिलेबस और मेन पेपर
यह पूरी परीक्षा कुल चार अलग-अलग पेपर में आयोजित की जाएगी। इनमें सुप्रीम कोर्ट की प्रक्रिया, ड्राफ्टिंग और प्रोफेशनल एथिक्स के विषय शामिल हैं।
इसके अलावा वकीलों को लीडिंग केस यानी महत्वपूर्ण फैसलों की तैयारी भी करनी होगी। ड्राफ्टिंग पेपर में याचिकाएं, अपील और अन्य कानूनी दस्तावेज तैयार करने से जुड़े सवाल होंगे। परीक्षा हॉल में छात्रों की सुविधा के लिए कई जरूरी दस्तावेज भी दिए जाएंगे।
दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए स्क्राइब सुविधा
लिखने में परेशानी का सामना करने वाले दिव्यांग उम्मीदवारों को नियम के तहत सहायता मिलेगी। ऐसे उम्मीदवारों को परीक्षा के दौरान स्क्राइब यानी लिखने वाले साथी की सुविधा दी जाएगी।
इसके लिए उम्मीदवारों को तय समय से पहले जरूरी मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करना होगा। स्क्राइब की मदद लेने वाले छात्रों को हर घंटे पर बीस मिनट का अतिरिक्त समय भी मिलेगा। उम्मीदवारों को स्क्राइब का इंतजाम अपने स्तर पर ही करना होगा।
AOR की भूमिका क्या होती है?
- सुप्रीम कोर्ट में किसी केस को आधिकारिक रूप से दाखिल (file) करने का अधिकार सिर्फ AOR को होता है।
- वह केस की याचिका, दस्तावेज, हलफनामे और अन्य कानूनी कागजात जमा करता है।
- कोर्ट की तरफ से आने वाली नोटिस और निर्देशों की जिम्मेदारी भी AOR की होती है।
- वह अपने क्लाइंट की ओर से सुप्रीम कोर्ट में रिकॉर्ड पर मौजूद वकील होता है।
AOR बनने के लिए क्या करना पड़ता है?
सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार:
- वकील के पास आमतौर पर कम से कम 4 साल की प्रैक्टिस होनी चाहिए।
- उसे किसी अनुभवी AOR के साथ 1 साल की ट्रेनिंग करनी होती है।
- सुप्रीम कोर्ट की ओर से आयोजित AOR परीक्षा पास करनी होती है।
- इसके बाद उसे सुप्रीम कोर्ट में AOR के रूप में रजिस्टर किया जाता है।
सामान्य वकील और AOR में अंतर
| सामान्य वकील | AOR |
|---|---|
| सुप्रीम कोर्ट में बहस कर सकता है | केस फाइल करने का विशेष अधिकार रखता है |
| किसी भी अदालत में प्रैक्टिस कर सकता है | सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड से जुड़ी जिम्मेदारी संभालता है |
| जरूरी नहीं कि केस की फाइलिंग वही करे | केस की आधिकारिक जिम्मेदारी उसी की होती है |
- सुप्रीम कोर्ट एओआर परीक्षा के लिए आवेदन कब से शुरू होंगे?
सुप्रीम कोर्ट एओआर परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। - इस परीक्षा के लिए आवेदन भरने की अंतिम तिथि क्या है?
इस परीक्षा के लिए आवेदन भरने और दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2026 है। - क्या दिव्यांग उम्मीदवारों को इस परीक्षा में कोई विशेष सुविधा मिलेगी?
हां, दिव्यांग उम्मीदवारों को लिखने में सहायता के लिए स्क्राइब की सुविधा उपलब्ध होगी, और उन्हें हर घंटे 20 मिनट का अतिरिक्त समय भी मिलेगा।