महाकुंभ: माघ पूर्णिमा पर अब तक 1 करोड़ लोगों ने लगाई डुबकी, सीएम योगी रख रहे निगरानी
प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान माघ पूर्णिमा का पावन स्नान जारी है। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ संगम तट पर उमड़ पड़ी है। संगम क्षेत्र से लेकर 10 किमी तक हर ओर श्रद्धालुओं का जनसैलाब दिखाई दे रहा है। श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक भीड़, प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की जा रही मॉनिटरिंग इस महायोजन को सफल बना रही है।
जैसे-जैसे अंतिम स्नान पर्व नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। वहीं, प्रशासन द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, आज सुबह 9 बजे तक ही 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं और अनुमान लगाया जा रहा है कि ये आंकड़ा ढाई करोड़ तक बढ़ सकता है।
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ट्रैफिक प्लान में बदलाव
कुंभ मेले में भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक प्लान में बड़े बदलाव किए हैं। प्रयागराज जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर भीषण जाम की स्थिति बनने के कारण शहर में वाहनों की एंट्री पूरी तरह से बंद कर दी गई है। मेला क्षेत्र के अंदर किसी भी वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है। श्रद्धालुओं को संगम तक पहुंचने के लिए 8 से 10 किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग से शटल बसों की व्यवस्था की है, लेकिन बसों की संख्या सीमित होने के कारण यह सुविधा सभी को नहीं मिल पा रही है।
मुख्यमंत्री योगी की वॉर रूम से मॉनिटरिंग
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सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। संगम क्षेत्र में पैरा-मिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं, जो भीड़ को नियंत्रित करने के लिए श्रद्धालुओं को संगम तट पर अधिक देर तक रुकने नहीं दे रहे। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ को संतुलित करने के लिए उन्हें अन्य घाटों पर स्नान के लिए भेजा जा रहा है।
खबरों के मुताबिक, इस बार पहली बार कुंभ मेले में 15 जिलों के डीएम, 20 आईएएस और 85 पीसीएस अफसरों की तैनाती की गई है, ताकि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
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प्रमुख धार्मिक स्थलों को किया गया बंद
महाकुंभ मेले में अत्यधिक भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने लेटे हनुमान मंदिर, अक्षयवट और डिजिटल महाकुंभ सेंटर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, ताकि श्रद्धालु संगम स्नान के बाद जल्द ही बाहर निकल सकें। यह कदम भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए उठाया गया है।
माघ पूर्णिमा स्नान का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से माघ पूर्णिमा का स्नान अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। आज स्नान का शुभ मुहूर्त शाम 7:22 बजे तक रहेगा। हिंदू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन संगम में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन विशेष रूप से गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
आस्था और परंपरा का संगम
महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्सव भी है। आज महाकुंभ मेले का 31वां दिन है। इससे पहले अब तक चार प्रमुख स्नान पर्व हो चुके हैं। 13 जनवरी से लेकर अब तक लगभग 46 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम स्नान कर चुके हैं। अब महाकुंभ मेले में आखिरी स्नान पर्व 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन होगा, जिसे लेकर प्रशासन ने पहले से ही कड़ी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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FAQ
- माघ पूर्णिमा पर कितने श्रद्धालुओं ने स्नान किया?
सुबह 9 बजे तक 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई, और दिनभर में यह संख्या 2.5 करोड़ तक पहुंच सकती है। - क्या संगम क्षेत्र में वाहनों की अनुमति है?
नहीं, भारी भीड़ को देखते हुए शहर में वाहनों की एंट्री बंद है, श्रद्धालुओं को 8-10 किमी पैदल चलकर संगम पहुंचना पड़ रहा है। - माघ पूर्णिमा स्नान का शुभ मुहूर्त क्या है?
ज्योतिषियों के अनुसार, शाम 7:22 बजे तक पुण्य स्नान का शुभ मुहूर्त रहेगा। - महाकुंभ का अगला महत्वपूर्ण स्नान पर्व कब है?
अगला और अंतिम प्रमुख स्नान पर्व 26 फरवरी (महाशिवरात्रि) को होगा, प्रशासन ने इसके लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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