News Strike: गांव में चोरी हुए विकास के राज; सरपंच का करप्शन कैसे रोकें? पंचायत चुनाव 2027 गाइड

Harish Divekar | Jun 23, 2026, 07:00 IST
Photograph: (THESOOTR)
पंचायत चुनाव 2027 से पहले गांव के विकास कार्यों की जांच जरूरी है। गलत जानकारी, फर्जी प्रमाणपत्र या भ्रष्टाचार साबित होने पर सरपंच का नामांकन रद्द हो सकता है।

ऐसे समझें पूरा मामला...

  • गलत जानकारी देने पर सरपंच का नामांकन रद्द हो सकता है।
  • उपयोगिता प्रमाण पत्र से विकास कार्यों की जांच संभव है।
  • फर्जी काम और फंड गड़बड़ी पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
  • पंचायत सचिव और इंजीनियर भी जांच के दायरे में आते हैं।
  • पंचायत चुनाव 2027 से पहले मतदाताओं की सजगता जरूरी है।

गांव में रात में बना कुआं सुबह चोरी,


महीनों में बनी सड़क, रातभर में गायब



News Strike | न्यूज स्ट्राइक :करप्शन की मिसाल बनने वाली ऐसी घटनाओं पर आप खुद लगाम कस करते हैं। इस तरह का करप्शन करने वाले सरपंच के सियासी करियर पर आप फुल स्टॉप लगा सकते हैं। कैसे ये आज हम आपको बताने जा रहे हैं।



आपके गांव का सरपंच, पंच क्या काम कर रहा है क्या नहीं। उस पर अभी से निगाह रखना शुरू कर दीजिए। मप्र में पंचायत चुनाव का बिगुल कभी बज सकता है।



मध्यप्रदेश मेंअगले साल पंचायत चुनाव होना भी तय है। तब तक ये अच्छे से जांच परख लीजिए कि आपका मौजूदा सरपंच क्या इमानदारी से अपने काम को अंजाम दे रहा है। अगर नहीं तो आप कैसे उसकी खबर ले सकते हैं इसका तरीका और नियम अभी समझ लीजिए।



पंचायत चुनाव में नियमों का बड़ा खेल

ये जानकारी आम लोगों के लिए बहुत काम की है और, उनके भी काम की है जो पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी में है। अगर उन्हें सारे नियम कायदों की जानकारी हुई तो वो किसी भी करप्ट सरपंच या पंच को चुनाव लड़ने से ही रोक सकते हैं। इसके लिए कोई बहुत गहन जांच की जरूरत नहीं है। थोड़ी सी सजगता से ये काम किया जा सकता है।



नामांकन में गलती से चुनाव रद्द कैसे?

राज्यसभा का नामांकन रद्द होने की ताजा खबर तो आपको पता ही होगी। कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन भरा, लेकिन एक छोटी सी जानकारी देना भूल गईं। नतीजा ये हुआ कि उनका नामांकन रद्द हो गया वो चुनाव लड़ ही नहीं सकीं।



ये एक ऐसा दस्तावेज है जिसमें चुनाव लड़ने के इच्छुक किसी भी उम्मीदवार को पूरी और सही जानकारी देनी होती है। ऐसा ही पंचायत चुनाव में भी होता है। सरपंच ने अगर गलत जानकारी दी है तो आप उसका नामांकन खारिज करवा सकते हैं।



आपके गांव का मौजूदा सरपंच अगर फिर से चुनाव में खड़ा हो रहा है। तो उसे एक-एक जानकारी सही भरना होगी। अब आप ये सोचेंगे कि क्या आपको सरपंच का नामांकन पत्र चैक करना होगा।



तो बता दें कि आपको इतनी मगजमारी करने की जरूरत नहीं है। आप अगर अपने गांव में हुए कामों को लेकर सजग हैं तो आसानी से ये काम कर सकते हैं।



कागजों में सड़क गायब, बड़ा घोटाला!

कुछ एग्जाम्पल के जरिए हम आपको ये बात समझाते हैं। ये कुछ पिछले दिनों की खबरें हैं। आप इन पर गौर कीजिए।



अक्टूबर 2024 में डिंडौरी से एक खबर आई थी कि लाखों रुपए लगाकर बना एक कुआं। कागजों पर दर्ज है, लेकिन जमीन पर उसका कोई वजूद नहीं है।



घटना की जांच हुई और ये सामने आया कि चंद अधिकारी और सरपंच ने मिलकर सारा फर्जीवाड़ा किया। ऐसे कुओं के नाम पर भुगतान हासिल कर लिया जो कभी खोदे ही नहीं गए।



ऐसी और भी बहुत सी घटनाएं हैं। गौर फरमाइए। सीधी जिले से खबर आई थी कि एक किमी लंबी सड़क रातों रात गायब हो गई। कागजों में दर्ज था कि सड़क बनाने में उपयोग होने वाली मुरम और निर्माण सामग्री को चुरा लिया गया।



ये घटना हालांकि, 2021 की है। जिसका आने वाले पंचायत चुनाव में कोई असर नहीं होगा। फिर भी मैं आपको उदाहरण के लिए ऐसी घटना बता रहा हूं। ताकि आप समझ सकें कि करना क्या है।



फर्जी कामों से सरपंच की होगी जांच

ऐसा कई बार होता है कि सरपंच सड़क बनाने का क्रेडिट लेता है या किसी अन्य काम का क्रेडिट लेता है, लेकिन चंद ही दिनों में पता चलता है कि कई काम बेहद घटिया तरीके से हुए हैं और ज्यादा दिन टिक नहीं सकते। आपको ऐसे ही कामों पर नजर रखना है।



अब आप प्रक्रिया समझ लीजिए। हर सरपंच को दोबारा चुनाव लड़ने से पहले उपयोगिता प्रमाण पत्र देना पड़ता है। ये प्रमाण पत्र सरपंच के किए कामों की पूरी कुंडली होती है।



जिसमें ये जानकारियां अहम होती हैं-

  • कि पंचायत ने कितनी सरकारी राशि का इस्तेमाल किया
  • उस राशि से क्या क्या काम कराए गए
  • और जो काम कागजों में दिखाया गया है, वो जमीन पर मौजूद है।

जैसे: सड़क बनी है या नहीं? तालाब बना है या नहीं? नाली या और कोई भी काम, जिसका सरपंच क्रेडिट लेता है। वो काम हुए हैं या नहीं। इस काम की जानकारी और सत्यापन की जिम्मेदारी पंचायत सचिव या इसके बराबर का अधिकारी की होती है। कभी कभी सब इंजीनियर जैसे अफसर भी इसका रिकॉर्ड रखते हैं।



आपको करना बस ये है कि सरपंच और पंचायत के सारे कामों की जानकारी अपने पास रखनी है। और, अगर ये पता चलता है कि सरपंच ने किसी भी काम की गलत जानकारी दी है तो आप शिकायत कर सकते हैं।



  • अगर पंचायत चुनाव के उम्मीदवार ने गलत जानकारी दी है।
  • फर्जी प्रमाणपत्र लगाया है।
  • या सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल किया है तो आप उसे चुनाव लड़ने से रुकवा सकते हैं।

शिकायत सही तो नामांकन रद्द संभव

बस अब ये जान लीजिए कि ऐसे हालात में शिकायत कहां की जानी चाहिए। क्योंकि बात सही जगह पहुंचेगी तब ही इंसाफ होगा। सरपंच के किए किसी भी दाव की शिकायत या आपत्ति रिटर्निंग ऑफिसर के सामने की जाती है।



आपकी शिकायत के बाद अधिकारी दस्तावेजों की पूरी जांच करते हैं। यदि वाकई शिकायत सही साबित होती है या कानूनी रूप से कोई कमी मिलती है तो उस उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो सकता है।



अब मान लीजिए कि वो उम्मीदवार चुनाव लड़ने में कामयाब हो जाता है। आपको बाद में पता चलता है कि वो कितनी गलत जानकारियां दे चुका है। तब भी आप उसे चैलेंज कर सकते हैं। ऐसे केस में आप अदालत का सहारा लेकर उस उम्मीदवार के चुनाव को चैलेंज कर सकते हैं।



पंचायत में सचेत रहो, भ्रष्टाचार रोको

किसी भी गांव में पंचायत ही उसके विकास का एकमात्र आधार होती है, लेकिन कई बार गांव वालों की व्यस्तता या ऐसे नियमों की जानकारी न होने का फायदा पंचायत के लोग और करप्ट अधिकारी उठा लेते हैं।



इस सेगमेंट के जरिए हम बस यही चाहते हैं कि आप सजग रहें और सही उम्मीदवार को अपने गांव की बागडोर सौंपे। इसके साथ ही ये भी बात दें कि आप सरपंच का करप्शन तो सबके सामने ला ही सकते हैं।



करप्ट अफसरों को भी नपवा सकते हैं। किसी सरपंच के काम पर सवाल उठते हैं तो घेरे में वो अधिकारी भी आते हैं जो सरपंच को मिले फंड का ध्यान रखते हैं और उस काम की जांच भी करते हैं।



गलत प्रमाणपत्र पर अफसर पर कार्रवाई

आपकी शिकायत पर ऐसे अफसर यानी कि पंचायत सचिव और इंजीनियर तक पर कार्रवाई हो सकती है। अगर ये साबित हो गया कि उन्होंने जानबूझकर गलत प्रमाणपत्र जारी किया।



फर्जी माप पुस्तिका यानी कि मेजरमेंट बुक बनाई या सरपंच के साथ राशि के हेरफेर में शामिल हैं तो उन्हें विभागीय जांच का सामना करना पड़ सकता है। वो निलंबित हो सकते हैं या फिर उन्हें नौकरी से ही निकाला जा सकता है। भ्रष्टाचार के मामले में दोषी होने पर किसी भी व्यक्ति को चुनाव लड़ने की छूट नहीं है।



पंचायत चुनाव: सत्ता की जमीनी परीक्षा

ये बात याद रखना बहुत जरूरी है कि पंचायत चुनाव सबसे राजनीतिक व्यवस्था में सबसे निचले स्तर का चुनाव होता है, लेकिन यही चुनाव सबसे ज्यादा जरूरी भी होता है।



जो लोकल लोगों के मिजाज को सेट करता है और माइक्रो लेवल पनिट्रेशन में पार्टियों की मदद करता है। इसलिए ही कोई भी पार्टी पंचायत चुनाव को हलके में नहीं लेती।



इसे भले ही सत्ता का सेमीफाइनल न करें, लेकिन राजनीतिक पार्टियां ये जरूर जानती हैं कि इस चुनाव में कमजोर पड़ना यानी कि जमीनी लेवल पर अपनी पकड़ कमजोर करना होता है।



पंचायत चुनाव 2027: हर वोट है अहम

तो, जब सरकार में बैठे नुमाइंदे इस चुनाव को कम नहीं आंकते तो आप कैसे इस चुनाव को कम समझ सकते हैं। इसलिए अपने क्षेत्र में हो रहे हर काम पर नजर रखिए। एक बार फिर याद दिला दें पंचायत चुनाव साल 2027 में होना हैं।



ये बेहद अहम चुनाव हैं, लेकिन इसकी बारीकियां कम ही लोगों को पता होती है। हम आपको समय-समय पर पंचायत चुनाव से जुड़ी ऐसी डिटेल बताता रहेंगे।



ताकि आप सही गांव सरकार का चुनाव कर सकें। हम अगली स्टोरी उस पहलू से जुड़ी आप तक पहुंचाएंगे। याद रखिए इसका मकसद केवल इतना है कि एक सही और क्लीन गांव सरकार का चुनाव हो सके। आप एक समझदार वोटर की तरह मतदान कर सकें।



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