News Strike: NEET के बाद अब UPSC पर सवाल! क्या सबसे सुरक्षित परीक्षा भी लीक हुई?
News Strike | न्यूज स्ट्राइक:नीट परीक्षा के पेपर लीक का दर्द, पेपर लीक के बाद दूसरा पेपर होने का मामला अब तक पूरा नहीं हुआ है कि अब यूपीएससी परीक्षा के प्रीलिम्स के पेपर लीक का मामला गूंजने लगा है। जी हां, आप बिलकुल सही पढ़ रहे हैं। हम यूपीएससी यानी कि संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा की ही बात कर रहे हैं।
UPSC पर लीक का साया?
दुनिया की सबसे ज्यादा सेफ, सबसे ज्यादा कठिन परीक्षाओं में से एक और सबसे ज्यादा प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली यूपीएससी परीक्षा पर भी लीक का खतरा मंडरा रहा है।
याद दिला दें कि ये वही परीक्षा है जिसकी मिसाल कुछ ही दिन पहले अदालत ने भी दी थी। नीट पेपर लीक मामले पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूपीएससी से कुछ सीखिए।
ऑनरेबल जजेस ने ये मिसाल इसलिए दी कि इतने सालों से यूपीएससी कंडक्ट हो रही है। जिसमें लाखों केंडिडेट हिस्सा लेते हैं, लेकिन यूपीएससी की सिक्योरिटी और ट्रांसपिरेंसी कभी सवालों के घेरे में नहीं आई।
इस परीक्षा के लिए तो एक्सपर्ट भी ये कहते आए हैं कि परीक्षा की प्रक्रिया कई लेवल ऑफ सिक्योरिटी से घिरी है। इसके अलावा पूरी प्रोसेस के दौरान निगरानी भी सख्त होती है। इसलिए कभी यूपीएससी के पेपर लीक की खबर आपको सुनाई नहीं दी होगी।
दिल्ली के मुखर्जी नगर और राजेंद्र नगर जैसे इलाकों की कुछ पुरानी कोचिंग में तो ये मजाक भी बहुत आम है कि यूपीएससी परीक्षा का पेपर मिल भी जाए तो क्या है। सिलेक्शन होना कोई आसान बात नहीं है। कई सालों से चला आ रहा ये मजाक ये भी जाहिर करता है कि यूपीएससी की परीक्षा कितनी कठिन होती है।
UPSC प्रीलिम्स पर भी सवाल
यूपीएससी को मिसाल बताने वाले इन उदाहरणों पर ही अब सवाल उठ गए हैं। क्योंकि अब यूपीएससी के प्रीलिम्स के पेपर लीक होने की भी खबरें सामने आ रही हैं। पूरा माजरा बताएंगे। पर उससे पहले ये बता दें कि इस बार यूपीएससी प्रीलिम्स के नतीजे कैसे रहे।
24 मई 2026 को यूपीएससी प्रीलिम्स की परीक्षा हुई इसके कुछ ही दिन बाद नतीजे डिक्लीयर हुए। इस साल कुल 13 हजार 343 कैंडिडेट्स ने यूपीएससी प्रीलिम्स की परीक्षा पास की।
जबकि पिछले साल प्रीलिम्स में पास होने वाले कैंडिटेट्स की संख्या थी 14 हजार 161। यानी पिछले साल के मुकाबले कम कैंडिडेट ये परीक्षा पास कर सके, लेकिन मप्र के मामले में ये आंकड़े उल्टे हैं। इस साल एमपी के सबसे ज्यादा युवाओं ने प्रीलिम्स क्रेक की है।
एमपी के 61 केंडिडेट्स ने प्रीलिम्स की परीक्षा पास की है। जो अब तक का सबसे हाई सिलेक्शन है. इससे पहले 53 केंडिडेट सिलेक्ट हुए थे और साल 23 में 29 केंडिडेट ही ये परीक्षा क्लिीयर कर पाए थे। एमपी के लिए तो अच्छी खबर है, लेकिन देशभर से सिलेक्शन के नंबर घटने पर ये परीक्षा पहले से ही विवादों के घेरे में थी।
यूपीएससी पैटर्न पर बड़ा विवाद
प्रीलिम्स के नतीजे आने के बाद से ही दिल्ली की सड़कों पर उम्मीदवारों का हुजूम उमड़ा हुआ है। जो एनटीए की तरह ही यूपीएससी का भी विरोध कर रहे हैं। केंडिडेट्स और कोचिंग संचालकों ने यूपीएससी के ताजा पैटर्न पर नाराजगी जाहिर की। कैंडिडेट्स का आरोप है कि संघ लोकसेवा आयोग ने पेपर पैटर्न में कई बदलाव किए हैं। जिसकी उन्हें जानकारी नहीं थी।
UPSC प्रीलिम्स रीएग्जाम मांग
इसके बाद से नीट की तरह ही यूपीएससी की प्रीलिम्स परीक्षा भी दोबारा किए जाने की मांग उठ रही है। 21 अगस्त को यूपीएससी की मुख्य परीक्षा यानी कि मेन्स है। इससे पहले क्या आयोग प्रीलिम्स दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लेगा या नहीं।
ये अब तक स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन असल चौंकाने वाला मामला अब सामने आया है। ये उन सारे उम्मीदवारों के लिए एक बड़ा झटका है जो यूपीएससी परीक्षा को सबसे सेफ मानते हैं। क्योंकि प्रीलिम्स में आए पेपर पर भी लीक के इल्जाम लग रहे हैं।
मामला थोड़ा लंबा और गंभीर है। इसलिए आगे का एक एक शब्द आप बहुत गौर से सुनिए और समझिए। ताकी आप दूध का दूध और पानी का पानी कर सकें।
पेपर लीक का लगा आरोप
कांग्रेस से जुड़े एनएसयूआई नेता विनोद झाड़ ने आरोप लगाया है कि मई 2026 में आयोजित यूपीएससी परीक्षा का कंटेंट परीक्षा से पहले लीक हुआ था। उन्होंने दावा किया कि एक कोचिंग के स्टडी मटेरियल और परीक्षा में आए कई सवाल एक ही जैसे थे।
इस मामले में विनोद झाड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की और दावा किया कि यूपीएससी केंडिडेट्स ने उन्हें इसके सबूत भी मुहैया करवाए हैं। इस मामले में उन्होंने अनंतम नाम की कोचिंग पर पेपर लीक का आरोप लगाया है। झाड़ के मुताबिक अनंतम से पिछले सात महीनों में अपलोड किए गए कंटेंट में से 82 प्रश्न परीक्षा में हूबहू या मामूली बदलाव के साथ पूछे गए।
यूपीएससी पेपर लीक पर सवाल
झाड़ ने कहा कि परीक्षा के बाद कोचिंग सेंटर ने अपने स्टडी मटेरियल में बदलाव किए और उन्हें ऑनलाइन भी अपडेट कर दिया। जिसके बाद पेपर लीक का शक और गहरा हो जाता है। उन्होंने दावा किया कि कोचिंग संस्थान ने 26 मई 2026 को अपना कंटेंट अपडेट किया, जबकि प्रीलिम्स की परीक्षा 24 मई को हुई थी।
झाड़ ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि परीक्षा के तुरंत बाद पुराने कंटेंट में बदलाव किया गया। उन्होंने यूपीएससी से भी इस मामले पर स्पष्टीकरण देने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
UPSC विवाद ने बढ़ाई चिंता
बात सिर्फ लाखों युवाओं के रोजगार से जुड़ी नहीं है। बात उन तमाम परिवारों के सपनों से भी जुड़ी है। जो हर साल अपने बच्चों को परीक्षा की तैयारी करते हुए देखते हैं। उनकी मेहनत को समझते हैं और उस मेहनत के लिए किए एक-एक सेक्रिफाइज और मुश्किलों में उनका साथ निभाते हैं। ऐसे हर परिवार की आस यूपीएससी परीक्षा से जुड़ी होती है। इसलिए इस मुद्दे पर गंभीरता जरूरी भी है।
कांग्रेस ने इस मुद्दे को आंदोलन में तब्दील करना शुरू कर दिया है। ये आग राजस्थान से उठी है इसलिए वहां पर खुद कांग्रेस नेता सचिन पायलट आंदोलन से जुड़े हैं, लेकिन पेपर लीक हुआ है तो भले ही रिजल्ट बहुत अच्छा हो, लेकिन इसका खामियाजा तो एमपी के केंडिडेट्स को भी भुगतना ही होगा।
अब तक इस पर कोई पुष्टि नहीं हुई है। पर इसमें भी तो कोई दो राय नहीं है कि एनटीए की तरह अब संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा भी सवालों के घेरे में आ गई है।
आयोग से विश्वसनीयता की उम्मीद
इससे पहले 1991 में यूपीएससी का परीक्षा पेपर लीक होने की खबर आई थी, लेकिन तब भी आयोग ने एक मिसाल कायम की थी। जानकारों के मुताबिक पेपर पूरा होने से पहले ही यूपीएससी ने ऐलान कर दिया था कि परीक्षा कैंसिल की जाती है।
क्या इस बार भी यूपीएससी ऐसा ही कोई फैसला लेगा। ताकि सबसे प्रतिष्ठित और सबसे विश्वसनीय परीक्षा की साख बनी रहे और उम्मीदवारों की उम्मीद भी बंधी रहे।
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