राजस्थान में खाद बुकिंग के लिए FFS ऐप लॉन्च: किसानों को मिलेगी राहत, कालाबाजारी पर रोक

Sept 22, 2026, 11:05 IST
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राजस्थान सरकार ने एफएफएस मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जो किसानों के लिए खाद बुकिंग को बेहद सुविधाजनक बनाता है। किसान अब घर बैठे यूरिया और डीएपी जैसे उर्वरकों की बुकिंग कर सकते हैं। यह ऐप केवल उन किसान को सब्सिडी वाले उर्वरकों का लाभ देगा जो इसके लिए पात्र हैं। बुकिंग के बाद, 48 घंटे में किसानों को डीलर से खाद मिल जाएगी।

राजस्थान के किसानों के लिए अब खाद खरीदने के लिए लंबी कतारों में लगने और डीलरों के चक्कर लगाने की समस्या जल्द ही खत्म होने वाली है। राज्य सरकार ने FFS (Framework for Fertilizer Sale) मोबाइल ऐप के माध्यम से उर्वरक बुकिंग की नई डिजिटल व्यवस्था शुरू की है, जिसके तहत किसान घर बैठे यूरिया, DAP, SSP, NPK सहित अन्य उर्वरकों की बुकिंग कर सकेंगे ।



यह व्यवस्था AgriStack के तहत तैयार Farmer Registry पर आधारित है, जिससे केवल वास्तविक और पात्र किसानों को ही सब्सिडी वाले उर्वरकों का लाभ मिल सकेगा और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा । पहले चरण में यह प्रणाली राज्य के 12 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की गई है और जल्द ही पूरे प्रदेश में विस्तारित की जाएगी । खाद की ऑनलाइन बुकिंग से जुड़े सभी सवालों के जवाब -



योजना का उद्देश्य क्या है?

इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य किसानों को उर्वरक खरीदने में आने वाली परेशानियों को दूर करना है। इसके अलावा यह व्यवस्था सब्सिडी वाले उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और कृत्रिम कमी पर रोक लगाने में मदद करेगी। किसान को उसकी जमीन और बोई गई फसल के आधार पर ही उर्वरक मिलेगा, जिससे जरूरत से ज्यादा खरीद पर भी अंकुश लगेगा ।



किसान खाद की बुकिंग कैसे कर सकते हैं?

किसान निम्नलिखित माध्यमों से बुकिंग कर सकते हैं :



माध्यमप्रक्रिया
FFS मोबाइल ऐपGoogle Play Store से FFS ऐप डाउनलोड करें, Farmer ID/Aadhaar से लॉगिन करें, फसल चुनें और बुकिंग करें।
ई-मित्र केंद्रनजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर Farmer ID बताएं, वे ऑनलाइन बुकिंग कर देंगे।

बुकिंग की पूरी प्रक्रिया क्या है?

चरण-दर-चरण प्रक्रिया



चरणकार्य / प्रक्रियाविवरण
1ऐप डाउनलोड करेंFFS ऐप डाउनलोड करें।
2लॉगिन करेंFarmer ID या Aadhaar से लॉगिन करें और OTP दर्ज करके सत्यापन करें।
3फसल चुनेंआपकी जमीन के क्षेत्रफल के अनुसार बोई गई फसल का चयन करें।
4मात्रा निर्धारणचुनी गई फसल और जमीन के आधार पर ऐप स्वतः आवश्यक उर्वरक की मात्रा बताएगा।
5डीलर चुनेंआसपास के उपलब्ध डीलरों की सूची देखें (जहां स्टॉक उपलब्ध है, वहां हरा निशान दिखेगा)।
6टोकन प्राप्त करेंबुकिंग पूरी होने पर QR कोड और बुकिंग ID प्राप्त करें।
7खाद प्राप्त करें48 घंटे के भीतर चुने गए डीलर के पास जाकर QR कोड दिखाएं और खाद प्राप्त करें।

बुकिंग के बाद टोकन की वैधता कितनी होती है?

बुकिंग के बाद मिलने वाला डिजिटल टोकन केवल 48 घंटे तक वैध रहता है। यदि किसान इस अवधि में खाद नहीं लेता है, तो टोकन स्वतः रद्द हो जाएगा और दोबारा बुकिंग करनी होगी। इससे खाद की अनावश्यक बुकिंग और स्टॉक ब्लॉक होने की समस्या पर रोक लगेगी ।



क्या किसान को बुकिंग के समय रेट की जानकारी मिलेगी?

हां, बुकिंग के समय ऐप पर उर्वरक की कीमत की जानकारी मिल जाएगी। खाद प्राप्त करते समय बिल भी मिलेगा, जिसमें बैग की संख्या और मूल्य दर्ज होगा। इससे डीलर द्वारा मनमाने ढंग से कीमत बढ़ाने पर रोक लगेगी ।



क्या स्मार्टफोन न होने पर भी बुकिंग हो सकती है?

हां, जिन किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं है या जिन्हें ऐप चलाना नहीं आता, वे ई-मित्र केंद्र के माध्यम से बुकिंग कर सकते हैं। ई-मित्र केंद्र पर जाकर अपनी Farmer ID बताएं, स्टाफ आपके लिए ऑनलाइन बुकिंग कर देगा ।



इस व्यवस्था से किसानों को क्या लाभ होंगे?

लाभ / सुविधाविवरण
कतारों से राहतखाद प्राप्त करने के लिए किसानों को लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा।
पारदर्शितापूरी वितरण प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी होगी।
सही मात्राजमीन के क्षेत्रफल और फसल की आवश्यकता के आधार पर ही उर्वरक मिलेगा।
कालाबाजारी पर रोकफर्जी खरीद और अवैध जमाखोरी पर कड़ा नियंत्रण रहेगा।
लाइव स्टॉक जानकारीऐप के माध्यम से डीलरों के पास उपलब्ध खाद के स्टॉक की लाइव स्थिति देखी जा सकेगी।
होम डिलीवरी की तैयारीभविष्य में खाद सीधे किसान के घर तक पहुंचाने की योजना पर भी काम चल रहा है।

इस व्यवस्था के लिए क्या जरूरी है?

इस व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए किसान के पास Farmer ID (किसान आईडी) होना अनिवार्य है। Farmer ID में किसान की जमीन, फसल, बैंक खाता और व्यक्तिगत जानकारी दर्ज होती है ।



राजस्थान में अब तक लगभग 88 लाख किसानों की Farmer ID बन चुकी है और Farmer ID को जन आधार से भी जोड़ा जा रहा है ।



Farmer ID कैसे बनवाएं?

Farmer ID बनवाने के लिए :



चरणकार्यआवश्यक दस्तावेज / माध्यमविवरण
1केंद्र पर जाएंपंचायत / CSC सेंटर / कृषि विभाग कार्यालयअपने नजदीकी सेंटर पर संपर्क करें।
2दस्तावेज जमा करेंआधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन के दस्तावेजजमाबंदी या खसरा की प्रति साथ ले जाएं।
3सत्यापनबायोमेट्रिक / OTPअपनी पहचान का सत्यापन करवाएं।
4ID प्राप्त करेंयूनिक Farmer IDरजिस्ट्रेशन पूरा होने पर आपकी ID जनरेट हो जाएगी।

यह व्यवस्था किन जिलों में लागू है?

पहले चरण में यह प्रणाली निम्न जिलों में लागू की गई है :



क्र.सं.जिलास्थिति / विवरण
1सिरोहीपायलट प्रोजेक्ट
2राजसमंदपायलट प्रोजेक्ट
3टोंकप्रथम चरण
4करौलीप्रथम चरण
5झालावाड़प्रथम चरण
6हनुमानगढ़प्रथम चरण
7खैरथल-तिजाराप्रथम चरण

क्या भविष्य में घर तक खाद डिलीवरी होगी?

हां, कृषि विभाग वर्तमान में होम डिलीवरी मॉडल पर काम कर रहा है। इसके लिए अधिक संख्या में वितरण केंद्रों की आवश्यकता होगी। हालांकि, पूरे राज्य में होम डिलीवरी कब शुरू होगी, इसकी तारीख अभी तय नहीं हुई है ।



सारांश तालिका

विवरणजानकारी
व्यवस्था का नामFFS (Framework for Fertilizer Sale) ऐप
आधारFarmer Registry / Farmer ID
बुकिंग माध्यममोबाइल ऐप, ई-मित्र केंद्र
टोकन वैधता48 घंटे
मुख्य लाभकतारों से राहत, पारदर्शिता, कालाबाजारी पर रोक
जरूरी दस्तावेजFarmer ID, आधार कार्ड
लागू जिलेसिरोही, राजसमंद, टोंक, करौली, झालावाड़, हनुमानगढ़ आदि (कुल 12 जिले)

अधिक जानकारी के लिए किसान अपने निकटतम कृषि विभाग कार्यालय या ई-मित्र केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। यदि आपकी Farmer ID नहीं बनी है, तो तुरंत बनवाएं क्योंकि भविष्य में सभी कृषि योजनाओं और सब्सिडी का लाभ इसी से जुड़ा होगा ।

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