राजस्थान में मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना से किसानों को उच्च गुणवत्ता का बीज मिलेगा

Ashish Bhardwaj | Sept 24, 2026, 16:06 IST
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राजस्थान में मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना की शुरूआत की गई है, जिससे किसान अपनी फसल के लिए बीज खुद पैदा कर सकेंगे। इस योजना के अंतर्गत मूंग, मोठ, उड़द और ज्वार के बीज को 90 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराया जाएगा। चयनित किसान 8 किलो मूंग और 4 किलो ज्वार इस वित्तीय सहायता के जरिए प्राप्त करेंगे।

जयपुर। राजस्थान में अब अन्नदाता उच्च गुणवत्ता का बीज खुद तैयार करने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राज्य के कृषि विभाग ने मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना यानी एमबीएसवाई (MBSY) की शुरुआत कर दी है। इसके लिए कृषि विभाग ने खरीफ 2026 की बुवाई के लिए भौतिक और वित्तीय लक्ष्य पहले ही तय कर दिए हैं।



किन फसलों पर मिलेगा बीज

राज्य में किसान अपने उपयोग के लिए अपने ही खेतों पर गुणवत्तायुक्त उन्नत बीज उत्पादन कर सकेंगे। इसके लिए नई और अधिसूचित किस्मों के बीज के इस्तेमाल को प्रोत्साहन दिया जाएगा। खरीफ फसल की बुवाई के दौरान मूंग, मोठ और उड़द फसलों के बीज दिए जाएंगे। इनकी 8 वर्ष तक की अवधि की अधिसूचित किस्मों के प्रमाणित बीज और ज्वार की 10 वर्ष से कम अवधि की किस्मों के बीज किसानों को मुहैया कराए जाएंगे। योजना में प्रगतिशील और फसल विशेष की खेती करने वाले किसानों को चुना जाएगा।



कृषि पर्यवेक्षक बनाएंगे किसान समूह

कृषि पर्यवेक्षकों द्वारा 50, 75 या 150 किसानों के समूह बनाए जाएंगे। इसमें लघु और सीमांत श्रेणी के किसानों तथा महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। एफपीओ (FPO), विशेष योग्यजन, एफआरए (FRA ) पट्टा होल्डर, गैर खातेदार-खातेदार किसान और राजीविका के तहत बने स्वयं सहायता समूह व सीएलएफ (CLF) से चयनित किसान भी इस योजना के लिए पात्र होंगे। जिन किसानों के नाम भूस्वामित्व नहीं है, वे नोशनल शेयर धारक प्रमाण पत्र देकर भी आवेदन कर सकेंगे। मंदिर माफी भूमि पर खेती करने वाले किसान भी बीज पाने के पात्र होंगे। चयनित किसान को 8 किलो मूंग, 6 किलो मोठ, 8 किलो उड़द और 4 किलो ज्वार का बीज दिया जाएगा।



90 प्रतिशत अनुदान पर मिलेगा बीज

किसानों को यह बीज 90 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि बाकी 10 प्रतिशत राशि किसान को खुद वहन करनी होगी। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल की तरफ से जारी निर्देशों में अनुदान राशि भी तय की गई है। इसके मुताबिक मूंग, मोठ और उड़द के लिए 6000 रुपए प्रति क्विंटल अनुदान दिया जाएगा, जबकि ज्वार के लिए 3000 रुपए प्रति क्विंटल अनुदान देय होगा। इस अनुदान का 50 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार से मिलेगा, जबकि बाकी हिस्सा मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना के तहत राज्य सरकार वहन करेगी। कृषि विभाग का मकसद है कि किसान उच्च गुणवत्ता के बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनें, ताकि वे खुद ही बीज उपजा सकें और आने वाले सालों में उसे बुवाई में इस्तेमाल कर सकें।



किस जिले में किस फसल पर कितना फायदा

मूंग का बीज बीकानेर, जालोर, जोधपुर और पाली जिलों के किसानों को मिलेगा। इससे करीब 81 हजार किसानों को फायदा होगा और सरकार इस पर करीब 8.10 करोड़ रुपए का अनुदान देगी। मोठ का बीज बाड़मेर, चूरू, जैसलमेर, जोधपुर और नागौर के किसानों को मिलेगा, जिसके लिए राज्य सरकार 57 हजार किसानों को करीब 4.30 करोड़ रुपए का अनुदान देगी। उड़द का बीज बूंदी, सवाई माधोपुर और टोंक के करीब 4,200 किसानों को मिलेगा, जिस पर सरकार करीब 39 लाख रुपए का अनुदान देगी। वहीं ज्वार का बीज अजमेर और टोंक जिलों में बांटा जाएगा, जिससे 2,250 किसान लाभान्वित होंगे और सरकार इस पर करीब 5.35 लाख रुपए का अनुदान देगी।



आवेदन कैसे करें

राजस्थान में कृषि विभाग की योजनाओं के लिए राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। इस पोर्टल पर फिलहाल एमबीएसवाई और एसएमएसपी (MBSY/SMSP) से जुड़ी सेवा भी सूचीबद्ध है। इच्छुक किसान राज किसान साथी पोर्टल पर जाकर आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले पोर्टल पर दिए गए मौजूदा नियम और शर्तें जरूर देख लेनी चाहिए, क्योंकि किस फसल पर कितना बीज, कितनी आर्थिक सहायता और किस जिले में लाभ मिलेगा, यह विभागीय दिशा-निर्देशों पर निर्भर कर सकता है।

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