राजस्थान सरकार की खेत तलाई योजना: बारिश का पानी सहेजें, सिंचाई करें और पाएं 1.35 लाख तक अनुदान

Jageshwar prasad | Sept 26, 2026, 11:25 IST
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राजस्थान सरकार ने किसानों के लिए खेत तलाई योजना शुरू की है। इस योजना के तहत किसान अपने खेतों में तालाब बनाकर वर्षा का पानी संचित कर सकते हैं। राज्य सरकार अनुदान देकर किसानों की आर्थिक कठिनाईयों को कम करने में मदद कर रही है। किसानों के लिए आवेदन प्रक्रिया सरल और ऑनलाइन है, जिससे सभी लाभान्वित हो सकते हैं।

राजस्थान जैसे सूखाग्रस्त राज्य में किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिंचाई के लिए पानी की है। गिरते भूजल स्तर और अनियमित बारिश के कारण खेती लगातार मुश्किल होती जा रही है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए राजस्थान सरकार खेत तलाई योजना चला रही है, जिसके तहत किसान अपने खेत में तालाब बनाकर वर्षा जल संचय कर सकते हैं और उसे सिंचाई में उपयोग कर सकते हैं।



इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि सरकार तालाब निर्माण की लागत का 90 प्रतिशत तक अनुदान देती है, जिससे किसानों को अपनी जेब से बहुत कम खर्च करना पड़ता है। वर्ष 2025-26 में सवाई माधोपुर की महिला किसान मोहरबाई को प्लास्टिक लाइनिंग युक्त खेत तलाई के लिए 1,35,000 रुपए का अनुदान मिला है । यह इस बात का प्रमाण है कि योजना जमीन पर किस तरह काम कर रही है।



FAQ: खेत तलाई योजना से जुड़े सभी सवालों के जवाब

खेत तलाई योजना का उद्देश्य क्या है?

इस योजना का मुख्य उद्देश्य वर्षा के पानी को इकट्ठा करके सिंचाई के काम में लाना है । खेत में बना तालाब बारिश का पानी संचय करता है, जिससे किसान जरूरत पड़ने पर अपनी फसलों की सिंचाई कर सकते हैं। इससे भूजल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिलती है और सूखे की स्थिति में फसल बचाई जा सकती है।



कितने प्रकार की खेत तलाई बनाई जा सकती है?

खेत तलाई (फार्म पॉन्ड) के दोनों मुख्य प्रकारों की तुलनात्मक तालिका दी गई है:



प्रकारनिर्माणप्लास्टिक लाइनिंगपानी का रिसावजल संचयन क्षमता / उपयोगिता
कच्चा फार्म पॉन्डकेवल मिट्टी खोदकर तालाब बनाया जाता है।नहीं होतीअधिक (पानी मिट्टी द्वारा सोख लिया जाता है)पानी कम समय तक टिकता है; कम लागत वाला विकल्प।
प्लास्टिक लाइनिंग फार्म पॉन्डतालाब की तली और किनारों पर 300 माइक्रोन (BIS मानक) प्लास्टिक शीट बिछाई जाती है।होती हैबहुत कम / न के बराबरपानी लंबे समय तक सुरक्षित और संचित रहता है।

किसानों को कितना अनुदान मिलता है?

अनुदान की राशि किसान की श्रेणी और तालाब के प्रकार पर निर्भर करती है :



किसान की श्रेणीकच्चा फार्म पॉन्ड (अनुदान)प्लास्टिक लाइनिंग फार्म पॉन्ड (अनुदान)
अ.जा. / अ.ज.जा. / लघु एवं सीमांत किसान70% या अधिकतम ₹73,50090% या अधिकतम ₹1,35,000
अन्य श्रेणी (सामान्य) किसान60% या अधिकतम ₹63,00080% या अधिकतम ₹1,20,000

ध्यान रखें: जो भी कम हो (लागत का प्रतिशत या निर्धारित अधिकतम राशि), वही अनुदान मिलेगा।



अनुदान पाने के लिए तालाब की न्यूनतम क्षमता कितनी होनी चाहिए?

न्यूनतम 400 घनमीटर क्षमता की खेत तलाई पर ही अनुदान देय है । इससे छोटे तालाब बनाने पर अनुदान नहीं मिलेगा। यह शर्त इसलिए रखी गई है ताकि तालाब में इतना पानी संचय हो सके कि सिंचाई में वास्तविक मदद मिल सके।



योजना के लिए पात्रता क्या है?

पात्रता की शर्तें इस प्रकार हैं :



किसान के स्वयं के नाम पर एक स्थान पर न्यूनतम 0.3 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि हो।



संयुक्त खातेदार की स्थिति में एक स्थान पर न्यूनतम 0.3 हेक्टेयर भूमि हो। सह खातेदार आपसी सहमति के आधार पर प्रति कृषक हिस्सा 0.3 हेक्टेयर से अधिक होने पर एक ही खसरे में अलग-अलग फार्म पॉन्ड बनाने पर अनुदान के हकदार होंगे ।



किसान का आधार कार्ड/जनाधार कार्ड होना आवश्यक है।



आवेदन कैसे करें?

आवेदन की प्रक्रिया बिल्कुल सरल और पूरी तरह ऑनलाइन है :



1. राज किसान साथी पोर्टल (rajkisan.rajasthan.gov.in) पर जाएं या नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाएं।



2. पोर्टल पर लॉगिन करें (जन आधार/SSO के माध्यम से)।



3. खेत तलाई योजना का फॉर्म चुनें।



4. आवश्यक दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें।



5. आवेदन जमा करने के बाद प्राप्ति रसीद ऑनलाइन ही मिल जाएगी।



Note- किसान स्वयं या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।



आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?

आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक हैं :



दस्तावेजविवरण / शर्त
आधार कार्ड / जनाधार कार्डपहचान और पते के प्रमाण हेतु
जमाबंदी की नकल6 माह से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए
खेत का नक्शाराजस्व विभाग द्वारा जारी (जिस खसरे में तालाब बनाना है)
शपथ पत्रसादे पेपर पर (सिंचित और असिंचित भूमि की घोषणा हेतु, यदि आवश्यक हो)

आवेदन के बाद आगे की प्रक्रिया क्या है?

आवेदन जमा करने के बाद :



1. कृषि विभाग द्वारा खेत तलाई निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जाएगी।



2. इसकी सूचना आपको मोबाइल संदेश या कृषि पर्यवेक्षक के माध्यम से मिलेगी।



3. खेत तलाई के निर्माण से पहले और बाद में विभाग द्वारा मौका निरीक्षण/सत्यापन किया जाएगा।



4. सत्यापन सही पाए जाने पर अनुदान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में जमा होगी।



क्या निर्माण सामग्री किसी खास दुकान से ही खरीदनी होगी?

नहीं, राजस्थान सरकार ने जुलाई 2026 में नियमों में बदलाव करते हुए यह अनिवार्यता हटा दी है कि किसान को कृषि विभाग में पंजीकृत फर्म से ही सामग्री खरीदनी होगी । अब किसान अपनी आवश्यकता और बजट के अनुसार किसी भी विश्वसनीय विक्रेता से सामग्री खरीद सकते हैं।



हालांकि, अनुदान का लाभ लेने के लिए कुछ दस्तावेज जरूरी हैं :



वैध BIS लाइसेंस



CML नंबर



GST बिल



स्टॉक एंट्री की प्रति



किसान और निर्माता/विक्रेता के बीच 500 रुपए के स्टांप पेपर पर अनुबंध



खरीदे गए उत्पाद पर चालू वित्तीय वर्ष का निर्माण वर्ष अंकित होना जरूरी



योजना का लाभ लेने के लिए और क्या ध्यान रखें?

फव्वारा या ड्रिप सिंचाई अनिवार्य: नव निर्मित खेत तलाई पर फव्वारा (Sprinkler) या ड्रिप (Drip) सिंचाई प्रणाली की स्थापना करना अनिवार्य है ।



खसरे की स्थिति: यदि आप संयुक्त खातेदार हैं, तो सह खातेदारों की आपसी सहमति से ही आवेदन करें।



वैधता: योजना चालू वित्तीय वर्ष के लिए वैध है। नए वित्तीय वर्ष में नए आवेदन स्वीकार किए जाते हैं।



योजना का लाभ लेने के बाद क्या फायदे मिलते हैं?

खेत तलाई बनने के बाद किसानों को कई प्रकार के लाभ मिलते हैं :



बारिश का पानी संचय: बहता हुआ बारिश का पानी खेत में ही रुक जाता है और सिंचाई के काम आता है।



भूजल स्तर में वृद्धि: तालाब के आसपास के कुओं और बोरवेल का जलस्तर बढ़ता है।



सिंचाई लागत में कमी: डीजल/बिजली से चलने वाले पंपों पर निर्भरता कम होती है।



फसल उत्पादन में वृद्धि: समय पर सिंचाई से फसल अच्छी होती है और आय बढ़ती है।



अतिरिक्त आय के अवसर: तालाब में मछली पालन और बत्तख पालन जैसे विकल्प भी अपनाए जा सकते हैं ।



तकनीकी समस्या होने पर कहां संपर्क करें?

खेत तलाई योजना से संबंधित किसी भी जानकारी या समस्या के लिए किसान निम्नलिखित स्तरों पर संपर्क कर सकते हैं :



स्तरसंपर्क अधिकारी
ग्राम पंचायत स्तरकृषि पर्यवेक्षक
पंचायत समिति स्तरसहायक कृषि अधिकारी
उप जिला स्तरसहायक निदेशक कृषि (विस्तार)
जिला स्तरउप निदेशक कृषि (विस्तार)

सारांश तालिका

विवरणजानकारी / विवरण
योजना का नामखेत तलाई योजना (फार्म पॉन्ड सब्सिडी)
उद्देश्यवर्षा जल का संचयन करके सिंचाई में उपयोग करना
अनुदान (कच्चा पॉन्ड)• SC/ST/लघु/सीमांत: 70% या अधिकतम ₹73,500• सामान्य श्रेणी: 60% या अधिकतम ₹63,000
अनुदान (प्लास्टिक लाइनिंग)• SC/ST/लघु/सीमांत: 90% या अधिकतम ₹1,35,000• सामान्य श्रेणी: 80% या अधिकतम ₹1,20,000
न्यूनतम क्षमता400 घनमीटर
न्यूनतम भूमि की शर्तन्यूनतम 0.3 हेक्टेयर कृषि भूमि (स्वयं के नाम पर)
आवेदन का माध्यमराज किसान साथी पोर्टल (Raj Kisan Saathi Portal) / ई-मित्र केंद्र
आवश्यक दस्तावेजआधार/जनाधार कार्ड, जमाबंदी की नकल (6 माह से अधिक पुरानी न हो), खेत का नक्शा
अनुदान वितरणसीधे किसान के बैंक खाते में (Direct Benefit Transfer - DBT)
वैधताचालू वित्तीय वर्ष हेतु

सुझाव: यदि आपके पास न्यूनतम 0.3 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है, तो इस योजना का लाभ अवश्य उठाएं। जमाबंदी की नकल 6 महीने से पुरानी न हो, यह सुनिश्चित करें। अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी कृषि पर्यवेक्षक या ई-मित्र केंद्र से संपर्क करें।



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