छत्तीसगढ़ में 104 आरोग्य सेवा पर संकट, फोन पर नहीं मिलेगी डॉक्टरी सलाह
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ में चल रही 104 आरोग्य सेवा हेल्पलाइन अब बंद होने की कगार पर पहुंच गई है। सरकार की तरफ से कंपनी को नया एक्सटेंशन नहीं दिया गया है। इसके बाद ठेका कंपनी ने अपने सभी कर्मचारियों को क्लोजर लेटर जारी कर दिया है। इस हेल्पलाइन पर हर दिन करीब 2500 कॉल्स के जरिए मरीजों से बातचीत होती थी। इस सेवा के बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
टेली-हेल्थ सेवा बंद होने की कगार पर
छत्तीसगढ़ के रायपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश में टेली-हेल्थ सेवाओं का सबसे बड़ा माध्यम रही 104 आरोग्य सेवा बंद होने वाली है। इस हेल्पलाइन के बंद होने से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है। दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोग इस सेवा का सबसे ज्यादा उपयोग करते थे।
सरकारी एक्सटेंशन न मिलने से बढ़ा संकट
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार साल 2022 से जेन प्लस (Zen Plus) कंपनी इस कॉल सेंटर का संचालन कर रही थी। कंपनी के साथ किया गया टेंडर अनुबंध अक्टूबर 2025 में ही समाप्त हो चुका था। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने कंपनी को मौखिक रूप से काम जारी रखने के लिए कहा था। लेकिन अधिकारियों ने आज तक इसका लिखित एक्सटेंशन जारी नहीं किया है।
बजट की कमी और क्लोजर लेटर
लिखित आदेश न मिलने के साथ ही कंपनी को पिछले कुछ महीनों से भुगतान भी नहीं हुआ है। पैसों की कमी के कारण अब कंपनी ने अपना काम समेटना शुरू कर दिया है। जेन प्लस कंपनी ने अपने सभी कर्मचारियों को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। इस पत्र में अनुबंध समाप्त होने की जानकारी दी गई है।
कंपनी ने कर्मचारियों को साफ बताया है कि यह नियुक्ति फिक्स्ड टर्म (Fixed Term) एग्रीमेंट के तहत थी। यह कार्रवाई किसी कर्मचारी के खराब प्रदर्शन या अनुशासनात्मक कारणों से नहीं की जा रही है। प्रोजेक्ट का समय आगे न बढ़ने के कारण ही कर्मचारियों की सेवा समाप्त की जा रही है।
रोजाना आते थे सैकड़ों फोन कॉल
इस हेल्पलाइन पर हर दिन औसतन 400 से 500 इनकमिंग कॉल आती थीं। लोग बीमारी के शुरुआती लक्षण और प्राथमिक उपचार की जानकारी लेते थे। दवाओं के सामान्य उपयोग और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी यहाँ से मिलती थी।
इसके अलावा हेल्पलाइन की टीम हर दिन करीब 2000 आउट-बाउंड कॉल भी करती थी। इन कॉल्स के माध्यम से अस्पताल से डिस्चार्ज हुए मरीजों का फॉलोअप लिया जाता था। इस तरह हर दिन करीब 2500 से अधिक लोगों को इस सेवा का सीधा लाभ मिल रहा था।
ग्रामीण इलाकों के मरीजों को होगी दिक्कत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस सेवा के बंद होने से गरीब मरीजों को भारी नुकसान होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्ग और गरीब लोग अस्पताल जाने से पहले फोन पर सलाह लेते थे। गर्भवती महिलाओं और आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को भी इससे मदद मिलती थी। अब इन सभी लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी सीधे अस्पताल के चक्कर काटने पड़ेंगे।
FAQ
- 104 आरोग्य सेवा क्या है?
A. 104 एक स्वास्थ्य हेल्पलाइन सेवा है, जिसके माध्यम से लोग फोन पर चिकित्सकीय सलाह और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ले सकते हैं। - भारत में टेलीमेडिसिन क्या होता है?
A. फोन या डिजिटल माध्यम से डॉक्टर और मरीज के बीच होने वाली चिकित्सा सलाह को टेलीमेडिसिन कहा जाता है। - टेली-कंसल्टेशन और अस्पताल में इलाज में क्या अंतर है?
A. टेली-कंसल्टेशन में फोन/ऑनलाइन माध्यम से सलाह दी जाती है, जबकि अस्पताल में मरीज की प्रत्यक्ष जांच होती है
यह खबरें भी पढ़ें...
रैंकिंग चमकाने का खेल: सीएम हेल्पलाइन में पुलिस ने खुद ही करा दीं शिकायतें
सीएम हेल्पलाइन में मंत्री गजेंद्र यादव की शिकायत, पोर्टल में ही अटक गई कम्प्लेंट
अब फोन पर नहीं मिलेगा डॉक्टर्स का अपॉइंटमेंट, बंद होगा एनएचए हेल्पलाइन नंबर
इंदौर जिला प्रशासन के राजस्व में बुरे हाल, सीएम हेल्पलाइन में भी ए से डी ग्रेड में पहुंचा