5 नए मेडिकल कॉलेजों को नहीं मिली एनएमसी मान्यता, स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल
छत्तीसगढ़ सरकार के मेडिकल शिक्षा विस्तार के बड़े दावों को बड़ा झटका लगा है। जिन 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को सरकार अपनी उपलब्धि बता रही थी, उन पर फिलहाल नेशनल मेडिकल कमीशन ने ब्रेक लगा दिया है। मामला सिर्फ अनुमति का नहीं है। सवाल सरकार की तैयारी और दावों की विश्वसनीयता पर भी खड़े हो गए हैं।
ढिंढोरा पीटा, लग गया ब्रेक
सरकार ने मनेंद्रगढ़, कुनकुरी, कवर्धा, जांजगीर-चांपा और गीदम में नए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। हर कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटें प्रस्तावित थीं। यानी कुल 250 नई सीटें बढ़ने वाली थीं। दावा था कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 10 से बढ़कर 15 हो जाएगी। लेकिन अब पूरा मामला एनएमसी की आपत्तियों में फंस गया है।
भौतिक सत्यापन से पहले अटकी फाइल
राज्य सरकार ने इन कॉलेजों के भौतिक सत्यापन के लिए NMC (National Medical Commission) को प्रस्ताव भेजा था। लेकिन एनएमसी ने आगे की प्रक्रिया पर फिलहाल सहमति नहीं दी। बताया जा रहा है कि दस्तावेजों में कई कमियां पाई गईं। अब सरकार 15 दिन के भीतर कमियां दूर कर नए सिरे से आवेदन करने की तैयारी में है।
स्वास्थ्य मंत्री के इलाकों को भी झटका
दिलचस्प बात यह है कि इन पांच कॉलेजों में दो कॉलेज ऐसे हैं जो राजनीतिक रूप से बेहद अहम माने जा रहे थे। मनेंद्रगढ़ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रभाव क्षेत्र में आता है। वहीं कुनकुरी मुख्यमंत्री का निर्वाचन क्षेत्र है। ऐसे में एनएमसी की आपत्ति ने राजनीतिक चर्चा भी तेज कर दी है।
50 बिस्तरों के अस्पताल, मेडिकल कॉलेज का सपना
कुनकुरी और मनेंद्रगढ़ को लेकर भी सवाल हैं। आरोप है कि महज 50 बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के भरोसे मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना बनाई गई। इसे स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए खतरनाक प्रयोग बताया जा रहा है।
बिना तैयारी भेज दिया प्रस्ताव?
पूरे मामले को सरकार की बड़ी नाकामी बताया जा रहा है। आरोप है कि मेडिकल कॉलेजों के निर्माण, स्थायी फैकल्टी और जरूरी संसाधनों की व्यवस्था किए बिना ही एनएमसी को अनुमति के लिए आवेदन भेज दिया गया।
संविदा भर्ती के भरोसे मेडिकल कॉलेज?’
बताया जा रहा है कि प्राध्यापक और चिकित्सकों की संविदा भर्ती प्रक्रिया अभी भी चल रही है। जबकि एनएमसी स्थायी शिक्षकों और पूर्ण संसाधनों के आधार पर अनुमति देता है। अधिष्ठाता और मेडिकल सुपरिटेंडेंट की नियुक्तियों में भी देरी हुई। ऐसे में अनुमति मिलना मुश्किल था।
अब इस्तीफे की मांग
मामले को लेकर कांग्रेस ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के इस्तीफे की मांग कर दी है। कांग्रेस के चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता का कहना है कि जनता को मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर सपने दिखाए गए। लेकिन जमीनी तैयारी अधूरी निकली। अब सवाल यह है कि 15 दिन में कमियां दूर होंगी या पांच मेडिकल कॉलेजों का सपना और लंबा खिंचेगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को इस्तीफा देना चाहिए।
FAQ
- छत्तीसगढ़ में कितने नए मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं?
छत्तीसगढ़ सरकार ने 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाने की योजना बनाई है। - छत्तीसगढ़ के किन मेडिकल कॉलेजों पर NMC ने आपत्ति जताई है?
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने मनेंद्रगढ़, कुनकुरी, कवर्धा, जांजगीर-चांपा और गीदम में प्रस्तावित पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े प्रस्तावों पर आपत्तियां जताई हैं। - NMC से मान्यता क्यों जरूरी है?
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की मान्यता के बिना कोई भी मेडिकल कॉलेज MBBS पाठ्यक्रम के लिए छात्रों को वैध डिग्री नहीं दे सकता। NMC मान्यता यह सुनिश्चित करती है कि कॉलेज में पर्याप्त फैकल्टी, सुविधाएँ और बुनियादी ढांचा हैं, जिससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे।
ये खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ में खुलेंगे 5 नए मेडिकल कॉलेज, लेकिन 50% पद अब भी खाली, NMC के निरिक्षण ने बढ़ाई चिंता
संकट में छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेज, लाखों के पैकेज पर भी नहीं मिले विशेषज्ञ डॉक्टर
20 ESIC मेडिकल कॉलेजों में 700 सीटें आरक्षित, 21 जून तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन!
सागर मेडिकल कॉलेज भर्ती: बिना परीक्षा सीधे इंटरव्यू से बनें प्रोफेसर, 15 जून लास्ट डेट