अडानी ने सरकार को बताया फेल, बच्चे पहले ABC न जानते थे अब IIT की कोचिंग

Arun Tiwari | Sept 13, 2026, 11:13 IST
अडानी के विज्ञापन से शिक्षा व्यवस्था पर राजनीति गरमाई
अडानी फाउंडेशन के विज्ञापन ने हसदेव में बुनियादी शिक्षा और IIT कोचिंग का दावा कर विवाद खड़ा कर दिया है। इससे 26 साल की सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे और सियासी घमासान छिड़ गया।

RAIPUR : छत्तीसगढ़ में एक बार की अजीत जोगी की सरकार, तीन बार रमन सिंह की सरकार, एक बार भूपेश बघेल की सरकार और अब विष्णुदेव की सरकार। इन सरकारों ने बच्चों को ABCD तक नहीं सिखाया, अब अडानी फाउंडेशन उन बच्चों को आईआईटी की कोचिंग दे रहा है। सरकार की शिक्षा पर हम सवाल नहीं उठा रहे, बल्कि ये बातें कह रहा है अडानी फाउंडेशन। दरअसल अडानी फाउंडेशन ने वीडियो और प्रिंट विज्ञापन जारी किया है जिसमें उसने शिक्षा के लिए अपने काम बताये हैं। अब अडानी के इस विज्ञापन पर सियासी बवाल मच गया है। एक तरफ हसदेव के जंगल के पेड़ काटने पर सवाल उठ रहे हैं तो दूसरी तरफ अडानी फाउंडेशन बच्चों को पढ़ाने का दावा कर अपनी उपलब्धियां बात रहा है।



अडानी के विज्ञापन पर बहस:

छत्तीसगढ़ के हसदेव इलाके में शिक्षा को लेकर अडानी फाउंडेशन की ओर से जारी एक विज्ञापन और वीडियो अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। वीडियो में बच्चों और शिक्षकों के माध्यम से इलाके में शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलाव को सामने रखा गया है। दावा किया गया है कि पहले बच्चों के लिए अच्छे स्कूलों की सुविधा नहीं थी, लेकिन अब उन्हें बेहतर शिक्षा के साथ IIT जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल रहा है।



अडानी फाउंडेशन की ओर से सोशल मीडिया पर जारी संदेश में एक शिक्षक के हवाले से हसदेव क्षेत्र की पुरानी स्थिति और वर्तमान में आए बदलाव को बताया गया है। फाउंडेशन का कहना है कि अब बच्चों को अपने घर के नजदीक बेहतर शिक्षा और IIT कोचिंग जैसी सुविधाएं मिल रही हैं।



संदेश में इसे बच्चों के बदलते सपनों और उनके बड़े लक्ष्य हासिल करने की क्षमता से जोड़ा गया है। विज्ञापन में बच्चों की बातचीत के जरिए जिस तरह “पहले ABCD नहीं, अब IIT की कोचिंग” का फर्क बताया गया है, उसने इस पूरे अभियान को राजनीतिक नजरिए से भी चर्चा में ला दिया है।



सवाल यह उठाया गया है कि किसी इलाके में बच्चों को बुनियादी शिक्षा तक हासिल करने में परेशानी थी और अब अडानी कंपनी IIT जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा दे रहा है। यानी विज्ञापन ने 26 साल की सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा दिए हैं।



अडानी फाउंडेशन के वीडियो:

वीडियो मूल रूप से अडानी फाउंडेशन का प्रचार अभियान है और उसमें संस्था द्वारा किए गए काम और उससे जुड़े लाभार्थियों की कहानी प्रस्तुत की गई है। इसमें कंपनी की उपलब्धि को बताया गया है।



अडानी फाउंडेशन की वेबसाइट के मुताबिक, उसका Adani Vidya Mandir Surguja भी छत्तीसगढ़ में संचालित है। फाउंडेशन का कहना है कि उसके स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने पर केंद्रित हैं।



संस्था अपनी शिक्षा व्यवस्था में फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी, व्यक्तिगत लर्निंग प्लान, STEM और अन्य आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का इस्तेमाल करने की बात भी कहती है।



विपक्ष का सवाल:

इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार से यह सवाल पूछ रहा है कि यदि राज्य के दूरस्थ और आदिवासी इलाकों में निजी कंपनियों के आने के बाद स्कूल, कोचिंग, स्वास्थ्य और दूसरी बुनियादी सुविधाओं में बड़ा बदलाव दिखाई देता है, तो सरकारी योजनाओं और संस्थानों का असर कितना हुआ।



सरकार ने छत्तीसगढ़ को अडानीगढ़ बना दिया, जो हसदेव के पेड़ काट रहा है वही अब सरकार को फेल बता रहा है। यही सवाल अब छत्तीसगढ़ की सियासत में अडानी फाउंडेशन के विज्ञापन को चर्चा का विषय बना रहा है।



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