उप सचिवों से लेकर अनुभाग अधिकारियों तक फेरबदल, कई विभागों का बदला समीकरण
छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बार फिर मंत्रालय के भीतर प्रशासनिक जमावट को नया आकार दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को दो अलग-अलग आदेश जारी कर राज्य प्रशासनिक सेवा के उप सचिवों और मंत्रालय के अनुभाग अधिकारियों के प्रभार में बदलाव कर दिया। छोटे दिखने वाले इस फेरबदल ने कई विभागों के भीतर नई प्रशासनिक लाइनें खींच दी हैं।
उप सचिवों की नई तैनाती, बढ़ा अतिरिक्त प्रभार
जारी आदेश के अनुसार राज्य प्रशासनिक सेवा के तीन उप सचिवों की पदस्थापना में बदलाव किया गया है। समाज कल्याण विभाग में पदस्थ रहे दुर्गेश वर्मा को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भेजा गया है। उप सचिव विपुल गुप्ता को उनके श्रम विभाग के साथ-साथ समाज कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि दोनों विभाग सीधे तौर पर ग्रामीण योजनाओं और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों से जुड़े हैं। ऐसे में एक अधिकारी के पास दोहरी जिम्मेदारी रहने वाली है।
श्रीकांत वर्मा के पास बरकरार रहा अहम दायित्व
राज्य प्रशासनिक सेवा के श्रीकांत वर्मा को उच्च शिक्षा के उप सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा गृह विभाग और जेल विभाग का अतिरिक्त प्रभार यथावत रखा गया है। सरकार ने इस स्तर पर कोई बड़ा बदलाव नहीं किया। इससे साफ संकेत है कि गृह और जेल विभाग में मौजूदा व्यवस्था पर सरकार फिलहाल भरोसा बनाए रखना चाहती है।
अनुभाग अधिकारियों के स्तर पर बदला समीकरण
जीएडी ने मंत्रालय के अनुभाग अधिकारियों के प्रभार में भी बदलाव किया है। सेक्शन ऑफिसर रमा दंडोतिया को ऊर्जा विभाग से हटाकर गृह विभाग के एनआरआई सेल में भेजा गया है। वहीं लीलाम्बर ओहदार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से सामान्य प्रशासन विभाग के कक्ष-3 में पदस्थ किया गया है।
दूसरी ओर शबीहा परवीन खान को उच्च शिक्षा विभाग से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भेजा गया है। जबकि मायादेवी साहू की पदस्थापना उच्च शिक्षा विभाग में ही यथावत रखी गई है।
तत्काल जॉइनिंग के निर्देश
सरकार ने आदेश में स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी अपनी नई पदस्थापना पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करेंगे। साथ ही कार्यभार ग्रहण करने की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग को भेजना अनिवार्य होगा।
छोटे आदेश, बड़े संकेत
मंत्रालय में जारी यह फेरबदल भले ही संख्या के लिहाज से छोटा दिखाई दे, लेकिन प्रशासनिक गलियारों में इसे आगामी बड़े बदलावों की भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। विभागों के बीच अधिकारियों की नई तैनाती से यह संकेत भी मिल रहा है कि सरकार प्रशासनिक मशीनरी को और ज्यादा चुस्त-दुरुस्त करने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में ऐसे और आदेश सामने आएं तो हैरानी नहीं होगी।
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