देशभर में राशन बांटने के नए तरीके पर केंद्र सरकार की मुहर, छत्तीसगढ़ में जल्द लागू के संकेत

VINAY VERMA | May 27, 2026, 21:33 IST
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केंद्र सरकार ने SARTHAK-PDS फेज-2 के लिए 25,530 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। योजना से राशन वितरण पारदर्शी और फर्जीवाड़े रहित होगा। AI और GPS से वाहनों व स्टॉक की रियल टाइम निगरानी होगी।

केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS को पूरी तरह टेक्नोलॉी आधारित बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने SARTHAK-PDS फेज-2 के लिए 25,530 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। सरकार का दावा है कि इस योजना से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी। योजना 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।



AI और GPS से होगी निगरानी

नई व्यवस्था में AI आधारित लाभार्थी रजिस्ट्री तैयार की जाएगी। राशन की ढुलाई करने वाले वाहनों पर GPS ट्रैकिंग रहेगी। हर स्टॉक और सप्लाई की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। QR कोड टैगिंग और डिजिटल ट्रैकिंग से यह पता लगाया जा सकेगा कि किस गोदाम से कितना अनाज निकला और किस दुकान तक पहुंचा। सरकार का मानना है कि इससे चोरी, कटौती और फर्जी एंट्री जैसी शिकायतें कम होंगी।



मुख्यमंत्री ने बताया ऐतिहासिक फैसला

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे गरीब कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सुशासन की दिशा में बड़ा कदम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों तक योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।



राशन दुकानों को भी मिलेगा फायदा

सरकार केवल तकनीक पर ही खर्च नहीं करेगी, बल्कि राशन दुकानों और परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत करेगी। राज्यों को राशन ढुलाई, हैंडलिंग और दुकानों के संचालन में बढ़ती लागत के लिए आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। उचित मूल्य दुकानों के डीलरों के पारिश्रमिक में बढ़ोतरी का भी प्रावधान रखा गया है। इससे गांव और शहरों में राशन दुकानों का संचालन आसान होने की उम्मीद है।



फर्जी हितग्राहियों पर कसेगा शिकंजा

सरकार का दावा है कि AI और मशीन लर्निंग की मदद से डुप्लीकेट और फर्जी लाभार्थियों की पहचान आसान होगी। इससे पात्र परिवारों तक समय पर राशन पहुंच सकेगा। ब्लॉकचेन और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी तकनीकों के जरिए डेटा सुरक्षित रखने और पारदर्शिता बढ़ाने की भी तैयारी है। इससे पूरे सिस्टम में जवाबदेही तय करना आसान होगा।



करोड़ों लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम यानी NFSA के तहत देश के करोड़ों लोग सस्ते राशन का लाभ लेते हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि SARTHAK-PDS फेज-2 से इन हितग्राहियों को अधिक भरोसेमंद और पारदर्शी व्यवस्था मिलेगी। राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ट्रैक होने से शिकायतों का निपटारा भी तेज हो सकेगा।



गरीब कल्याण पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला केवल राशन वितरण को आधुनिक बनाने का नहीं, बल्कि गरीबों के जीवन में भरोसा और सुविधा बढ़ाने का फैसला है।



FAQ

  1. SARTHAK-PDS फेज-2 क्या है?
    यह योजना सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह डिजिटल और AI आधारित बनाने का है।
  2. इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना, फर्जीवाड़ा रोकना और लाभार्थियों तक समय पर राशन पहुंचाना।
  3. तकनीकी सुधार कैसे होंगे?
    AI आधारित लाभार्थी रजिस्ट्री, GPS ट्रैकिंग, QR कोड टैगिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग लागू होंगे।
  4. राशन दुकानों को क्या फायदा होगा?
    ढुलाई और संचालन में आर्थिक सहयोग, बढ़ा पारिश्रमिक, और संचालन में आसानी।

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