सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो और BJP नेता के विवाद के बाद थाने में हंगामा, CSP से भिड़े भाजपा नेता
समझें क्या है पूरा मामला
- सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा आकांक्षा-धीरज विवाद
- घड़ी चौक पर आमने-सामने आए दोनों पक्ष
- धीरज सिंह को पुलिस वाहन से ले गई कोतवाली
- पुलिस कार्रवाई पर भाजपा नेताओं ने उठाए सवाल
- टीआई चेंबर में CSP से हुई तीखी नोकझोंक
आकांक्षा टोप्पो और उनके सहयोगी निजी वाहन से कोतवाली पहुंचे। इसके बाद भाजपा के दूसरे नेता भी थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए। इसी दौरान कोतवाली टीआई के चेंबर में भाजपा नेताओं और सीएसपी राहुल बंसल के बीच तीखी बहस हो गई।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि आकांक्षा टोप्पो सोशल मीडिया पर अलग-अलग राजनीतिक नेताओं को लेकर लगातार टिप्पणियां करती रही हैं। उनकी भाषा को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आने की बात कही गई है।
पिछले कुछ दिनों से भाजपा के सरगुजा जिला पदाधिकारी धीरज सिंह को लेकर भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा रहे थे। आरोप है कि कुछ पोस्ट में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। दूसरी तरफ धीरज सिंह के समर्थक भी सोशल मीडिया पर आकांक्षा टोप्पो के खिलाफ पोस्ट कर रहे थे। इसी वजह से दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता गया।
होटल के पास हुआ आमना-सामना
रविवार दोपहर अंबिकापुर के घड़ी चौक स्थित एक निजी होटल के पास आकांक्षा टोप्पो और धीरज सिंह आमने-सामने आ गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक दोनों पक्षों में पहले बहस हुई। इसके बाद मामला गाली-गलौज तक पहुंच गया।
मौके पर विवाद की जानकारी पुलिस को दी गई। कोतवाली पुलिस वहां पहुंची और धीरज सिंह को पुलिस वाहन में बैठाकर थाने ले गई। आकांक्षा टोप्पो और उनके साथ मौजूद वीडियोग्राफर निजी वाहन से थाने पहुंचे।
पुलिस के तरीके पर भाजपा नेताओं ने उठाए सवाल
धीरज सिंह को पुलिस वाहन में थाने ले जाने की जानकारी मिलने के बाद कई भाजपा नेता कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से सवाल किया कि जब दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था तो केवल धीरज सिंह को ही पुलिस वाहन से क्यों लाया गया। भाजपा नेताओं का कहना था कि आकांक्षा टोप्पो को भी पुलिस वाहन से थाने लाया जाना चाहिए था। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई।
CSP से हुई तीखी बहस
विवाद के दौरान कोतवाली टीआई के चेंबर में सीएसपी राहुल बंसल मौजूद थे। भाजपा नेता उनके सामने अपनी आपत्ति जता रहे थे। सीएसपी उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे थे।
इसी दौरान बातचीत का माहौल गर्म हो गया। भाजपा नेताओं और सीएसपी के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। बहस के दौरान भाजपा नेताओं की ओर से पुलिस कार्रवाई पर कड़े सवाल उठाए गए। मामला इतना बढ़ा कि थाने के अंदर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। पुलिस अधिकारी दोनों पक्षों को शांत कराने और स्थिति संभालने की कोशिश करते रहे।
पहले भी शिकायतों की बात आई सामने
आकांक्षा टोप्पो की सोशल मीडिया टिप्पणियों को लेकर पहले भी शिकायतें होने की बात सामने आई है। आरोप लगाने वालों का कहना है कि उनकी पोस्ट में कई बार अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता है।
फिलहाल ताजा विवाद में पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। दोनों पक्षों की ओर से क्या शिकायत दी गई और आगे क्या कार्रवाई होगी, यह पुलिस की जांच के बाद स्पष्ट होगा।
FAQ
- आकांक्षा टोप्पो और धीरज सिंह के बीच विवाद कैसे शुरू हुआ था?
विवाद सोशल मीडिया पर आकांक्षा टोप्पो द्वारा राजनीतिक नेताओं के खिलाफ किए गए आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण शुरू हुआ। धीरज सिंह के समर्थकों ने भी उनके खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट किए, जिससे मामला बढ़ गया। - पुलिस ने धीरज सिंह को कोतवाली क्यों लाया ?
मामले की जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस ने धीरज सिंह को सार्वजनिक स्थान पर हुए विवाद के बाद पुलिस वाहन में बैठाकर थाने ले गया, जबकि आकांक्षा टोप्पो अपने साथी वीडियोग्राफर के साथ निजी वाहन से थाने गईं। - भाजपा नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर क्यों सवाल उठाए?
भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया कि जब विवाद में दोनों पक्ष शामिल थे, तो सिर्फ धीरज सिंह को ही पुलिस वाहन से थाने क्यों ले जाया गया, और उन्होंने आकांक्षा टोप्पो को भी इसी तरह पुलिस द्वारा ले जाने की मांग की।