सामने दिखता तो गाड़ देता, भाजपा नेता अजय के बिगड़े बोल, कांग्रेस बोली मानसिक संतुलन खो चुके हैं चंद्राकर

Umeshwari Baghel | Oct 03, 2026, 14:58 IST
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अजय चंद्राकर के वायरल बयान पर कांग्रेस का पलटवार<br>
अजय चंद्राकर के वायरल बयान पर कांग्रेस का पलटवार

छत्तीसगढ़ में किसानों और सिंचाई के मुद्दे पर शुरू हुई एक बातचीत अब राजनीतिक विवाद में बदल गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह किसानों के बीच एक अधिकारी के रवैये पर नाराजगी जताते दिखाई दे रहे हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

इसी दौरान उनकी ओर से अधिकारी को लेकर कही गई एक टिप्पणी पर कांग्रेसने सवाल उठाए हैं। वायरल वीडियो में अजय चंद्राकर कथित तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं कि अगर संबंधित अधिकारी सामने दिखाई देता तो उसे गाड़ देते। यह टिप्पणी सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा और अजय चंद्राकर दोनों को निशाने पर लिया है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने बयान की भाषा पर आपत्ति जताई है।

हालांकि वायरल वीडियो किस पूरे घटनाक्रम के दौरान रिकॉर्ड किया गया और उससे पहले क्या बातचीत हुई थी, इसे लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मामला धान की फसल के लिए बांध से पानी छोड़ने की किसानों की मांग से जुड़ा बताया जा रहा है।

किसानों के बीच अधिकारियों के रवैये पर हुई चर्चा

जानकारी के मुताबिक अजय चंद्राकर किसानों और ग्रामीणों के बीच बैठे हुए सिंचाई से जुड़े मुद्दे पर बातचीत कर रहे थे। किसानों की चिंता धान की फसल को लेकर थी। बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर बांध से पानी छोड़ने की मांग की गई थी।

छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला: देवेंद्र यादव को ईओडब्ल्यू का नोटिस, सीक्रेट डायरी में आया था नाम
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कोल लेवी घोटाला मामले में विधायक देवेंद्र यादव को नोटिस मिला है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने उन्हें 5 अक्टूबर को पेश होने को कहा है। समय सुबह 10.30 बजे और जगह रायपुर विशेष अदालत है। मामला करीब 540 करोड़ रुपए की कथित अवैध वसूली का है। यादव ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। जांच पूरी कर एजेंसी आरोप पत्र पेश करेगी।
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इसी बातचीत के दौरान किसी अधिकारी की टिप्पणी का जिक्र सामने आया। कथित तौर पर ग्रामीणों की मांग या आंदोलन को अधिकारी ने "नेतागिरी" जैसी टिप्पणी से जोड़ दिया था। वायरल वीडियो में अजय चंद्राकर इसी बात पर नाराजगी जताते दिखाई दे रहे हैं।

बातचीत के दौरान उन्होंने अधिकारी को लेकर सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया। यही हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद मामला किसानों की समस्या से आगे बढ़कर नेताओं की भाषा और सार्वजनिक व्यवहार की बहस में बदल गया।

कांग्रेस ने बयान को लेकर उठाए सवाल

वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने अजय चंद्राकर के बयान पर हमला बोला है। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि अजय चंद्राकर लगातार ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो एक वरिष्ठ नेता के लिए उचित नहीं है। शुक्ला ने कहा कि भाजपा नेतृत्व को भी इस मामले को गंभीरता से देखना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अजय चंद्राकर के इस तरह के बयान पहले भी चर्चा में रहे हैं।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में लंबे समय से सक्रिय नेताओं से संयमित भाषा की उम्मीद की जाती है। उनके मुताबिक राजनीतिक मतभेद अलग बात हैं, लेकिन किसी अधिकारी या दूसरे व्यक्ति के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

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छत्तीसगढ़ के आईपीएस अधिकारी रतन लाल डांगी से जुड़े मामले में अब जांच का नया दौर शुरू हो सकता है। एक महिला की शिकायत से जुड़े इस मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने गृह सचिव और पुलिस मुख्यालय से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता महिला ने पुरानी जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। इसी वजह से अब दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों से आगे की जांच कराने की प्रक्रिया चल रही है।
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थोड़ा आराम करें, कांग्रेस नेता का तंज

सुशील आनंद शुक्ला ने अपने बयान में अजय चंद्राकर पर व्यक्तिगत और राजनीतिक तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि कई बार परिस्थितियां ठीक नहीं रहतीं और व्यक्ति को आराम की जरूरत होती है।

शुक्ला ने अजय चंद्राकर को एम्स जाकर मानसिक जांच कराने की सलाह भी दी। यह कांग्रेस नेता की राजनीतिक टिप्पणी है, किसी चिकित्सकीय निष्कर्ष पर आधारित जानकारी नहीं है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अजय चंद्राकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। ऐसे में उनके बयान का असर कार्यकर्ताओं और राजनीतिक माहौल पर भी पड़ता है।

मंत्रिमंडल से बाहर रहने पर भी कांग्रेस ने साधा निशाना

कांग्रेस ने इस विवाद को अजय चंद्राकर की मौजूदा राजनीतिक भूमिका से भी जोड़ने की कोशिश की है। सुशील आनंद शुक्ला ने दावा किया कि मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने के कारण अजय चंद्राकर निराश हैं।

यह कांग्रेस की राजनीतिक प्रतिक्रिया है। इस दावे पर अजय चंद्राकर या भाजपा की ओर से कोई विस्तृत जवाब उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।

अजय चंद्राकर इससे पहले छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री रह चुके हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में उनकी गिनती होती है। मौजूदा समय में वह कुरुद विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।

किसान और पानी का मुद्दा पीछे छूटा

पूरे विवाद के बीच किसानों का मूल मुद्दा भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि किसान धान की फसल बचाने के लिए सिंचाई के पानी की मांग कर रहे थे।

धान की फसल के लिए समय पर पानी नहीं मिलने पर उत्पादन प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी वजह से कई इलाकों में किसान स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग से पानी छोड़ने की मांग करते हैं।

अजय चंद्राकर भी किसानों के बीच इसी समस्या पर बातचीत कर रहे थे। लेकिन वायरल वीडियो में अधिकारी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद पूरा मामला राजनीतिक बयानबाजी की ओर चला गया।

भाजपा की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार

वायरल वीडियो पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद अब भाजपा की ओर से विस्तृत जवाब का इंतजार है। यह भी साफ होना बाकी है कि वीडियो किस तारीख का है और बातचीत का पूरा संदर्भ क्या था।

अजय चंद्राकर की ओर से यदि वायरल वीडियो या उसमें कही गई बात पर कोई स्पष्टीकरण आता है, तो पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और साफ हो सकती है।

फिलहाल वीडियो के वायरल होने से छत्तीसगढ़ में एक बार फिर नेताओं की भाषा को लेकर बहस तेज हो गई है। एक तरफ भाजपा नेता की नाराजगी को किसानों और अधिकारियों के बीच चल रहे विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी तरफ कांग्रेस इसे राजनीतिक मर्यादा और सार्वजनिक भाषा का मुद्दा बना रही है।

अब यह मामला केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रह गया है। किसानों की पानी की मांग, प्रशासनिक रवैया और नेताओं की बयानबाजी तीनों ही इस विवाद के केंद्र में आ गए हैं।
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