सुप्रीम कोर्ट का आदेश : सभी इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर बंद , अब सिर्फ डायल 112

Aishwarya Dwivedi | Jun 28, 2026, 11:19 IST
सभी इमरजेंसी नंबर 112 में मिलाए गए
छत्तीसगढ़ में 100, 101 और 108 जैसे सभी इमरजेंसी नंबर बंद होंगे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अब हर आपातकालीन स्थिति के लिए केवल 'डायल 112' काम करेगा।

समझें क्या है पूरा मामला

देश और छत्तीसगढ़ में जल्द ही सभी इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर बंद होने जा रहे हैं। अब हर तरह के संकट में मदद के लिए सिर्फ डायल 112 काम करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए सभी राज्यों को तीन महीने का समय दिया है। अदालत ने पुलिस, फायर और मेडिकल जैसी सेवाओं को एक करने का आदेश दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस आदेश के बाद अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।



तीन महीने में बदलेगा सिस्टम

छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए एक बहुत बड़ी और जरूरी खबर सामने आई है। अब आपको मुसीबत के समय अलग-अलग नंबर याद रखने की जरूरत नहीं होगी। पुलिस के लिए 100, फायर ब्रिगेड के लिए 101 और एम्बुलेंस के लिए 108 नंबर जल्द ही बंद हो जाएंगे। इन सभी आपातकालीन सेवाओं को अब केवल एक ही नंबर यानी डायल 112 में मिला दिया जाएगा।



सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इसके लिए कड़ा निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि अगले तीन महीनों के भीतर सभी पुराने इमरजेंसी नंबरों को डायल 112 में मर्ज कर दिया जाए। इसके साथ ही अदालत ने सभी राज्य सरकारों से इस कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।



छत्तीसगढ़ सरकार ने तेज की तैयारियां

सुप्रीम कोर्ट के इस बड़े आदेश के बाद छत्तीसगढ़ में भी प्रशासनिक हलचल काफी तेज हो गई है। हाल ही में राज्य के गृह विभाग के बड़े अधिकारियों ने इस विषय पर एक महत्वपूर्ण बैठक की है। इस बैठक में डायल 112 के भीतर सभी इमरजेंसी कॉल्स को जोड़ने पर गंभीर चर्चा हुई। इसके लिए अब एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है।



छत्तीसगढ़ राज्य में फिलहाल डायल 112 की लगभग 400 गाड़ियां सड़कों पर चल रही हैं। इसके साथ ही मेडिकल इमरजेंसी के लिए 108 सेवा की करीब 375 गाड़ियां मौजूद हैं। अब इन सभी गाड़ियों और सेवाओं को एक ही कमांड सेंटर के जरिए नियंत्रित किया जाएगा। इससे लोगों को मदद मिलने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।



सभी इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर बंद


समय की बचत के लिए उठाया कदम

वर्तमान व्यवस्था में जब कोई व्यक्ति संकट के समय डायल 112 पर फोन करता है, तो कॉल सेंटर सबसे पहले उसकी लोकेशन और घटना की जानकारी नोट करता है। इसके बाद अगर मामला मेडिकल इमरजेंसी का होता है, तो जानकारी 108 एम्बुलेंस सेवा को भेजी जाती है। वहीं आग लगने की स्थिति में सूचना अलग से फायर ब्रिगेड विभाग को ट्रांसफर की जाती है।



इस पुरानी प्रक्रिया में एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम तक सूचना भेजने में काफी समय बर्बाद होता है। कई बार तकनीकी दिक्कतों के कारण सही समय पर मदद नहीं पहुंच पाती है। अब इस देरी और समय के नुकसान को पूरी तरह खत्म करने के लिए सरकार सभी आपातकालीन सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ला रही है।



पुराना सिस्टम बदल रहा है

राज्य में कई अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर होने की वजह से आम जनता के बीच अक्सर भ्रम की स्थिति बनी रहती है। कम पढ़े-लिखे लोगों को यह समझ नहीं आता कि किस संकट में कौन सा नंबर घुमाना है। नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य इस भ्रम को दूर करना और पुलिस की प्रतिक्रिया के समय को घटाना है।



छत्तीसगढ़ का डायल 112 सिस्टम अभी भी बहुत सक्रियता से काम कर रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस समय छत्तीसगढ़ में डायल 112 पर हर दिन करीब 10 हजार कॉल आ रहे हैं। 20 मई से 16 जून 2026 के बीच ही इस हेल्पलाइन पर 3 लाख 6 हजार 264 कॉल अटेंड किए जा चुके हैं।



सुप्रीम कोर्ट के अन्य बड़े निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने केवल नंबर बदलने का आदेश नहीं दिया है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को लेकर भी कई गाइडलाइंस जारी की हैं। कोर्ट ने कहा है कि सड़क हादसे में घायल लोगों को कैशलेस इलाज मिलना चाहिए। इसके साथ ही मददगार लोगों की सुरक्षा के लिए 'गुड सेमेरिटन' सुरक्षा तंत्र को भी सख्ती से लागू किया जाए।



अदालत ने आदेश दिया है कि देश की सभी एम्बुलेंस में जीपीएस (GPS – Global Positioning System) और वीएलटीडी (VLTD – Vehicle Location Tracking Device) लगाना अनिवार्य होगा। आपातकालीन सेवाओं में काम करने वाले पैरामेडिक्स को भी अब खास और मानकीकृत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा अस्पतालों की ग्रेडिंग भी की जाएगी।



FAQ

  1. क्या छत्तीसगढ़ में अब 100 और 108 नंबर पूरी तरह बंद हो जाएंगे?
    उत्तर: हां, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अगले तीन महीनों में 100, 108 और 101 जैसे सभी पुराने नंबर बंद हो जाएंगे। अब इन सभी सेवाओं के लिए सिर्फ एक नंबर 112 काम करेगा।
  2. डायल 112 पर कॉल करने से क्या-क्या मदद मिलेगी?
    उत्तर: डायल 112 पर कॉल करने से आपको पुलिस सहायता, एम्बुलेंस सेवा और फायर ब्रिगेड की मदद एक ही जगह से तुरंत मिल जाएगी।
  3. एम्बुलेंस के लिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या नया नियम बनाया है?
    उत्तर: सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी एम्बुलेंस में जीपीएस और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य होगा। इससे एम्बुलेंस की लाइव लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी।

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