सीएम साय के दौरे का असर; 114 बंगलादेशी परिवारों ने बना ली थी अवैध बस्ती, कलेक्टर ने चलवाया बुलडोजर!

Umeshwari Baghel | May 08, 2026, 17:15 IST
ambikapur-forest-land-encroachment-bulldozer-action-cm-vishu-deo-sai
अंबिकापुर में बंगलादेशी मुसलमानों ने संरक्षित वन भूमि पर 200 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा किया था। इस कब्जे के दौरान उन्होंने पक्के मकान बनाए और खेती भी शुरू की। यह कब्जा पिछले दस वर्षों से जारी था, और प्रशासन की लापरवाही के कारण यह बढ़ता गया।

NEWS IN SHORT

  • अंबिकापुर में अवैध कब्जे पर प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
  • बंगलादेशी मुसलमानों ने कब्जाया रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र
  • मुख्यमंत्री के आदेश के बाद बुलडोजर से हटाई गई बस्तियां
  • अवैध कब्जे की शिकायत पर स्थानीय नेताओं का कदम
  • 200 एकड़ वन भूमि पर कब्जे को लेकर प्रशासन की सख्ती

NEWS IN DETAIL

Ambikapur। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। इस मामले में बंगलादेशी मुसलमानों ने संरक्षित वन भूमि पर कब्जा कर लिया था। यह कब्जा पिछले दस वर्षों से चल रहा था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है।



संरक्षित वन भूमि पर कब्जा

अंबिकापुर शहर से महज पांच किलोमीटर दूर स्थित महामाया पहाड़ के रिजर्व फारेस्ट क्षेत्र में 200 एकड़ भूमि पर बंगलादेशी मुसलमानों द्वारा कब्जा किया गया था। इस भूमि पर पक्के मकान बनाने के साथ-साथ खेती भी की जा रही थी। यह इलाके के कक्ष क्रमांक 2581 और 2582 में हुआ था। इस क्षेत्र में बंगलादेशी मुसलमानों की बस्ती बसने की शिकायत पहले ही दर्ज कराई जा चुकी थी।



बीते दस वर्षों से कब्जा

यह कब्जा कांग्रेस सरकार के दौरान बढ़ा था, जब स्थानीय नेताओं और प्रशासन के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से यह खेल चलता रहा। भाजपा के पार्षद आलोक दुबे ने मुख्यमंत्री से इस मामले की शिकायत की और मामले की गंभीरता को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।



पार्षद ने मुख्यमंत्री से की शिकायत

पार्षद आलोक दुबे ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखित शिकायत भेजी थी, जिसमें उन्होंने अवैध कब्जे पर कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में वन विभाग और कलेक्टर की लापरवाही के कारण अतिक्रमणकर्ताओं को बेदखल नहीं किया गया।



मुख्यमंत्री ने दी कार्रवाई के निर्देश

सीएम के हस्तक्षेप के बाद, जिला प्रशासन ने अवैध कब्जे को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई शुरू की है। आज शुक्रवार सुबह से प्रशासन के अधिकारी जैसे एसडीएम, तहसीलदार, और डीएफओ के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाने का कार्य चल रहा है। पुलिस बल की भी तैनाती की गई है ताकि विवाद से बचा जा सके।



किसी की मदद से बनवाए थे पक्के मकान

बंगलादेशी मुसलमानों ने इस 200 एकड़ भूमि पर सिर्फ पक्के मकान नहीं बनाए, बल्कि खेती भी शुरू कर दी थी। यह काम उन्होंने बिना किसी सरकारी अनुमति के किया था। जब स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से कोई मदद नहीं मिली, तो यह कब्जा बढ़ता चला गया।



अब क्या होगा?

अब प्रशासन ने अवैध कब्जे को हटाने की दिशा में कदम उठाए हैं और इस कार्रवाई से इलाके में हलचल मची हुई है। मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन की तात्कालिक कार्रवाई को देखकर स्थानीय लोग भी संतुष्ट दिखाई दे रहे हैं, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या प्रशासन पहले ही इतनी लापरवाही नहीं कर सकता था।



अधिकारियों पर गिरी गाज

पार्षद आलोक दुबे ने यह भी मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने विशेष रूप से डीएफओ अभिषेक जोगावत की लापरवाही की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनकी वजह से अतिक्रमणकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी।



संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन

सीएम ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को तेज किया जाए।



सुरक्षित वन भूमि को पुनः प्राप्त करने की दिशा में कदम

यह घटना इस बात का संकेत देती है कि प्रशासन को और अधिक सतर्क रहना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अंबिकापुर के नागरिकों का मानना है कि इस कदम से स्थानीय पर्यावरण को भी सुरक्षा मिलेगी।



279


निष्कर्ष

अंबिकापुर के इस मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन ने जरूरी कदम उठाए हैं। अब यह देखना होगा कि यह कार्रवाई कितनी प्रभावी होती है और क्या इससे स्थानीय नागरिकों का विश्वास प्रशासन पर बहाल हो पाता है।



यह खबरें भी पढ़े...

सीएम साय ने कहा खड़गे ने मर्यादा की सीमा लांघी, भूपेश बोले मोदी से आतंकित हैं बीजेपी के नेता



अंबिकापुर भीषण सड़क हादसा, ट्रक की टक्कर से कार के उड़े परखच्चे; एक ही परिवार के 3 लोगों की दर्दनाक मौत



फरहदा और नवा रायपुर में सरकारी जमीनों पर अवैध प्लॉटिंग; 500 एकड़ पर कब्जा, अब सीमांकन के बाद चलेगा बुलडोजर



वक्फ संपत्तियों पर सर्जिकल स्ट्राइक; 5000 करोड़ के घोटाले की होगी CBI जांच, अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप



Tags:
  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
  • अवैध कब्जा
  • अंबिकापुर
  • बुलडोजर
  • सीएम साय