गिरफ्तारी देने निकले विधायक रामकुमार टोप्पो, समर्थकों ने सड़क पर लेटकर रोका

Harrison Masih | May 29, 2026, 20:29 IST
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अंबिकापुर में भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार के बीच विवाद ने बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। FIR दर्ज होने के बाद विधायक खुद गिरफ्तारी देने अंबिकापुर जा रहे थे, लेकिन बतौली में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सड़क पर लेटकर उन्हें रोक लिया।

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर और सरगुजा संभाग में भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार के बीच कथित मारपीट विवाद अब बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा बन गया है। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो शुक्रवार को खुद गिरफ्तारी देने अंबिकापुर जा रहे थे, लेकिन बतौली में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोक लिया।



कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए और विधायक से गिरफ्तारी नहीं देने की अपील करने लगे। इसके बाद विधायक मंगारी से वापस सीतापुर लौट गए। फिलहाल उन्होंने गिरफ्तारी नहीं दी है।



इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रदेशभर के 500 से ज्यादा तहसीलदार और राजस्व अधिकारी हड़ताल पर चले गए हैं। अधिकारियों की मांग है कि विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। हड़ताल के चलते रायपुर, रायगढ़, सरगुजा समेत कई जिलों में राजस्व कामकाज प्रभावित हुआ है।



क्या है पूरा मामला?

मामले की शुरुआत सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित राजापुर उप तहसील कार्यालय से हुई। जानकारी के मुताबिक विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन सीमा धनकी ने जमीन संबंधी शाख शोध पत्र बनवाने के लिए 14 मई को आवेदन जमा किया था।



सीमा धनकी का आरोप है कि कई दिनों तक उन्हें कार्यालय के चक्कर कटवाए गए। बुधवार 27 मई को वे फिर उप तहसील कार्यालय पहुंचीं। उनका कहना है कि जब उन्होंने नायब तहसीलदार तुषार मानिक से फाइल पर हस्ताक्षर करने को कहा, तो अधिकारी भड़क गए और कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया।



महिला का आरोप है कि नायब तहसीलदार ने कहा - “तुम होती कौन हो हस्ताक्षर करने के लिए कहने वाली? जाकर मैनपाट में हस्ताक्षर करा लो।”



सीमा धनकी ने यह जानकारी विधायक रामकुमार टोप्पो को दी। इसके बाद विधायक समर्थक उप तहसील कार्यालय पहुंच गए।



विधायक और समर्थकों ने की मारपीट

नायब तहसीलदार तुषार मानिक का आरोप है कि शाम करीब 6 बजे विधायक रामकुमार टोप्पो ने उन्हें वापस राजापुर बुलाया। वे एसडीएम फागेश सिन्हा के साथ वहां पहुंचे।



तुषार मानिक के मुताबिक विधायक ने अपनी बहन से अभद्रता के आरोप को लेकर सवाल किया। उन्होंने जवाब दिया कि अभद्रता नहीं हुई और महिला को अगले दिन आने के लिए कहा गया था। अधिकारी का आरोप है कि इतना कहते ही विधायक समर्थकों ने मारपीट शुरू कर दी।



उन्होंने दावा किया कि विधायक रामकुमार टोप्पो ने भी उन्हें किनारे बुलाकर पीटा। बीच-बचाव के लिए एसडीएम फागेश सिन्हा आगे आए और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।



विधायक बोले- खुद गिरफ्तारी दूंगा

FIR दर्ज होने के बाद विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि वे खुद गिरफ्तारी देने जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह “सुशासन की सरकार” है और उनके खिलाफ FIR दर्ज होने में भी कोई परेशानी नहीं हुई।



विधायक ने अपने समर्थकों से अपील की कि किसी तरह की भीड़ या तनाव की स्थिति न बनाएं। हालांकि अंबिकापुर जाते समय बतौली में समर्थकों ने उन्हें रोक लिया।



कौन-कौन सी धाराएं लगीं?

इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर FIR दर्ज की गई है।



विधायक और समर्थकों पर लगी धाराएं:

नायब तहसीलदार की शिकायत पर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो समेत 10 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। इनमें शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट से जुड़ी धाराएं BNS 221 और 191 शामिल हैं।



नायब तहसीलदार पर दर्ज मामला:

विधायक की बहन सीमा धनकी की शिकायत पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक पर महिलाओं से जुड़े अपराध, सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता और आपराधिक धमकी की धाराओं BNS 79, 296 और 351 के तहत केस दर्ज किया गया है।



तहसीलदारों की हड़ताल से प्रभावित हुआ कामकाज

राजस्व अधिकारियों ने विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू कर दी है। इससे कई जिलों में नामांतरण, सीमांकन, रजिस्ट्री, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र जैसे काम प्रभावित हुए हैं।



अधिकारियों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों द्वारा अधिकारियों के साथ मारपीट की घटनाओं पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होगी।



कांग्रेस का हमला, बीजेपी का बचाव

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस घटना को “भाजपाइयों की गुंडागर्दी” बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास जनता तक योजनाएं पहुंचाने का कोई रोडमैप नहीं है, इसलिए अधिकारी दबाव में काम कर रहे हैं।



पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने भी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुने हुए प्रतिनिधि मनमानी नहीं कर सकते। वहीं भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो लगातार खुद को निर्दोष बता रहे हैं और कह रहे हैं कि कानून अपना काम करे।



राजनीतिक और प्रशासनिक असर

यह मामला अब सिर्फ एक मारपीट विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। यह प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा, जनप्रतिनिधियों के व्यवहार और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल बनता जा रहा है।



सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती है- एक तरफ राजस्व अधिकारियों की हड़ताल खत्म कराना और दूसरी तरफ राजनीतिक दबाव के बीच निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करना।



FAQ

  1. रामकुमार टोप्पो कौन हैं?
    रामकुमार टोप्पो छत्तीसगढ़ के सीतापुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं।
  2. विधायक रामकुमार टोप्पो पर क्या आरोप है?
    उन पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप है।
  3. तहसीलदार हड़ताल पर क्यों हैं?
    राजस्व अधिकारी विधायक और समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हड़ताल पर गए हैं।

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