8 महीने बाद जेल से बाहर आए अमित बघेल, समर्थकों ने रैली निकालकर मनाया जश्न

Harrison Masih | Jul 23, 2026, 09:45 IST
जेल से बाहर आए अमित बघेल 2026
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के सुप्रीमो अमित बघेल सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सेंट्रल जेल से रिहा हो गए। रिहाई के बाद समर्थकों ने जेल से घड़ी चौक तक रैली निकाली और जोरदार स्वागत किया।

समझें क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल बुधवार को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हुए। वे जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के सुप्रीमो भी हैं। उन्हें बलौदाबाजार हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट से 17 जुलाई को जमानत मिली थी। रिहाई के बाद समर्थकों ने जेल से घड़ी चौक तक रैली निकाली। अदालत की शर्त के तहत उन्हें करीब तीन महीने रायपुर जिले से बाहर रहना होगा।



अमित बघेल के जेल से बाहर आने की खबर मिलते ही उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखा गया। जेल के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक पहले से मौजूद थे।



रिहाई के बाद समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान आतिशबाजी भी की गई। छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के कई नेता और कार्यकर्ता इस मौके पर मौजूद रहे।



जेल से घड़ी चौक तक निकली रैली

अमित बघेल के बाहर आते ही समर्थकों ने रैली की शक्ल में जश्न मनाया। यह रैली रायपुर सेंट्रल जेल से शुरू होकर घड़ी चौक तक पहुंची।



रैली में शामिल कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और अपने नेता का उत्साह से स्वागत किया। इस दौरान इलाके में खासी चहल-पहल देखने को मिली।



कई महीनों से जेल में थे बघेल

अमित बघेल बलौदाबाजार हिंसा मामले में पिछले कई महीनों से जेल में बंद थे। उन्हें 17 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली।



अदालत ने जमानत के साथ कुछ शर्तें भी तय की हैं। इनके तहत उन्हें करीब तीन महीने तक रायपुर जिले से बाहर रहना होगा।



Baloda Bazar violence


जानिए क्या था बलौदाबाजार हिंसा का मामला

यह मामला बलौदाबाजार के दशहरा मैदान से जुड़ा है। 10 जून 2024 को यहां जैतखाम में तोड़फोड़ को लेकर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए थे।



आरोप है कि वहां छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के पदाधिकारियों ने मंच से भड़काऊ भाषण देकर भीड़ को उग्र कर दिया। इसके बाद हिंसक हुई भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़ते हुए कलेक्टोरेट और एसपी कार्यालय परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की।



आगजनी में जले सैकड़ों वाहन

इस हिंसा के दौरान सैकड़ों वाहनों में आग लगा दी गई थी। आरोप है कि कलेक्टोरेट भवन को भी आग के हवाले कर दिया गया।



बीच-बचाव कर रहे और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों पर लाठियों, पत्थरों और लोहे की रॉड से हमला किया गया। इस हमले में कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसी मामले में अमित बघेल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।



अब आगे क्या

अमित बघेल को जमानत तो मिल गई है, लेकिन अदालत की शर्तों का पालन करना उनके लिए जरूरी होगा। अगले तीन महीने वे रायपुर जिले में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।



बलौदाबाजार हिंसा मामले की सुनवाई अभी अदालत में जारी है। आने वाले समय में इस केस में आगे की कार्यवाही पर सबकी नजर रहेगी।



FAQ

  1. बलौदाबाजार हिंसा मामला क्या है?
    10 जून 2024 को बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में जैतखाम तोड़फोड़ के विरोध में प्रदर्शन हुआ था। आरोप है कि प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें कलेक्टोरेट और एसपी कार्यालय में तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस पर हमला किया गया।
  2. अमित बघेल की जमानत की शर्तें क्या हैं?
    सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए शर्त रखी है कि अमित बघेल करीब तीन महीने तक रायपुर जिले में प्रवेश नहीं करेंगे और अदालत द्वारा तय अन्य शर्तों का पालन करेंगे।


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