अमित जोगी ने उठाया सवाल, बापू के हत्यारे को सुना गया तो मुझे क्यों बिना सुने सूली पर चढ़ा दिया
Raipur. छत्तीसगढ़ के रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने अमित जोगी को उम्र कैद की सज़ा सुनाई है। अमित जोगी ने अदालत के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। जोगी ने कहा कि महात्मा गांधी के हत्यारे को सुना गया तो मुझे क्यों बिना सुने सूली पर चढ़ा दिया गया।
अमित जोगी का एक्स पर पोस्ट:
सुप्रीम कोर्ट पहुंचे जोगी :
पूर्व सीएम के पुत्र अमित जोगी के लिए 23 साल बाद वो मुश्किल घड़ी आ गई है जिसकी कल्पना शायद उन्होंने कभी नहीं की होगी। दो दशक बाद उनको जग्गी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा हुई है। हाईकोर्ट के दिए गए ऑर्डर के हिसाब से सरेंडर की डेडलाइन 23 अप्रैल है।
सरेंडर की नौबत न आए इसलिए अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जोगी ने सुप्रीम राहत के लिए सीनियर एडवोकेट की फौज उतार दी है। अमित जोगी के लिए न्याय की पैरवी कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी और विवेक तन्खा जैसे धुरंधर कानून के जानकार कर रहे हैं। अमित जोगी को उम्मीद है कि उनको सुप्रीम कोर्ट से इंसाफ जरुर मिलेगा।
जोगी को बताया मास्टर माइंड :
23 साल बाद रामावतार जग्गी हत्याकांड (Jaggi Murder Case) में हाईकोर्ट ने अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी। अदालत ने अमित जोगी को हत्या का मास्टर माइंड बताया। सुनवाई के दौरान रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने कोर्ट में दावा किया कि यह हत्या एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा थी।
मामले की जांच कर रही सीबीआई ने 11 हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की, जिसमें कई अहम सबूत शामिल बताए गए। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने CBI की अपील को मंजूरी दी और अमित जोगी को सरेंडर करने का आदेश दिया। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था, लेकिन बाद में इस मामले को फिर से खोला गया।
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