माउंट एवरेस्ट फतह कर लौटीं छत्तीसगढ़ की बेटी अमिता श्रीवास, काठमांडू में इलाज जारी

Umeshwari Baghel | May 24, 2026, 21:19 IST
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जांजगीर-चांपा की अमिता श्रीवास ने माउंट एवरेस्ट फतह कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया। समिट के बाद बेस कैंप लौटते समय अत्यधिक ऊंचाई और -40°C तापमान के कारण उनकी तबियत बिगड़ी। उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

NEWS IN SHORT

  • अमिता श्रीवास ने फतह किया माउंट एवरेस्ट
  • बेस कैंप लौटते समय स्वास्थ्य में आई समस्या
  • डॉक्टरों ने बताया गंभीर फ्रॉस्टबाइट और हाई एल्टीट्यूड इश्यू
  • मुख्यमंत्री ने शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की
  • छत्तीसगढ़ की होनहार बेटी युवाओं के लिए प्रेरणा

NEWS IN DETAIL

Janjgir-Champa। जांजगीर-चांपा की होनहार पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने 22 मई 2026 को विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह कर छत्तीसगढ़ का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। यह उपलब्धि राज्य और देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। अमिता ने कठिन परिश्रम, साहस और अडिग हौसले का परिचय देते हुए यह लक्ष्य प्राप्त किया।



बेस कैंप लौटते समय स्वास्थ्य संकट

दुर्भाग्यवश, समिट की सफलता के तुरंत बाद अमिता के लिए मुश्किलें शुरू हुईं। अत्यधिक ऊंचाई, -40°C तापमान और ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी तबियत अचानक बिगड़ गई। पर्वतारोहियों के लिए यह परिस्थितियाँ अक्सर जानलेवा हो सकती हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय और राज्य अधिकारियों ने समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायता सुनिश्चित की। अमिता को हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू कर काठमांडू के Norvic International Hospital में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें गंभीर फ्रॉस्टबाइट और हाई एल्टीट्यूड संबंधित समस्याएं हैं, जिन्हें विशेष निगरानी और उपचार की आवश्यकता है।



मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ट्वीट कर अमिता के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने कहा कि अमिता का साहस और हौसला हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर संभव मदद और सुविधाएँ सुनिश्चित करें ताकि अमिता जल्दी से जल्दी पूर्ण स्वस्थ होकर अपने घर लौट सकें।



युवा और समाज के लिए प्रेरणा

अमिता की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ और भारत की युवा शक्ति और साहस का प्रतीक है। उनके हौसले ने दिखा दिया कि कठिन परिस्थितियों में भी इच्छाशक्ति कठिन मेहनत से हर मुश्किल काम आसान हो जाता है।



राज्य सरकार और समाज की ओर से यह संदेश भी गया कि पर्वतारोहण जैसी साहसिक गतिविधियों में सुरक्षित उपायों और चिकित्सा सहायता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अमिता की सफलता और संघर्ष दोनों ही युवा पीढ़ी को प्रेरित करेंगे कि वे अपने सपनों को पाने के लिए लगातार प्रयास करें।



स्वास्थ्य अपडेट और भविष्य की उम्मीद

अमिता के इलाज के दौरान डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार उनकी जान फिलहाल सुरक्षित है, और सही उपचार के साथ पूरी तरह स्वस्थ होने की उम्मीद है। छत्तीसगढ़वासियों की यह कामना है कि अमिता जल्द ही अपने परिवार और राज्य लौटकर न केवल स्वास्थ्य लाभ पाएं, बल्कि भविष्य में और भी ऊँचाइयों को छूने का साहस बनाए रखें।



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