"खेलो इंडिया" के समापन से पहले सिस्टम पर बरसे बाइचुंग और मैरी कॉम, कहा - खेल व्यवस्था में कमी
NEWS IN SHORT
- Khelo India Tribal Games 2026 में खेल व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
- बाइचुंग भूटिया बोले – कोचिंग सिस्टम की खामियां रोक रहीं मेडल
- मैरी कॉम का बयान – अनुशासन और प्रेशर मैनेजमेंट जरूरी
- खिलाड़ियों की प्रतिभा के बावजूद क्यों नहीं आ रहे मेडल? दिग्गजों ने बताई वजह
- सोशल मीडिया,खराब ट्रेनिंग और सिस्टम की कमजोरी पर खिलाड़ियों का बड़ा खुलासा
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (Khelo India Tribal Games 2026) के समापन समारोह से पहले देश के दिग्गज खिलाड़ियों ने भारतीय खेल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया और विश्व चैंपियन बॉक्सर मैरी कॉम ने साफ कहा कि खिलाड़ियों में प्रतिभा की कमी नहीं, बल्कि सिस्टम की खामियां मेडल न आने की बड़ी वजह हैं।
फुटबॉलर भूटिया ने खेल व्यवस्था पर उठाये सवाल
आप को बता दे छत्तीसगढ़ पहली बार Khelo India Tribal Games 2026 की मेजवानी कर रहा है। वही आयोजन के समापन समारोह से पहले साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाइचुंग भूटिया ने सीधे तौर पर कोचिंग सिस्टम पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि एक ही कोच पर लंबे समय तक निर्भर रहना और कोचों को अपडेटेड ट्रेनिंग न देना भारतीय खेलों की बड़ी कमजोरी है। कई कोच वर्षों तक एक ही पद पर बने रहते हैं, जिससे नई सोच और आधुनिक तकनीक सिस्टम में प्रवेश नहीं कर पाती।
भूटिया का मानना है कि जब लगातार अच्छे परिणाम नहीं आ रहे, तो जिम्मेदार पदों पर बदलाव जरूरी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि मौजूदा व्यवस्था में न तो नए लोगों को मौका मिलता है और न ही जवाबदेही तय होती है।
“प्रेशर मैनेजमेंट” खेल का अहम हिस्सा - मैरी कॉम
वहीं, मैरी कॉम ने खिलाड़ियों के व्यक्तिगत अनुशासन और मानसिक स्थिति को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया एक बड़ा डिस्ट्रैक्शन बन गया है, जिससे खिलाड़ी अपने खेल से भटक जाते हैं। समय पर सोना, सही डाइट लेना और नियमित अभ्यास—ये बुनियादी चीजें ही कई खिलाड़ी नजरअंदाज कर देते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि “प्रेशर मैनेजमेंट” खेल का अहम हिस्सा है। परिवार, समाज और अपेक्षाओं का दबाव अगर सही तरीके से नहीं संभाला गया, तो खिलाड़ी अपनी क्षमता के बावजूद मेडल से चूक जाते हैं।
मैरी कॉम ने समाज और फैंस के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बड़ी उपलब्धियों के बावजूद खिलाड़ियों को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाता है, जो उनके आत्मविश्वास को प्रभावित करता है। ऐसे माहौल में खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सपोर्ट देना बेहद जरूरी है।
भारतीय खेल व्यवस्था में सुधार की जरूरत
इन दोनों दिग्गजों के बयानों से साफ है कि भारतीय खेल व्यवस्था को सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि कोचिंग सिस्टम, मानसिक प्रशिक्षण, अनुशासन और सामाजिक समर्थन जैसे कई स्तरों पर सुधार की जरूरत है। जब तक इन बुनियादी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक प्रतिभा होने के बावजूद मेडल का इंतजार जारी रहेगा।
निष्कर्ष
Khelo India Tribal Games 2026 में पूर्व फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया और विश्व चैंपियन बॉक्सर मैरी कॉम ने खेल व्यवस्था की खामियां उजागर कीं। कमजोर कोचिंग, अनुशासन की कमी, सोशल मीडिया का प्रभाव और मानसिक दबाव मेडल में बाधा हैं। सुधार के बिना प्रतिभा के बावजूद सफलता मुश्किल बनी रहेगी।
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