जीजा ने किया 12 साल की बच्ची से रेप, हाईकोर्ट में बेनकाब हुए पति-पत्नी
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां दो अनाथ भाई-बहन को अपनी ही मुंहबोली दीदी और जीजा के घर भयानक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा। इस मामले में आरोपी जीजा ने 12 साल की मासूम बच्ची के साथ रेप जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। मामला अब बिलासपुर हाईकोर्ट पहुंच चुका है, जहां अदालत ने बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को सर्वोपरि रखते हुए कड़ा रुख अपनाया है।
कैसे सामने आया यह खौफनाक मामला?
बैकुंठपुर के दोनों अनाथ भाई-बहन, 12 साल की बच्ची और उसका 9 साल का भाई, अपनी मुंहबोली दीदी के घर रह रहे थे।
आरोप है कि इस दौरान दोनों के साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की गई। परेशान होकर दोनों दीदी और जीजा के घर से भागकर एक परिचित के यहां पहुंच गए। परिचित ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
रेप की जानकारी कैसे मिली
मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी यानी CWC को सूचना दी गई।
दोनों बच्चों की काउंसिलिंग कराई गई। तब पता चला कि मुंहबोले जीजा ने 12 साल की बच्ची के साथ रेप किया था।
इसके बाद आरोपी जीजा के खिलाफ केस दर्ज किया गया और बच्चों को शेल्टर होम में रखा गया।
हाईकोर्ट में मामला कैसे पहुंचा
जबकि यह प्रक्रिया चल ही रही थी, नाबालिग की मुंहबोली बहन ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर दी।
उसने दावा किया कि दोनों बच्चों को अवैध रूप से चाइल्ड हेल्पलाइन में रखा गया है। जबकि रिकॉर्ड के अनुसार लड़का बैकुंठपुर चाइल्ड वेलफेयर सेंटर में और लड़की अंबिकापुर बालिका गृह में सुरक्षित थी।
हाईकोर्ट ने क्या कहा
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट केचीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मुख्य सचिव और डीजीपी (DGP - Director General of Police) को दोनों बच्चों को कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया था।
मंगलवार को कोरिया की कलेक्टर रोक्तिमा यादव, अंबिकापुर के अपर कलेक्टर राम सिंह ठाकुर और महिला-बाल विकास विभाग के अधिकारी दोनों भाई-बहन को हाईकोर्ट में पेश करने आए।
कोर्ट ने कहा कि बच्चों का कल्याण और उनकी मानसिक स्थिति सर्वोपरि है।
मुंहबोली बहन ने गुमराह किया
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट (CG High Court) ने माना कि याचिका दायर करने वाली मुंहबोली बहन ने तथ्यों को लेकर कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की।
इसके बाद अदालत ने स्टेट ज्यूडिशियल एकेडमी में बच्चों की काउंसिलिंग कराने के निर्देश दिए। एकेडमी की डायरेक्टर और सीनियर एडवोकेट नौशीना अली की देखरेख में यह काउंसिलिंग हुई।
काउंसिलर अपनी रिपोर्ट बंद लिफाफे में हाईकोर्ट को सौंपेंगी।
अब आगे क्या होगा
फिलहाल हाईकोर्ट ने दोनों बच्चों को अगली सुनवाई तक चाइल्ड वेलफेयर सेंटर में ही रखने का आदेश दिया है।
मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी। आरोपी जीजा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
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