16 साल पुराने बालको चिमनी हादसे में नई हलचल, चीनी आरोपी फिर अदालत के निशाने पर
Korba : 16 साल पुराने बहुचर्चित बालको चिमनी हादसे की सुनवाई में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। विशेष अदालत ने मामले के तीन चीनी आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए एक बार फिर कोलकाता स्थित चीन के वाणिज्य दूतावास को पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं।
दूसरी ओर, एक आरोपी पर गवाह को प्रभावित करने के आरोप को लेकर हुई सुनवाई में अदालत ने फिलहाल उसकी जमानत निरस्त करने से इनकार कर दिया है।
विशेष न्यायाधीश कोरबा की अदालत में हुई सुनवाई में बालको चिमनी कांड के चीनी आरोपी वू चुनान, लियु गैक्सन और वांग वेगिंग को अदालत में पेश कराने की कवायद फिर तेज हो गई है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पहले भी इन आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कोलकाता स्थित चीन के वाणिज्य दूतावास को सूचना भेजी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेश और दूतावास की ओर से दिए गए अंडरटेकिंग का हवाला देते हुए अब दोबारा स्पीड पोस्ट और ई-मेल के माध्यम से सूचना भेजने के निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने इन आरोपियों की उपस्थिति के लिए 16 जून 2026 की तारीख तय की है।
गवाह प्रभावित करने के आरोप से खड़ा हुआ विवाद
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने इसी कांड के एक अन्य आरोपी वासन सेट्टी वेंकटेश की जमानत निरस्त करने की मांग भी की। अभियोजन का आरोप था कि आरोपी ने महत्वपूर्ण गवाह पृथ्वीनाथ सिंह से कोरबा के एक होटल में मुलाकात कर उसे प्रभावित करने का प्रयास किया।
इसके समर्थन में होटल के दस्तावेज, कथित संयुक्त फोटो, पंचनामा, मोबाइल संदेश और अन्य दस्तावेज अदालत में पेश किए गए। हालांकि बचाव पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना था कि आरोपी ने जमानत की सभी शर्तों का पालन किया है
और पुलिस ने झूठे दस्तावेज तैयार किए हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड देखने के बाद महत्वपूर्ण टिप्पणी की। न्यायालय ने कहा कि जिस गवाह को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया, उसने स्वयं अदालत में कहा कि
आरोपी की ओर से उसे किसी प्रकार की धमकी नहीं दी गई और वह स्वेच्छा से बयान देने के लिए तैयार है। अदालत ने माना कि अभियोजन द्वारा पेश दस्तावेजों की सत्यता की जांच अलग विषय है और वर्तमान स्थिति में जमानत निरस्त करने के पर्याप्त आधार नहीं बनते।
फरार आरोपी अब भी पकड़ से दूर
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि इस कांड के अन्य आरोपी उपेंद्र मंडल की पहले ही मृत्यु हो चुकी है, जबकि शक्तिपाल, संजय देव और विकास भारती पहले से फरार घोषित हैं।
कई अन्य आरोपी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुए और उनकी हाजिरी माफी की अर्जी स्वीकार की गई, लेकिन अदालत ने अगली तारीख पर उनकी अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
16 साल पुराने मामले में हाईकोर्ट की समय सीमा
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं और समय सीमा को देखते हुए शेष गवाहों की पेशी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक कोरबा
सहित विभिन्न अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि शेष अभियोजन साक्ष्य की कार्यवाही लगातार जारी रखी जाएगी ताकि लंबे समय से लंबित इस बहुचर्चित मामले का जल्द निपटारा हो सके।
क्या है बालको चिमनी कांड
16 साल पहले बालको संयंत्र में निर्माणाधीन चिमनी के गिरने से कई मजदूरों की मौत हुई थी। इस हादसे ने पूरे देश का ध्यान खींचा था। निर्माण कार्य से जुड़ी भारतीय और विदेशी कंपनियों के अधिकारियों तथा अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया था।
पिछले डेढ़ दशक से अधिक समय से यह मामला अदालत में विचाराधीन है और अब भी गवाहों तथा आरोपियों की पेशी की प्रक्रिया जारी है।
FAQ
- बालको चिमनी कांड में अब तक कौन-कौन आरोपी हैं?
इस मामले में चीनी नागरिक वू चुनान, लियु गैक्सन और वांग वेगिंग सहित कई अन्य आरोपी शामिल हैं। कुछ आरोपी फरार हैं और एक उपेंद्र मंडल की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। - अदालत ने चीनी आरोपियों की पेशी के लिए क्या कदम उठाए हैं?
अदालत ने कोलकाता स्थित चीन के वाणिज्य दूतावास को नोटिस भेजने के निर्देश दिए हैं और 16 जून 2026 को उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। - गवाह को प्रभावित करने के आरोप में जमानत क्यों नहीं रद्द की गई?
अदालत ने पाया कि गवाह ने स्वयं कहा कि किसी प्रकार की धमकी नहीं दी गई, और वर्तमान स्थिति में जमानत निरस्त करने का पर्याप्त आधार नहीं है।
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