बालोद में मिट्टी धंसने से 3 मजदूरों की मौत, BSP के दो अधिकारी सस्पेंड

Harrison Masih | May 14, 2026, 17:30 IST
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बालोद में सीवरेज पाइपलाइन निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। हादसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई। प्रशासन ने BSP के दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर जांच शुरू कर दी है।

News In Short

  • बालोद में सीवरेज कार्य के दौरान मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की मौत।
  • मृतक मजदूरों में दो पुरुष और एक महिला शामिल।
  • मामले में BSP के दो वरिष्ठ अधिकारी निलंबित।
  • निर्माण स्थल पर सुरक्षा की अनदेखी और सेफ्टी उपकरण की कमी।
  • पुलिस और प्रशासन द्वारा विस्तृत जांच जारी, कड़ी कार्रवाई की मांग।

News In Details

Balod. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्लीराजहरा में सीवरेज पाइपलाइन विस्तार कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें तीन मजदूरों की मौत हो गई। घटना 12 मई को हुई, जब निर्माण स्थल पर खुदाई के दौरान मिट्टी अचानक धंस गई। अब इस मामले में बीएसपी के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इस हादसे ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी और लापरवाही को सामने ला दिया है।



जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान

मृतक मजदूरों की पहचान इस प्रकार की गई है:



किशुन कुमार (54)


राकेश कुमार (28)


बैशाखिन (50)



स्थानीय लोगों और मजदूरों के परिजनों का कहना है कि कार्य स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग थी और न ही मजदूरों को हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। इसी लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।



BSP के दो अधिकारी निलंबित

हादसे के बाद प्रशासन ने बीएसपी (भिलाई स्टील प्लांट) के दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में डीजीएम मंगेश सेलकर और एजीएम सिविल रमेश कुमार शामिल हैं। उनके खिलाफ निर्माण स्थल पर लापरवाही बरतने का आरोप है। बालोद सिवरेज परियोजना के अंतर्गत ये कार्य किया जा रहा था।



परिजनों का गुस्सा और विरोध प्रदर्शन

हादसे के बाद मृतकों के परिजन अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार, प्रशासन और ठेकेदार की लापरवाही ने उनके परिवार को एक झटके में बर्बाद कर दिया है। क्षेत्र में शोक का माहौल है और स्थानीय लोगों ने इस हादसे पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।



जांच और एफआईआर की संभावना

पुलिस ने मामले में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी की पुष्टि हुई है। जांच पूरी होने के बाद दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की संभावना है।



स्थानीय प्रतिक्रिया और राहत कार्य

हादसे के तुरंत बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और भविष्य में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने का आश्वासन दिया है।



निष्कर्ष

यह हादसा न केवल दल्लीराजहरा बल्कि पूरे राज्य में निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल उठाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, उचित सुरक्षा इंतजाम और प्रशिक्षण के अभाव में ऐसे हादसे भविष्य में भी हो सकते हैं।सीवरेज लाइन



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