फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी पाई, कुछ सालों में बन गया प्रधान पाठक, खुलासे के बाद निलंबित

VINAY VERMA | May 05, 2026, 18:55 IST
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बलरामपुर-रामानुजगंज में प्रधान पाठक को फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी पाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। DEO की जांच में उनके नाम और पिता के नाम में हेरफेर का खुलासा हुआ। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का संकेत दिया है।

बलरामपुर रामानुजगंज में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां फर्जी दस्तावेजों के सहारे शासकीय नौकरी हासिल करने के आरोप में एक प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई विस्तृत जांच के बाद की गई है, जिसमें शिकायत सही पाई गई।



मामले की शुरुआत ग्राम कुशफर निवासी शिकायतकर्ता द्वारा की गई शिकायत से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ग्राम पंचायत कुशफर के सरपंच और एक अन्य व्यक्ति ने एक ही पिता का नाम इस्तेमाल करते हुए गलत तरीके से शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का उपयोग किया और पद हासिल किया। शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए।



DEO ने की जांच

जांच की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई। जांच के दौरान संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की गई और ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए गए। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि प्रधान पाठक लालमन सिंह ने अपने वास्तविक नाम और पिता के नाम में हेरफेर कर शासकीय नौकरी प्राप्त की। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि उन्होंने गलत जानकारी देकर नियमों का उल्लंघन किया है।



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नौकरी के लिए बदल लिया नाम

जांच में सामने आया कि लालमन सिंह का वास्तविक नाम कुछ और है, जबकि उन्होंने नौकरी पाने के लिए अलग नाम और पिता का नाम प्रस्तुत किया। इस कृत्य को गंभीर अनियमितता मानते हुए इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन माना गया।



इसी आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से लालमन सिंह को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रामचंद्रपुर निर्धारित किया गया है। साथ ही, उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिए जाने का प्रावधान किया गया है।



फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं

इस कार्रवाई (fake documents) के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी प्रकार की फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



प्रशासन के संकेत

प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों के बीच सरकारी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।



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