बस्तर में ठगी : 43 लड़कियों से दोस्ती और ब्लैकमेलिंग, जांच रिपोर्ट गायब

Aishwarya Dwivedi | May 30, 2026, 16:00 IST
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कोंडागांव में अमान वीरानी ने 43 लड़कियों को शादी का झांसा देकर ब्लैकमेल किया। पुलिस की सुस्ती के कारण 10 महीने बाद भी मोबाइल फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं आई और आरोपी जमानत पर पीड़िताओं को धमका रहा है।

NEWS IN SHORT

  • आरोपी अमान वीरानी ने 43 लड़कियों को ब्लैकमेल कर पैसे वसूले।
  • मुख्य पीड़िता ने डर और दबाव के कारण ट्रांसफर ले लिया।
  • दस महीने बीतने के बाद भी मोबाइल फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं आई।
  • जमानत पर बाहर आकर आरोपी पीड़िताओं को लगातार धमका रहा है।
  • कोंडागांव एसपी ने मामले को प्राथमिकता से जांचने का दावा किया।

NEWS IN DETAIL

बस्तर संभाग से ब्लैकमेलिंग और डिजिटल फ्रॉड का एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अमान वीरानी (25) नाम के आरोपी ने दोस्ती और शादी का झांसा देकर करीब 43 लड़कियों को अपने जाल में फंसाया। आरोपी लड़कियों के निजी फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता था और मोटी रकम वसूलता था। जुलाई 2025 में एक केंद्रीय सरकारी अधिकारी की शिकायत पर कोंडागांव पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था।



पुलिस और साइबर टीम द्वारा जब्त किए गए आरोपी के मोबाइल से जो खुलासे हुए, वे हैरान करने वाले हैं। गैलरी में 40 से अधिक लड़कियों के आपत्तिजनक फोटो-वीडियो मिले और कांटेक्ट लिस्ट में दर्ज 43 लड़कियों के नंबरों की जांच करने पर पता चला कि इनमें 20 नाबालिग, 10 शादीशुदा और 8 ऐसी युवतियां थीं जिनकी शादी होने वाली थी। इस मामले में अब तक तीन पीड़िताओं (एक अधिकारी, एक कॉलेज छात्रा और एक नवविवाहिता) की शिकायत पर कुल 3 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।



डर और ट्रांसफर की मजबूरी

इस मामले की पहली पीड़िता, जो एक सरकारी अधिकारी है, ने बताया कि आरोपी ने कार्यालय में जान-पहचान बढ़ाई और धोखे से फोटो-वीडियो बनाकर 30 हजार रुपए ऐंठ लिए। विरोध करने पर मारपीट की और फोन तोड़ दिया। पीड़िता ने हिम्मत दिखाकर एफआईआर तो कराई, लेकिन डर और भारी दबाव के कारण उसे छत्तीसगढ़ से ट्रांसफर लेना पड़ा।



दूसरी पीड़िता एक नवविवाहिता है, जो आरोपी के साथ पहले काम करती थी। शादी के बाद आरोपी ने उसके पति को वीडियो भेजने और रिश्ता तुड़वाने की धमकी दी, जिसके बाद उसके पति ने एफआईआर दर्ज कराई।



जांच पर गंभीर सवाल

मामले में पुलिस की भारी लापरवाही और ढीला रवैया सामने आया है। गिरफ्तारी के 10 महीने बीत जाने के बाद भी आरोपी के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट साइबर लैब (नवा रायपुर) से नहीं आ पाई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर केस की जांच 'साइबर क्राइम' के नजरिए से की ही नहीं गई। वर्तमान में आरोपी अमान वीरानी जमानत पर बाहर घूम रहा है। पीड़िता का आरोप है कि जेल से छूटने के बाद आरोपी उस पर केस वापस लेने का लगातार दबाव बना रहा है। हाल ही में पीड़िता का एक एक्सीडेंट भी हुआ, जिसके पीछे उसने आरोपी का हाथ होने की आशंका जताई है।



पीड़िता ने बिस्तर पर होने के कारण पुलिस को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजी, लेकिन पुलिस ने दोबारा बयान दर्ज करने तक की जहमत नहीं उठाई। यही नहीं, जमानत पर आने के बाद आरोपी ने पीड़िता के इंस्टाग्राम का आईडी-पासवर्ड इस्तेमाल कर अन्य पीड़िताओं को केस रफा-दफा करने के लिए मैसेज भी भेजे, जिसकी शिकायत पर भी कोई ठोस एक्शन नहीं हुआ।



विशेषज्ञों की राय और प्रशासन का दावा

साइबर क्राइम एक्सपर्ट मुकेश चौधरी के अनुसार, ऐसे मामलों में 'पैटर्न ऑफ क्राइम' को समझना बेहद जरूरी है। इसमें बैंक ट्रांजैक्शन, सोशल मीडिया चैट, ब्राउज़र हिस्ट्री और डिजिटल उपकरणों की गहन जांच होनी चाहिए, जो इस केस में अब तक अधूरी है।



"प्रकरण मेरी जॉइनिंग के पहले का है, लेकिन बेहद संवेदनशील है। मैं साइबर लैब इंचार्ज से बात करके जल्द से जल्द मोबाइल की जांच रिपोर्ट मंगवाता हूं। पीड़िताओं की शिकायतों को मैं स्वयं देखूंगा।"— पंकज चंद्रा, एसपी, कोंडागांव



यह मामला बस्तर संभाग में बेटियों की सुरक्षा और साइबर पुलिसिंग की मुस्तैदी पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।



TIMELINE

  • जुलाई 2025 : केंद्रीय अधिकारी की शिकायत पर आरोपी अमान वीरानी गिरफ्तार, मोबाइल ज़ब्त।
  • अगस्त 2025 : जांच में 43 लड़कियों के नंबर मिले; कुल 3 एफआईआर दर्ज, मोबाइल साइबर लैब भेजा गया।
  • सितंबर 2025 – मार्च 2026 : आरोपी को जमानत मिली; पीड़िता के इंस्टाग्राम से अन्य लड़कियों को समझौते के मैसेज भेजे।
  • अप्रैल 2026 : पहली पीड़िता का एक्सीडेंट; एसपी को ई-मेल भेजकर केस वापस लेने के दबाव और हत्या की आशंका जताई।
  • मई 2026 (वर्तमान) : घटना के 10 महीने बाद भी मोबाइल फॉरेंसिक रिपोर्ट पेंडिंग; नए एसपी ने त्वरित जांच का भरोसा दिया।

निष्कर्ष

इस मामले में 10 महीने बाद भी मोबाइल फॉरेंसिक रिपोर्ट न आना और साइबर एंगल से जांच न होना पुलिस की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। आरोपी जमानत पर छूटकर पीड़िताओं को डरा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने के लिए इस संवेदनशील केस में त्वरित और कड़ी कानूनी कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है।



FAQ

  1. आरोपी अमान वीरानी को कब और क्यों गिरफ्तार किया गया?
    जुलाई 2025 में, एक केंद्रीय सरकारी महिला अधिकारी से दोस्ती कर, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और पैसे वसूलने के आरोप में।
  2. साइबर एक्सपर्ट ने जांच के लिए क्या सुझाव दिए हैं?
    उन्होंने तुरंत एक स्पष्ट एसओपी (SOP) के तहत आरोपी के बैंक लेनदेन, सोशल मीडिया चैट और ब्राउज़र हिस्ट्री की गहन जांच करने की सलाह दी है।
  3. साइबर लैब रिपोर्ट क्या है ?
    साइबर लैब रिपोर्ट मोबाइल से डिलीट किए गए फोटो, वीडियो और चैट को रिकवर कर कोर्ट के लिए पुख्ता वैज्ञानिक सबूत तैयार करने वाली जांच रिपोर्ट है।

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