बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
रायपुर : बस्तर में बारिश और बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लेने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जगदलपुर पहुंचे। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र के डोंगाघाट सहित आसपास के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को राहत देते हुए शासन के प्रावधानों के तहत मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10 हजार रुपए की मदद देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे जल्द पूरा कर प्रभावित और पात्र परिवारों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस मुश्किल घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। राहत और बचाव कार्यों में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
डोंगाघाट में प्रभावित परिवारों से मिले
मुख्यमंत्री साय ने डोंगाघाट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की। उन्होंने परिवारों से बाढ़ के दौरान पैदा हुई परिस्थितियों, मकानों को हुए नुकसान, घरेलू सामान की क्षति और वर्तमान में मिल रही राहत की जानकारी ली। प्रभावित लोगों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
साय ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों की जरूरतों के अनुसार तत्काल जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने राहत कार्यों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं का ध्यान रखने को कहा।
इंद्रावती नदी के जलस्तर का लिया जायजा
मुख्यमंत्री ने इंद्रावती पुल पहुंचकर नदी के जलस्तर और आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से जिले में बारिश और बाढ़ की मौजूदा स्थिति, प्रभावित गांवों और शहरी क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रभावित परिवारों के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों को जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। निचले और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक समय पर मदद पहुंचाने के लिए प्रशासन को पूरी तरह तैयार रहना चाहिए।
पानी उतरने के बाद स्वास्थ्य पर फोकस
मुख्यमंत्री ने बाढ़ का पानी उतरने के बाद स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। जलस्रोतों की सफाई और आवश्यक उपचार के साथ जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय रखा जाए।
जरूरत के अनुसार प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य शिविर लगाने, पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध रखने और बीमारी के संभावित प्रकोप की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत कार्य सिर्फ बाढ़ के दौरान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रभावित परिवारों का जीवन सामान्य होने तक जरूरी व्यवस्थाएं जारी रखी जानी चाहिए।
मकान, फसल और पशुधन के नुकसान का सर्वे
साय ने अधिकारियों को बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने मकानों के साथ फसल, पशुधन और अन्य संपत्तियों को हुई क्षति का भी सर्वे कराने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वे में वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए
और शासन के प्रावधानों के अनुसार प्रभावित परिवारों को जल्द सहायता उपलब्ध कराई जाए।उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रहे। राहत शिविरों और प्रभावित बस्तियों में प्रशासनिक अधिकारी नियमित रूप से पहुंचकर लोगों की जरूरतों की जानकारी लें।
सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ : साय
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ है। प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, राहत और उनके जीवन को जल्द सामान्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही बाढ़ की स्थिति और जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।