बस्तर में 108 नक्सलियों का सरेंडर; साथ लाए 1 किलो सोना, 4 करोड़ का था इनाम
NEWS IN SHORT
- बस्तर में 108 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया।
- सरेंडर करने वालों में 44 महिला नक्सली भी शामिल।
- इन सभी नक्सलियों पर कुल 3.95 करोड़ रूपए का इनाम।
- नक्सली अपने साथ 1 किलो सोना और कई हथियार लेकर आए।
NEWS IN DETAIL
जगदलपुर में बड़ा आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में 108 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। पुलिस और सुरक्षा बलों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में नक्सलियों ने हथियार और अन्य सामग्री भी जमा कराई।
इस सरेंडर को नक्सल इतिहास की बड़ी घटनाओं में से एक माना जा रहा है।
44 महिला नक्सली भी शामिल
आत्मसमर्पण करने वाले 108 माओवादियों में 44 महिला नक्सली भी शामिल हैं। इनमें कई ऐसे कैडर भी बताए जा रहे हैं जो दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े हुए थे और लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय थे।
कई जिलों के नक्सली शामिल
सरेंडर करने वाले नक्सली बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों से जुड़े हुए थे।
- बीजापुर – 37
- नारायणपुर – 4
- बस्तर – 16
- कांकेर – 3
- सुकमा – 18
- दंतेवाड़ा – 30
ये सभी नक्सली दंडकारण्य इलाके में सक्रिय बताए जा रहे हैं।
सोना, नकदी और हथियारों की बड़ी बरामदगी
सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने बड़ी मात्रा में नकदी, सोना और घातक हथियार भी जमा कराए।
अधिकारियों के मुताबिक बरामद सामग्री में शामिल हैं:
- 3.61 करोड़ रूपए नकद
- 1 किलो सोना (करीब 1.64 करोड़ रूपए)
- 101 घातक हथियार
इन हथियारों में AK-47, इंसास, LMG और BGL जैसे हथियार शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि देश के नक्सल इतिहास में यह सबसे बड़ी डंप बरामदगी में से एक है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम
आत्मसमर्पण कार्यक्रम में राज्य के डीजीपी अरुण देव गौतम, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, बस्तर आईजी सुंदरराज पी समेत सीआरपीएफ, बीएसएफ और जिला पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
यह सरेंडर ‘पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल के तहत कराया गया है, जिसके जरिए नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने की कोशिश की जा रही है।
IMP FACTS
- सरेंडर करने वाले नक्सली: 108
- महिला नक्सली: 44
- घोषित इनाम: 3.95 करोड़ रूपए
- बरामद नकदी: 3.61 करोड़ रूपए
- बरामद सोना: 1 किलो (1.64 करोड़ रूपए)
- बरामद हथियार: 101 घातक हथियार
आगे क्या
सरेंडर करने वाले नक्सलियों को अब सरकारी पुनर्वास योजना के तहत सहायता दी जाएगी। साथ ही सुरक्षा एजेंसियां इनसे पूछताछ कर नक्सली संगठन की गतिविधियों और नेटवर्क की जानकारी जुटाएंगी।
निष्कर्ष
जगदलपुर में 108 नक्सलियों का सामूहिक आत्मसमर्पण बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। बड़ी मात्रा में नकदी, सोना और हथियारों की बरामदगी से सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।