बस्तर पुलिस में सैलरी घोटाला : वेतन भुगतान में गड़बड़ी, तीन कर्मचारी गिरफ्तार
समझें क्या है पूरा मामला
Bastar। बस्तर जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बड़ा वेतन घोटाला सामने आया है। पुलिस विभाग के तीन बाबुओं ने कर्मचारियों के वेतन में हेरफेर की। जांच में 3 करोड़ 54 लाख रुपए के गोलमाल का खुलासा हुआ। मामले ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। एक सप्ताह से ज्यादा चली जांच के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
वेतन में हेरफेर, करोड़ों का गोलमाल
जांच में सामने आया कि कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई। आरोप है कि वेतन से जुड़ी वित्तीय प्रविष्टियों में हेरफेर कर करोड़ों रुपए का गबन किया गया। यह गड़बड़ी लंबे समय तक चलती रही। शुरुआती जांच में रकम बढ़ती गई। आखिरकार कुल 3 करोड़ 54 लाख रुपए की हेराफेरी सामने आई।
ऑडिट में खुली पूरी पोल
मामले की भनक लगते ही विभाग हरकत में आया। कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद संबंधित कर्मचारियों से लगातार पूछताछ शुरू हुई। लेखा-परीक्षक ने रिकॉर्ड का मिलान किया। वेतन शाखा के दस्तावेज खंगाले गए। ट्रेजरी से जुड़े रिकॉर्ड भी जांचे गए। जांच में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, सीधे जेल
पुलिस ने पुख्ता दस्तावेज और साक्ष्य जुटाए। जांच पूरी होने के बाद तीनों आरोपी बाबुओं को गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। वहां से तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि जांच अभी भी जारी है। जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जाएगी।
व्यवस्था पर उठे सवाल
इतनी बड़ी रकम का गोलमाल सामने आने के बाद विभाग की वित्तीय निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह भी है कि करोड़ों रुपए की गड़बड़ी लंबे समय तक कैसे छिपी रही। नियमित निगरानी के बावजूद अनियमितताओं का पता समय पर क्यों नहीं चला। अब विभाग आंतरिक वित्तीय प्रणाली की भी समीक्षा करेगा।
वेतन शाखा से ट्रेजरी तक जांच
जांच केवल वेतन शाखा तक सीमित नहीं रही। पुलिस ने ट्रेजरी से जुड़े कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई। भुगतान प्रक्रिया के हर दस्तावेज की जांच की गई। रिकॉर्ड का मिलान किया गया। डिजिटल और मैनुअल दोनों दस्तावेज देखे गए। इसके बाद पूरी रकम का हिसाब सामने आया। जांच एजेंसियां अब पैसों के अंतिम उपयोग का भी पता लगा रही हैं।
SP बोले- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने कहा कि तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन पर कार्रवाई होगी। दोषियों को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए वित्तीय व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा।
IMP FACTS
बस्तर एसपी कार्यालय में 3.54 करोड़ रुपए का वेतन घोटाला सामने आया।
वेतन शाखा के तीन बाबुओं पर वित्तीय हेरफेर का आरोप है।
कर्मचारियों के वेतन से जुड़ी प्रविष्टियों में बदलाव कर रकम का गबन किया गया।
ऑडिट, ट्रेजरी रिकॉर्ड और दस्तावेजों के मिलान से घोटाले का खुलासा हुआ।
एक सप्ताह से अधिक चली जांच के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
न्यायालय ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
पुलिस रकम के अंतिम उपयोग और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका जांच रही है।
एसपी शलभ सिन्हा ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
आगे क्या कार्रवाई?
पुलिस अब इस घोटाले की पूरी कड़ी जोड़ रही है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इसमें और लोग तो शामिल नहीं थे। यदि जांच में नए नाम सामने आते हैं तो कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है। फिलहाल तीनों आरोपी जेल में हैं। पूरे मामले पर विभाग और पुलिस मुख्यालय की नजर बनी हुई है।
FAQ
- बस्तर पुलिस वेतन घोटाले में कितनी रकम की हेराफेरी हुई?
जांच में कुल 3 करोड़ 54 लाख रुपए की वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है। - मामले में कितने कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है?
वेतन शाखा से जुड़े तीन बाबुओं को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। - घोटाले का खुलासा कैसे हुआ?
ऑडिट, वेतन रिकॉर्ड, ट्रेजरी दस्तावेज और वित्तीय प्रविष्टियों के मिलान के दौरान हेराफेरी का पता चला।
यह खबरें भी पढ़े...
कांग्रेस जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग ख़त्म : खेड़ा बोले मोदी यानी नीट घोटाला और मंहगाई
छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन नियमों में किया बड़ा बदलाव !
पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल: मैदानी इलाकों में भेजे गए 61 पुलिस इंस्पेक्टर