भारतमाला घोटाले में ED की कार्रवाई, 56 लाख रुपए के हकदार ने मुआवज़ा में वसूले 9.83 करोड़
NEWS IN SHORT
- जय प्रकाश गांधी ED के शिकंजे में
- 56 लाख की जगह 9.83 करोड़ का मुआवज़ा हेराफेरी
- हाईवे अलाइनमेंट की जानकारी से खेला गया बड़ा खेल
- रकम शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश की गई
- राजस्व अधिकारियों और बिचौलियों की भूमिका जांच में
NEWS IN DETAIL
Raipur। भारतमाला परियोजना के मुआवज़ा घोटाले में ED ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी जय प्रकाश गांधी गिरफ्तार हो गया है। रायपुर जोनल ऑफिस की टीम ने उसे PMLA के तहत हिरासत में लिया है। गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है।
घोटाले की शुरुआत ACB और EOW की जांच से हुई थी। रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण हुआ था। इसी दौरान मुआवज़ा वितरण में गड़बड़ी की शिकायत मिली। FIR के आधार पर ED ने जांच शुरू की।
हाईवे की जानकारी का उठाया फायदा
जांच में बड़ा खुलासा हुआ। आरोप है कि जय प्रकाश गांधी को हाईवे अलाइनमेंट की पहले से जानकारी थी। उसने उसी क्षेत्र की जमीनों पर फोकस किया। इसके बाद मुआवज़े का पूरा खेल शुरू हुआ। आरोप है कि जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटा गया। हर हिस्सा 500 वर्गमीटर से कम रखा गया। NHAI के नियमों का फायदा उठाया गया। इससे मुआवज़े की राशि कई गुना बढ़ गई।
56 लाख की जगह 9.83 करोड़
ED के मुताबिक असली हक सिर्फ 56.76 लाख रुपए था। लेकिन हेराफेरी कर 9.83 करोड़ रुपए हासिल किए गए। यानी 9.27 करोड़ रुपए अतिरिक्त लिए गए। एजेंसी इसे अपराध से अर्जित संपत्ति मान रही है।
शेयर बाजार में लगाया पैसा
जांच में मनी ट्रेल भी मिली है। आरोप है कि रकम को शेयर बाजार में लगाया गया। म्यूचुअल फंड में भी निवेश हुआ। इससे काले धन को वैध दिखाने की कोशिश की गई।
रेड में मिले अहम दस्तावेज
28 अप्रैल 2026 को ED ने छापेमारी की थी। रायपुर, अभनपुर और धमतरी में एक साथ कार्रवाई हुई। डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए। कई दस्तावेज भी मिले। इन्हीं सबूतों के आधार पर गिरफ्तारी हुई।
तीन दिन की रिमांड मंजूर
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने तीन दिन की रिमांड दी है। अब ED उससे पूछताछ कर रही है। कई नए नाम सामने आने की संभावना है।
अफसर और बिचौलिए रडार पर
जांच अब आगे बढ़ रही है। राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी जांच में है। बिचौलियों पर भी नजर है। ED को बड़े खुलासों की उम्मीद है। मुआवज़ा घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।
FAQ
- जय प्रकाश गांधी को क्यों गिरफ्तार किया गया?
ED ने उन्हें मुआवज़ा घोटाले में मुख्य आरोपी मानते हुए PMLA के तहत हिरासत में लिया। - कितनी रकम का हेराफेरी हुआ?
वास्तविक हक 56.76 लाख रुपए था, लेकिन हेराफेरी कर 9.83 करोड़ रुपए हासिल किए गए। - जांच में कौन-कौन शामिल हैं?
राजस्व विभाग के अधिकारी, बिचौलियों और आरोपी के सहयोगियों की भूमिका भी जांच के रडार पर है।
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