नान घोटाले के आरोपी रोशन चंद्राकर ने हड़पा भारतमाला का मुआवजा, पति-पत्नी ने मिलकर लगाई 5 करोड़ की चपत

Arun Tiwari | May 26, 2026, 15:07 IST
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छत्तीसगढ़ के भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजा घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। नान घोटाले के आरोपी रोशन चंद्राकर पर आरोप है कि उन्होंने पत्नी और परिवार के नाम पर जमीन खरीदकर फर्जी तरीके से करीब 5 करोड़ रुपए का मुआवजा लिया।

Raipur : छत्तीसगढ़ में भारतमाला प्रोजेक्ट में सरकारी धन की लूट है, लूट सके तो लूट की कहावत ही चरितार्थ हुई है। यहां पर रसूखदारों ने सरकारी अधिकारियों से मिलकर सरकारी पैसे की लूटमार मचा दी। सरकार का ये पैसा भी उस टैक्सपेयर की जेब से निकला है जो दिन रात पसीना बहाकर अपनी रोजी कमाता है।

नान घोटाले के आरोपी और मिलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रहे रोशन चंद्राकर ने भारतमाला प्रोजेक्ट में खूब कमाई की। रोशन ने अपनी पत्नी के नाम पर सरकार को 5 करोड़ की चपत लगा दी। यानी इस मुआवजे से रोशन चंद्राकर ने 5 करोड़ रुपए कमाए। यह कमाई एक,दो नहीं बल्कि चार जिलों में की। यह वो सरकारी रिपोर्ट है जिसके आधार पर ईडी इसकी जांच कर रही है।

रोशन चंद्राकर ने कमाए 5 करोड़

छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों की पड़ताल में अब कई रसूखदार नाम भी सामने आने लगे हैं। इन्हीं में नान घोटाले के आरोपी और मिलर्स एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष रहे रोशन चंद्राकर का नाम प्रमुख रूप से चर्चा में है।

आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मिलकर अलग-अलग जिलों में मुआवजा प्रक्रिया का फायदा उठाते हुए करीब 5 करोड़ रुपए की राशि हासिल की। प्रोजेक्ट का ऐलान हुआ और रोशन चंद्राकर ने उसी महीने जमीन खरीद ली और अगले महीने नामांतरण करा लिया। इसके बाद जमीन के छोटे छोटे टुकड़े कर करोड़ों का मुआवजा ले लिया।

राजनांदगांव में पति-पत्नी की इतनी लूट

रोशन चंद्राकर - 162/22 - 19 लाख 29 हजार 153 रुपए
रोशन चंद्राकर - 162/19 - 19 लाख 29 हजार 153 रुपए
सीमा चंद्राकर - 162/18 - 19 लाख 29 हजार 153 रुपए
सीमा चंद्राकर - 130/1 - 16 लाख 7 हजार 128 रुपए
रोशन चंद्राकर - 130/2 - 19 लाख 29 हजार 153 रुपए
सीमा चंद्राकर - 129/1 - 12 लाख 86 हजार 102 रुपए
रोशन चंद्राकर - 129/2 - 12 लाख 86 हजार 102 रुपए
रोशन चंद्राकर - 128/12 - 19 लाख 29 हजार 153 रुपए
सीमा चंद्राकर - 128/11 - 19 लाख 29 हजार 153 रुपए

कागज में उगे पेड़ के 19 लाख रुपए

नान घोटाले के आरोपी रोशन चंद्राकर ने खसरा नंबर 130/02 की करीब 5,200 वर्गफीट जमीन पर 149 पेड़ दिखाकर 19 लाख 29 हजार 153 रुपये का मुआवजा ले लिया। जांच में सामने आया कि 24 फरवरी 2018 को हुई रजिस्ट्री में शपथ पत्र में इस जमीन पर कोई पेड़ नहीं था।

इसके बावजूद बाद में उसी जमीन पर 149 पेड़ दिखाकर मुआवजा ले लिया गया। भारतमाला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण के दौरान फर्जी दस्तावेज, बढ़ा-चढ़ाकर किए गए मूल्यांकन के जरिए सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया। यहां जमीनों के बदले भारी भरकम अवैध मुआवजा लिया गया।

रोशन की रायपुर की जमीन पर काली कमाई

1259/6 - 95 लाख 95 हजार 520 रुपए
1259/5 - 84 लाख 68 हजार 48 रुपए
1502/5 - 95 लाख 95 हजार 520 रुपए

रोशन के भाई,भाभी और मां को भी मिला पैसा

ऐसा नहीं है कि रोशन चंद्राकर ने अवैध कमाई में अपना ही ख्याल रखा। रोशन ने भाई और भाभी को इस लूट की त्रिवेणी में हाथ धुलवाए। यह मुआवजा उनको धमतरी जिले के राजपुर गांव की जमीन पर मिला। भाई और भाभी के साथ ही रोशन ने यहां अपनी मां और पत्नी के नाम पर भी मुआवजा लिया।

रोशन के भाई और भाभी को मुआवजा

जितेंद्र कुमार चंद्राकर - रोशन का भाई - 1167/2 - 2 लाख 20 हजार 932 रुपए
जितेंद्र कुमार चंद्राकर - रोशन का भाई - 1167/3 - 2 लाख 20 हजार 932 रुपए
मीनाक्षी चंद्राकर - रोशन की भाभी - 1168/2 - 6 लाख 60 हजार 755 रुपए
सीमा चंद्राकर - रोशन की पत्नी - 737/3 - 4 लाख 87 हजार 116 रुपए
देववती चंद्राकर - रोशन की मां - 748/2 - 24 लाख 35 हजार 578 रुपए

दुर्ग जिले में ये हुआ खेल

भूमि अभिलेख के नामांतरण विवरण रिपोर्ट पंजी के अनुसार खसरा नंबर 191 का बंटांकन कर उसे अलग-अलग हिस्सों में विभाजित किया गया। इसमें खसरा नंबर 191/1 और 191/2 सीमांकन सहित रोशन चंद्राकर के नाम दर्ज की गई। इसके अलावा खसरा नंबर 191/4 रोशन की मां देववती और रोशन के नाम पर पटवारी अभिलेख में 16 सितंबर 2019 को दर्ज की गई। खास बात यह है कि इस पूरे बंटांकन और नामांतरण का उल्लेख दावा-आपत्ति सूची में नहीं पाया गया।

अब आगे क्या

प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी अब इसी सरकारी रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि मुआवजे की राशि किस प्रक्रिया के तहत स्वीकृत हुई। किन अधिकारियों ने अनुमोदन दिया और रकम का वास्तविक लाभ किसे मिला। जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन, जमीन दस्तावेज और बैंक खातों की भी पड़ताल कर रही हैं।

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द सूत्र नॉलेज

भारतमाला परियोजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सड़क और हाईवे परियोजना है। जिसके तहत बड़ी मात्रा में जमीन अधिग्रहित की गई है। लेकिन छत्तीसगढ़ में इस परियोजना से जुड़े मुआवजों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इस परियोजना में बांटे गए मुआवजे की जांच में ही रसूखदारों का कच्चा चिट्ठा सामने आ रहा है।

निष्कर्ष

जानकारों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रदेश के सबसे बड़े मुआवजा घोटालों में से एक साबित हो सकता है। फिलहाल ईडी और अन्य एजेंसियां दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही हैं। जबकि आने वाले दिनों में कई और बड़े नामों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

FAQ

  1. भारतमाला मुआवजा घोटाला क्या है?
    जमीन अधिग्रहण में फर्जी तरीके से करोड़ों का मुआवजा लेने का मामला।
  2. रोशन चंद्राकर पर क्या आरोप हैं?
    पत्नी और परिवार के नाम पर करीब 5 करोड़ रुपए लेने के आरोप हैं।
  3. पेड़ों वाले मामले में क्या खुलासा हुआ?
    बिना पेड़ वाली जमीन पर 149 पेड़ दिखाकर मुआवजा लिया गया।
  4. अब मामले में क्या कार्रवाई हो रही है?
    ईडी दस्तावेज और बैंक खातों की जांच कर रही है।

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