भारतमाला जांच की आंच धमतरी तक! ठेकेदार दीपेश गांधी के घर पहुंची ED-EOW

VINAY VERMA | Jun 16, 2026, 13:48 IST
धमतरी में ED EOW छापा 2026
धमतरी में भारतमाला परियोजना से जुड़े करोड़ों के कथित मुआवजा घोटाले की जांच तेज हो गई है। ED और EOW की संयुक्त टीम ने ठेकेदार दीपेश गांधी के आमापारा स्थित आवास पर छापेमारी की, जहां कई घंटे तक दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच की गई।

भारतमाला परियोजना में करोड़ों के कथित मुआवजा घोटाले की जांच अब धमतरी तक पहुंच गई है। मंगलवार सुबह ED और EOW की संयुक्त टीम ठेकेदार दीपेश गांधी के घर पहुंची। गांधी का निवास धमतरी के आमापारा क्षेत्र में है। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल मच गई। आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी।



घर के भीतर दस्तावेजों की पड़ताल

टीम ने पहुंचते ही जांच शुरू कर दी। वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। बैंकिंग दस्तावेजों की जांच हो रही है। कई फाइलों का मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों ने घर के अलग-अलग हिस्सों में पड़ताल की। कार्रवाई कई घंटों तक जारी रही।



भारतमाला घोटाले से जुड़ रहे तार

सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई का संबंध भारतमाला परियोजना से जुड़े मुआवजा घोटाले से है। इसी मामले में पहले से ED, EOW और ACB जांच कर रहे हैं। धमतरी में हुई कार्रवाई को उसी जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। हालांकि एजेंसियों ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।



ऐसे हुआ करोड़ों का खेल

जांच एजेंसियों के मुताबिक भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तक 463 किलोमीटर लंबे इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण किया गया था। आरोप है कि इस दौरान भू-माफिया, दलालों और कुछ राजस्व अधिकारियों ने मिलकर बड़ा खेल किया। कृषि भूमि को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटा गया। बैक-डेट में दस्तावेज तैयार किए गए। फर्जी नामांतरण किए गए। इसके बाद करोड़ों रुपए का अतिरिक्त मुआवजा हासिल किया गया।



पहले से अधिग्रहित जमीन पर भी खेल

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ जमीनें पहले ही अन्य परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित हो चुकी थीं। इसके बावजूद उन्हें भारतमाला परियोजना में फिर से शामिल दिखाया गया। बाद में उन्हीं जमीनों पर दोबारा मुआवजा निकाल लिया गया। इससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपए की चपत लगी।



अधिकारी चुप, सवाल कई

कार्रवाई को लेकर ED और EOW ने चुप्पी साध रखी है। जांच का दायरा क्या है, यह स्पष्ट नहीं किया गया है। किस दस्तावेज की तलाश है और आगे कौन-कौन रडार पर है, इस पर भी एजेंसियां कुछ नहीं बोल रही हैं। इसी वजह से अटकलों का दौर तेज है।



धमतरी में चर्चा, नजर अगले कदम पर

कार्रवाई के बाद धमतरी में चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक और कारोबारी गलियारों में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल जांच जारी है। दस्तावेजों की पड़ताल चल रही है। अब सबकी नजर ED और EOW की अगली कार्रवाई पर टिकी है। जांच आगे बढ़ी तो कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।



FAQ

  1. भारतमाला घोटाला क्या है?
    भारतमाला घोटाला, भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा मामला है। आरोप हैं कि कुछ स्थानों पर कृषि भूमि को छोटे टुकड़ों में बांटकर, फर्जी दस्तावेज और बैक-डेट एंट्री के जरिए अधिक मुआवजा लिया गया।
  2. धमतरी में ED और EOW ने किसके घर छापेमारी की?
    ED और EOW की संयुक्त टीम ने छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के आमापारा क्षेत्र में ठेकेदार दीपेश गांधी के आवास पर छापेमारी की।

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