4.50 करोड़ के सौदे में धोखाधड़ी: भिलाई की पार्षद रीता सिंह पर एफआईआर
समझें क्या है पूरा मामला
- 4.50 करोड़ की डील में पार्षद परिवार पर FIR
- भिलाई की पार्षद पर धोखाधड़ी का आरोप
- कोर्ट के आदेश पर रीता सिंह परिवार पर केस
- जमीन-खदान सौदे में विवाद, पुलिस जांच शुरू
- करोड़ों की संपत्ति डील पहुंची थाने तक
Bhilai। भिलाई नगर निगम की पार्षद रीता सिंह, उनके पति रमेशचंद सिंह राजपूत और बेटे मानवचंद सिंह के खिलाफ उतई थाना पुलिस ने धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के बाद की गई है। आरोप भूमि, खदान और अन्य संपत्तियों की खरीद-बिक्री से जुड़े करीब 4.50 करोड़ रुपए के लेनदेन का है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपों की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर होगी।
कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई FIR
मामला दुर्ग जिले के उतई थाना क्षेत्र का है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) पाटन की अदालत ने परिवादी बीबी सिंह की शिकायत पर पुलिस को FIR दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
अदालत के आदेश के बाद उतई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। इसमें धोखाधड़ी, दस्तावेजों से जुड़ी गड़बड़ी और गलत जानकारी देने जैसी धाराएं शामिल हैं।
4.50 करोड़ रुपए में हुआ था सौदा
शिकायतकर्ता बीबी सिंह के अनुसार, जनवरी 2024 में रीता सिंह की कुछ जमीन, खदान से जुड़ी संपत्ति, टाटा हिटाची मशीन और भारत बेंज टिपर वाहनों की खरीद के लिए इकरारनामा किया गया था।
इस पूरे सौदे की कीमत करीब 4.50 करोड़ रुपए तय हुई थी। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने इसमें से लगभग 4.39 करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया था।
संपत्तियों की जानकारी छिपाने का आरोप
बीबी सिंह ने आरोप लगाया है कि सौदे के दौरान कुछ जरूरी जानकारियां उनसे छिपाई गईं। उनका कहना है कि जिन जमीनों को बिक्री के लिए बताया गया था, उनमें से कुछ जमीनें पहले ही दूसरे लोगों के नाम दर्ज थीं।
इसके अलावा कुछ जमीनें ऐसी श्रेणी की थीं, जिनकी बिक्री पर कानूनी रोक थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुछ संपत्तियां बैंक में बंधक थीं, लेकिन इसकी जानकारी भी उन्हें नहीं दी गई।
दस्तावेज नहीं मिलने पर बढ़ा विवाद
शिकायतकर्ता के मुताबिक, सौदे के बाद खनन पट्टा, बैंक की एनओसी और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया था। लेकिन आरोप है कि लंबे समय बाद भी ये दस्तावेज नहीं दिए गए। इसके बाद विवाद बढ़ा और शिकायतकर्ता ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
पुलिस में शिकायत के बाद कोर्ट पहुंचे थे परिवादी
बीबी सिंह ने बताया कि उन्होंने फरवरी 2026 में उतई थाना और दुर्ग पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दी थी। लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद पुलिस को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए।
पुलिस कर रही मामले की जांच
उतई थाना पुलिस ने FIR दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों और आरोपों की जांच की जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी यह मामला आरोपों पर आधारित है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
FAQ
- भिलाई पार्षद रीता सिंह और उनके परिवार पर FIR क्यों दर्ज हुई?
रीता सिंह, उनके पति और बेटे पर 4.50 करोड़ रुपए की जमीन, खदान और मशीनरी डील में धोखाधड़ी के आरोप हैं। कोर्ट के आदेश के बाद FIR दर्ज हुई है। - शिकायतकर्ता ने क्या आरोप लगाए हैं?
शिकायतकर्ता बीबी सिंह का आरोप है कि कुछ संपत्तियों की सही जानकारी नहीं दी गई और जरूरी दस्तावेज जैसे बैंक NOC व खनन पट्टा उपलब्ध नहीं कराए गए। - इस मामले में पुलिस अब क्या कार्रवाई कर रही है?
उतई थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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