छत्तीसगढ़ के 4 लोगों समेत 8 की हिमाचल में मौत, खाई में गिरी कार
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ परिवार हिमाचल हादसे में 4 की मौत
- बैरागढ़-साच पास मार्ग पर गहरी खाई में गिरी कार
- बच्चे समेत पूरे परिवार की दर्दनाक मौत
- ह्यूमन चेन बनाकर पुलिस और स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू किया
- हादसे के कारणों की पुलिस जांच जारी है
NEWS IN DETAIL
Bhilai। छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले दो परिवारों की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। दरअसल, बेंगलुरु में नौकरी करने वाला यह परिवार कार से हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में बर्फबारी का आनंद लेने निकला था।
इसी दौरान शुक्रवार रात बैरागढ़-साच पास-किलाड़ मार्ग पर उनकी कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों समेत कार में सवार सभी 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतकों में अरविंद चंद्राकर और उनकी पत्नी पिंकी चंद्राकर, उनके बच्चे और अन्य परिवार सदस्य शामिल हैं। घटना के बाद परिवार ने किसी से बात करने से इनकार कर दिया।
यात्रा का मकसद और शुरुआती घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, दोनों परिवार डलहौजी से टैक्सी बुक करके साच पास घूमने निकले थे। उनका उद्देश्य बर्फबारी और हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेना था। रात के समय अर्टिगा कार अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई।
खाई की गहराई ज्यादा होने और पथरीले रास्ते के कारण कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में सवार किसी भी व्यक्ति को बचने का मौका नहीं मिला।
GPS लोकेशन ने बताया हादसे का स्थान
जब कार देर रात तक डलहौजी नहीं लौटी, तो वाहन मालिक को आशंका हुई। उन्होंने जीपीएस लोकेशन चेक की, जो कालावन क्षेत्र में स्थिर दिखाई दी। स्थानीय प्रशासन को जानकारी दी गई और खोजबीन शुरू हुई। शनिवार दोपहर तक कार खाई में मिली और पुलिस को सूचना दी गई।
रेस्क्यू में दुर्गम परिस्थितियों की चुनौती
हादसे का स्थल दुर्गम क्षेत्र में था। खड़ी पहाड़ियां, पथरीला रास्ता और खराब मौसम ने राहत अभियान को प्रभावित किया। मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण बचाव दल और प्रशासन के बीच समन्वय करना भी मुश्किल हो गया।
ह्यूमन चेन और रस्सियों से शव निकाले गए
रविवार सुबह पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया। खाई की गहराई देखते हुए ह्यूमन चेन बनाई गई और रस्सियों की मदद से शवों को सड़क तक सुरक्षित निकाला गया।
कई घंटे तक चले इस अभियान में 8 शव सुरक्षित बाहर निकाले गए। शव पोस्टमॉर्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेजे गए। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिवार को सौंपे जाएंगे।
प्रशासन और परिजनों से संपर्क
शुरुआती इनपुट्स के मुताबिक, दुर्घटना का शिकार हुआ यह परिवार मूल रूप से भिलाई का रहने वाला था, जो काफी समय से बेंगलुरु में शिफ्ट होकर जॉब कर रहा था। हादसे के बाद से ही स्थानीय प्रशासन लगातार पीड़ितों के रिश्तेदारों से तालमेल बनाए हुए है।
हादसे की जानकारी हिमाचल पुलिस ने दुर्ग पुलिस को भी दी। दुर्ग पुलिस ने मृतकों के परिवार को रात ही घटना की सूचना दी। परिवार के कुछ सदस्य अब हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना हो चुके हैं।
हादसे के संभावित कारण
पुलिस ने शुरुआती जांच में ड्राइवर की झपकी, सड़क पर फिसलन, तेज रफ्तार और वाहन की तकनीकी खराबी जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का सटीक पता विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
यह हादसा सिर्फ हिमाचल प्रदेश में ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए भी बहुत दुखद है। भिलाई से बेंगलुरु नौकरी के लिए गए यह परिवार, अपने बच्चों के साथ छुट्टी मनाने निकले थे। छत्तीसगढ़ के लोग पर्यटन के लिए अन्य राज्यों की यात्रा करते हैं, लेकिन सुरक्षित यात्रा की आवश्यकता को यह घटना फिर से याद दिलाती है।
टाइमलाइन
शुक्रवार शाम
भिलाई और बेंगलुरु के दो परिवार डलहौजी से टैक्सी लेकर साच पास घूमने निकले।
शुक्रवार रात
कार बैरागढ़-साच पास-किलाड़ मार्ग पर अनियंत्रित होकर 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 8 लोग (2 बच्चे सहित) मारे गए।
शनिवार सुबह
कार डलहौजी लौटकर नहीं आई। वाहन मालिक ने जीपीएस लोकेशन जांची।
शनिवार दोपहर
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने खाई में कार मिलने की पुष्टि की।
रविवार सुबह
पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने ह्यूमन चेन बनाकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
रविवार दोपहर
सभी 8 शवों को खाई से बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया।
रविवार शाम
हादसे की जानकारी दुर्ग पुलिस को दी गई। परिवार के कुछ सदस्य हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना हुए।
FAQ
- हादसा कब और कहाँ हुआ?
शुक्रवार रात चंबा जिले के कालावन क्षेत्र, बैरागढ़-साच पास-किलाड़ मार्ग पर। - कुल कितने लोग मारे गए?
हादसे में 2 बच्चों समेत 8 लोगो की मौत गई। - रेस्क्यू कैसे किया गया?
पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने ह्यूमन चेन बनाकर रस्सियों की मदद से शव सड़क तक निकाले। - मृतक परिवार का छत्तीसगढ़ में कहां से है?
हादसे का शिकार हुआ यह परिवार वास्तव में भिलाई का निवासी है, जो पिछले काफी समय से बेंगलुरु में रहकर जॉब कर रहा था।
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