Bhilai Triple Murder Case : पत्नी, मासूम बच्ची और एक बेकसूर को जिंदा जलाने वाले हैवान को फांसी की सजा
NEWS IN SHORT
- भिलाई तिहरे हत्याकांड में आरोपी रवि शर्मा को मृत्युदंड की सजा
- संदिग्ध कॉल से शुरू हुआ सनसनीखेज हत्याकांड, तीन जली हुई लाशें मिलीं
- रवि शर्मा ने दोहरी जिंदगी छिपाकर की हत्या, असहाय युवक को बनवाया 'डमी'
- पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स से आरोपी को गिरफ्तार किया
- अदालत ने मामले को 'रेयर ऑफ रेयरेस्ट' मानते हुए सुनाई मृत्युदंड
NEWS IN DETAIL
Bhilai: Bhilai Triple Murder Case :छत्तीसगढ़भिलाई के तालपुरी इंटरनेशनल कॉलोनी स्थित पारिजात अपार्टमेंट्स में वर्ष 2020 में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड में आज बुधवार को अदालत ने (दुर्ग कोर्ट सजा सुनाई)आरोपी रवि शर्मा को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
यह फैसला न केवल मृतकों के परिजनों के लिए न्याय का प्रतीक है, बल्कि समाज में जघन्य अपराधों के खिलाफ एक कड़ा संदेश भी है।
एक संदिग्ध कॉल से शुरू हुआ हत्याकांड
21 जनवरी 2020 की सुबह करीब 5:30 बजे कला सूर्यवंशी के मोबाइल पर एक संदिग्ध कॉल आई, जिसमें कहा गया, तुम्हारी बेटी-दामाद अपने मकान में जल रहे हैं, बचा सको तो बचा लो।
घबराई हुई कला तुरंत अपने रिश्तेदारों को फ्लैट पर भेजती हैं। जब वे पहुंचे, तो अंदर से धुआं और जलने की तीखी बदबू आ रही थी। दरवाजा तोड़कर अंदर जाने पर मंजू शर्मा, उसकी डेढ़ महीने की बच्ची और एक अन्य युवक की जली हुई लाशें मिलीं।
साजिश का खुलासा
शुरुआत में यह घटना गैस सिलिंडर के फटने जैसी दुर्घटना लग रही थी, लेकिन पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की और यह खुलासा हुआ कि यह एक सुनियोजित हत्या थी।
आरोपी रवि शर्मा ने अपनी दोहरी जिंदगी को छुपाने के लिए एक असहाय युवक को अपने जाल में फंसाया, उसकी हत्या की और फिर उस युवक की लाश को अपनी पहचान के तौर पर पेश करने की योजना बनाई।
इसके बाद उसने अपनी पत्नी मंजू और उसकी बच्ची को भी बेरहमी से मार डाला और सभी शवों पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी, ताकि मामला दुर्घटना का रूप ले सके।
पुलिस ने की तत्परता से कार्रवाई
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया। तत्कालीन एसपी अजय यादव, अति पुलिस अधीक्षक लखन पटले और नगर पुलिस अधीक्षक अजीत यादव ने इस मामले की जांच
में अहम भूमिका निभाई। थाना प्रभारी सुरेश कुमार ध्रुव ने जांच पूरी करके चार्जशीट पेश की, जिसके बाद अदालत ने इसे 'रेयर ऑफ रेयरेस्ट' अपराध मानते हुए रवि शर्मा को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
फैसले के बाद परिजनों को राहत
फैसला सुनते ही कोर्ट परिसर में भावुक दृश्य देखने को मिले। मंजू की मां कला सूर्यवंशी ने कहा, हमने अपनी बेटी और नातिन को वापस नहीं पाया, लेकिन कम से कम
अब यह कानून ने मान लिया कि उनकी जान की कोई कीमत थी। हमने शुरू से ही कहा था कि इस कत्ल के पीछे वही आदमी है, जिसने उन्हें सुरक्षा का वादा किया था।
न्याय की पुष्टि
इस पूरे मामले में शासकीय अधिवक्ता भावेश कटरे ने अपनी मेहनत से पैरवी की और यह सुनिश्चित किया कि आरोपी को कड़ी सजा मिले। फैसले के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और कहा कि देर से सही, लेकिन न्याय मिल ही गया।
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