अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेयर में छाई छत्तीसगढ़ की फिल्म भीम चिंताराम
NEWS IN SHORT
- भीम चिंताराम को मिला अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेयर में स्थान
- यूक्रेन के 100 स्कूलों में दिखेगी छत्तीसगढ़ की फिल्म
- दाऊ चिंताराम टिकरिहा की प्रेरणादायक कहानी का वैश्विक सम्मान
- छत्तीसगढ़ी फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया राज्य का मान
- भीम चिंताराम से जुड़ी डॉक्यूमेंट्री को मिली बड़ी उपलब्धि
NEWS IN DETAIL
Balodabazar। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के ग्राम बुड़गहन से एक प्रेरणादायक फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। यह फिल्म, छत्तीसगढ़ के फिल्म भीम चिंताराम(भीम चिंताराम टिकरिहा पर आधारित) अब यूक्रेन के 100 स्कूलों में दिखाई जाएगी। साथ ही, यह फिल्म आगामी अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेयर 2026 में भी प्रदर्शित होने जा रही है।
फिल्म का चयन यूक्रेन में प्रदर्शन के लिए
इस फिल्म का चयन यूक्रेन के 100 स्कूलों में बच्चों को दिखाने के लिए किया गया है। फिल्म के निर्माता अंशु धुरंधर को आधिकारिक पत्र भेजा गया था। यह सम्मान केवल चुनिंदा फिल्मों को मिला है, और इस फिल्म का प्रदर्शन वैश्विक शिक्षा मंच पर छत्तीसगढ़ और भारत का गौरव बढ़ाएगा।
अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भी शामिल
भीम चिंताराम को पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में सराहना मिल चुकी है। अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में इस फिल्म को 2,974 फिल्मों में से चुना गया था। भारत से केवल आठ फिल्में इसमें शामिल हुईं, जिनमें छत्तीसगढ़ की यह फिल्म भी थी।
दाऊ चिंताराम टिकरिहा समाजसेवा के दूत
यह फिल्म दाऊ चिंताराम टिकरिहा की जीवनी पर आधारित है, जो समाजसेवी और जननायक के रूप में प्रसिद्ध हैं। उनका जीवन समाज में शिक्षा, संस्कार और जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरणा स्रोत बना। फिल्म में उनके संघर्षों और समाज सेवा को बारीकी से दर्शाया गया है।
तीन साल की मेहनत, 245 इंटरव्यू
फिल्म के निर्माता और निर्देशक अंशु धुरंधर ने इसे बनाने के लिए तीन वर्षों तक गहन रिसर्च की और 245 लोगों से इंटरव्यू लिए। यह फिल्म छत्तीसगढ़ की सामाजिक विरासत और संस्कृति को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास है।
संस्कार और समाज को जोड़ने वाली कहानी
भीम चिंताराम केवल एक जीवनी नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक संदेश देने वाली फिल्म है। यह फिल्म यह दिखाती है कि जिस तरह शारीरिक स्वास्थ्य के लिए व्यायाम जरूरी होता है, ठीक उसी तरह समाज को मजबूत बनाने के लिए अच्छे संस्कार भी जरूरी हैं।
दाऊ चिंताराम पर आधारित किताब भी प्रकाशित
दाऊ चिंताराम टिकरिहा की जीवनी पर आधारित एक किताब भी लिखी गई है, जिसका उद्देश्य उनके संघर्ष और विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
छत्तीसगढ़ी सिनेमा का वैश्विक सम्मान
(छत्तीसगढ़ की फिल्म को फिल्म फेयर) यह फिल्म छत्तीसगढ़ी सिनेमा के लिए गर्व का पल है। फिल्म की सफलता यह सिद्ध करती है कि क्षेत्रीय सिनेमा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। पूरी छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जिसे पूरे प्रदेश में सम्मान और गर्व के साथ देखा जा रहा है।
FAQ
1. भीम चिंताराम फिल्म का चयन कहां किया गया है?
फिल्म का चयन यूक्रेन के 100 स्कूलों में बच्चों को दिखाने के लिए किया गया है।
2. भीम चिंताराम फिल्म को कब और कहां प्रदर्शित किया जाएगा?
फिल्म को 14 मई को अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेयर में प्रदर्शित किया जाएगा।
3. दाऊ चिंताराम टिकरिहा कौन थे?
दाऊ चिंताराम टिकरिहा एक समाजसेवी और जननायक थे, जिन्होंने समाज में शिक्षा और संस्कार बढ़ाने के लिए कार्य किया।
4. फिल्म बनाने में कितना समय लगा?
फिल्म बनाने में करीब तीन साल का समय लगा और इसमें 245 लोगों से इंटरव्यू लिए गए थे।
5. फिल्म का उद्देश्य क्या है?
फिल्म का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की सामाजिक विरासत और संस्कारों को वैश्विक मंच पर पेश करना है।
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