भूपेश बघेल फेक वीडियो मामला; छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने लिया संज्ञान, FIR दर्ज करने के आदेश
NEWS IN SHORT
- महिला आयोग ने भूपेश बघेल के फेक वीडियो पर संज्ञान लिया
- AI तकनीक से बने वीडियो से महिला समाज को नुकसान
- साइबर सेल को वीडियो की जांच के लिए दिए गए निर्देश
- आयोग ने पुलिस को 7 दिन में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है
- डिजिटल अपराध पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है
NEWS IN DETAIL
Raipur। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े एक फेक और AI तकनीक से बने आपत्तिजनक वीडियो मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इसे गंभीर मामला मानते हुए तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
आपत्तिजनक वीडियो से महिला समाज की गरिमा को नुकसान
आयोग का कहना है कि इस तरह के वीडियो न केवल सार्वजनिक व्यक्तियों की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि महिलाओं की गरिमा को भी ठेस पहुंचाते हैं। इसे लेकर आयोग ने सख्त रुख अपनाया है।
साइबर सेल को जांच के निर्देश
(छत्तीसगढ़ महिला आयोग )आयोग ने दावा किया है कि AI तकनीक का गलत इस्तेमाल कर भ्रामक और आपत्तिजनक वीडियो वायरल हो रहे हैं। इस वीडियो के चलते समाज में गलत संदेश फैल रहा है। पुलिस और साइबर सेल को इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
7 दिनों में रिपोर्ट मांगी
(दुर्ग पुलिस) आयोग ने दुर्ग जिले के पुलिस अधीक्षक को निर्देश देते हुए कहा है कि तुरंत FIR दर्ज की जाए। साथ ही साइबर सेल को वीडियो की तकनीकी जांच कर इसके स्रोत और इसे
फैलाने वालों की पहचान करने को कहा गया है। आयोग ने पुलिस और साइबर टीम को 7 दिनों के भीतर पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने का अल्टीमेटम दिया है।
डिजिटल अपराध पर कड़ी सजा की चेतावनी
आयोग ने स्पष्ट किया कि तकनीक का दुरुपयोग कर किसी की छवि को नुकसान पहुंचाना और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि यह दूसरों के लिए एक मिसाल बने।
Imp Facts
महिला आयोग ने लिया संज्ञान – भूपेश बघेल के (fake video)फेक AI वीडियो मामले में कार्रवाई शुरू की।
वीडियो से महिला समाज को ठेस – वीडियो से महिला गरिमा को नुकसान
साइबर सेल को जांच के आदेश – वीडियो के स्रोत और वायरल करने वालों की पहचान करने के लिए निर्देश दिए गए है।
FIR दर्ज करने का आदेश – पुलिस अधीक्षक को FIR दर्ज करने के लिए कहा गया है।
7 दिनों में रिपोर्ट – आयोग ने पुलिस और साइबर टीम को 7 दिनों में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
यह खबरें भी पढ़े...
महिला आरक्षण पर गरमाई राजनीती, भूपेश बघेल बोले- कौशल्या भाभी को सीएम बना दीजिए
यूसीसी पर Bhupesh Baghel का बयान; छत्तीसगढ़ में 41 जनजातियों को होगा नुकसान