ज्ञानेश कुमार सिर्फ मोहरा हैं, भूपेश बघेल बोले- वोट चोरी का फायदा मोदी और शाह को
बघेल ने कहा कि कांग्रेस मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच ले जाएगी। पार्टी इस मामले को लेकर आगे भी अभियान चलाएगी। दूसरी तरफ चुनाव आयोग ऐसे आरोपों को खारिज करता रहा है।
ज्ञानेश कुमार को बताया सिर्फ मोहरा
मीडिया से बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को आगे किया जा रहा है।
बघेल ने कहा कि असली राजनीतिक फायदा दूसरे लोगों को मिल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए यह आरोप लगाया। ये आरोप भूपेश बघेल और कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं। चुनाव आयोग की ओर से ऐसी किसी कथित वोट चोरी की पुष्टि नहीं की गई है।
मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस उठा रही सवाल
कांग्रेस पिछले कुछ समय से मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठा रही है। पार्टी का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान कई मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए।
कांग्रेस का कहना है कि पार्टी ऐसे मतदाताओं से संपर्क करेगी। उनकी शिकायतों को एकत्र किया जाएगा। इन मामलों को राजनीतिक और कानूनी स्तर पर उठाने की तैयारी भी की जा रही है।
चुनाव आयोग का पक्ष अलग है। आयोग का कहना रहा है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की पूरी प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार होती है।
CWC बैठक में भी उठा चुनावी प्रक्रिया का मुद्दा
भूपेश बघेल के मुताबिक कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में भी चुनावी प्रक्रिया पर चर्चा हुई। बैठक में मतदाता सूची और SIR से जुड़े मामलों को लेकर पार्टी की आगे की रणनीति पर बात की गई।
कांग्रेस ने राज्य से लेकर बूथ स्तर तक इस मुद्दे को पहुंचाने की तैयारी की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रभावित मतदाताओं से सीधे संपर्क किया जाएगा। बघेल ने यह भी कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर सकती है।
EVM और SIR पर भी कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों पर पहले भी सवाल उठा चुकी है। इनमें EVM और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का मामला भी शामिल है। बघेल ने दावा किया कि मतदाता सूची में होने वाले बदलावों की पूरी जानकारी जनता के सामने आनी चाहिए। कांग्रेस पारदर्शिता की मांग कर रही है।
हालांकि चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया का बचाव किया है। आयोग का कहना है कि इसके तहत लिए गए फैसले कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार होते हैं।
चुनाव आयोग ने आरोपों को किया खारिज
विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रिया का बचाव किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े फैसले तय प्रक्रिया और दस्तावेजों के आधार पर किए जाते हैं।
आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को लेकर भी अपना पक्ष रखा है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग के इन जवाबों से संतुष्ट नहीं हैं। यही कारण है कि मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है।
मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा
SIR और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे अदालत तक भी पहुंचे हैं। दी गई जानकारी के मुताबिक इससे संबंधित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का मामला सामने आया है।
याचिका मेंचुनाव आयोग के भीतर फैसले लेने की प्रक्रिया और SIR से जुड़े बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं। अदालत में मामला होने के कारण आगे की सुनवाई पर भी राजनीतिक दलों की नजर रहेगी।
जनता के बीच मुद्दा ले जाने की तैयारी
भूपेश बघेल ने साफ कहा कि कांग्रेस अब इस मुद्दे को जनता तक लेकर जाएगी। पार्टी वोटर लिस्ट से नाम हटने की शिकायतों को सामने लाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस इसे चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा मामला बता रही है। चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप बता रहा है।
फिलहाल कथित वोट चोरी को लेकर लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष किसी आधिकारिक जांच या न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकता है।
FAQ
- कांग्रेस द्वारा मतदाता सूची में बदलाव को लेकर क्या आरोप लगाए गए हैं?
कांग्रेस का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान कई मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर लोगों से संपर्क करने और उनकी शिकायतों को एकत्र करने की योजना बनाई है। - चुनाव आयोग का इस मामले पर क्या कहना है?
चुनाव आयोग ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार होती है। - सुप्रीम कोर्ट में क्या मसला उठाया गया है?
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिसमें चुनाव आयोग के निर्णय प्रक्रिया और SIR से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए गए हैं।