छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची का बड़ा री-सर्च अभियान : BLO घर-घर जाकर खोजेंगे गुमशुदा नाम
Umeshwari Baghel | Oct 03, 2026, 17:02 IST
घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन होगा
छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को लेकर बड़ा अभियान शुरू होने वाला है। इसका मकसद पात्र लोगों का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ना है। खास ध्यान उन मतदाताओं पर रहेगा जिनका नाम पहले था। मौजूदा मतदाता सूची में उनका नाम नहीं दिखाई दे रहा है। पहली बार मतदान के योग्य हुए युवाओं को भी जोड़ा जाएगा।
दिए गए निर्देशों के अनुसार बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाएंगे। वे पुरानी और मौजूदा मतदाता सूची का मिलान करेंगे। इस प्रक्रिया में छूटे मतदाताओं की पहचान की जाएगी। पात्र मिलने पर उनके नाम दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया होगी।
निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को यह काम तय समय में पूरा करना होगा। बूथ स्तर पर लगातार निगरानी भी की जाएगी। राजनीतिक दलोंके बूथ एजेंटों को भी जानकारी दी जाएगी।
अभियान में सबसे पहले मतदाता सूचियों की तुलना होगी। बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO यह काम करेंगे। वे प्री-SIR सूची का मौजूदा सूची से मिलान करेंगे। इस दौरान ऐसे नाम अलग किए जाएंगे जो पहले मौजूद थे। अब उनका नाम वर्तमान मतदाता सूची में नहीं है। इसके बाद संबंधित व्यक्ति की स्थिति जांची जाएगी।
BLO संबंधित मतदाता के घर तक पहुंच सकते हैं। वहां व्यक्ति के निवास की जानकारी ली जाएगी। उसकी मतदाता बनने की पात्रता भी जांची जाएगी। यदि व्यक्ति सभी शर्तें पूरी करता है तो प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पात्र व्यक्ति से फॉर्म-6 भरवाया जाएगा। इसके बाद नाम जोड़ने के लिए आवेदन भेजा जाएगा।
इस अभियान में मैदानी स्तर पर काम महत्वपूर्ण रहेगा। BLO को सीधे मतदाताओं तक पहुंचने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए घर-घर सत्यापन किया जाएगा।उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्रत्येक BLO को साप्ताहिक लक्ष्य मिलेगा। उन्हें हर सप्ताह करीब 20 से 25 लोगों तक पहुंचना होगा। इन लोगों की पहचान पहले मतदाता सूचियों के मिलान से होगी।
करीब एक महीने में यह प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य छूटे हुए पात्र मतदाताओं का पता लगाना है। सत्यापन के दौरान यह भी देखा जाएगा कि व्यक्ति स्थानांतरित हुआ है या नहीं। उसकी पात्रता बनी हुई है या नहीं। पूरी जानकारी के बाद ही नाम जोड़ने की कार्रवाई होगी।
अभियान केवल पुराने मतदाताओं तक सीमित नहीं रहेगा। पहली बार मतदान करने वाले युवाओं पर विशेष ध्यान होगा। घर-घर सर्वे के दौरान ऐसे युवाओं को खोजा जाएगा जिन्होंने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है। यदि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है तो उनसे आवेदन कराया जाएगा। ऐसे पात्र युवाओं से भी फॉर्म-6 भरवाया जाएगा। इसके बाद मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
यह कदम उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण होगा जो हाल ही में मतदान की उम्र तक पहुंचे हैं। कई बार जानकारी नहीं होने से युवा आवेदन नहीं कर पाते हैं। अभियान में BLO उन्हें प्रक्रिया की जानकारी भी दे सकेंगे। मतदाता पंजीकरण को लगातार चलने वाली प्रक्रिया माना जाता है। यानी पात्र व्यक्ति बाद में भी नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है।
मतदाता सूची से जुड़े इस अभियान में राजनीतिक दल भी शामिल रहेंगे। BLO अपने बूथ की सूची तैयार करेंगे। इसके बाद यह जानकारी बूथ लेवल एजेंटों से साझा होगी।
मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल अपने BLA नियुक्त करते हैं। इन प्रतिनिधियों को बूथवार जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मतदाता सूची में हो रहे बदलाव की जानकारी दलों तक पहुंचेगी। किसी नाम को जोड़ने की प्रक्रिया भी तय नियमों के मुताबिक होगी।
BLO से मिलने वाले फॉर्म और सत्यापन रिपोर्ट आगे भेजी जाएगी। संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी यानी ERO इसकी जांच करेंगे। इसके बाद नियमानुसार फैसला लिया जाएगा।
मतदाता सूची में ज्यादा से ज्यादा पात्र लोगों को जोड़ने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे। ये कैंप बूथ स्तर पर आयोजित किए जा सकते हैं।
अभियान में उन लोगों पर विशेष ध्यान रहेगा जिन्हें सामान्य प्रक्रिया में जोड़ना मुश्किल होता है। इसमें बेघर लोग भी शामिल हो सकते हैं। मजदूर बस्तियों में रहने वाले लोगों तक भी टीम पहुंचेगी।
रैन बसेरों में रहने वाले पात्र लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी। वंचित वर्ग के लोगों को पंजीकरण के लिए जागरूक किया जाएगा। इन इलाकों में कई लोग दस्तावेज या जानकारी की कमी के कारण आवेदन नहीं कर पाते। इसलिए प्रशासनिक अमले को यहां अतिरिक्त प्रयास करने होंगे।
मतदाता सूची अभियान के साथ जागरूकता गतिविधियां भी चलेंगी। इसके लिए स्वीप कार्यक्रमों का उपयोग किया जाएगा। लोगों को बताया जाएगा कि मतदाता सूची कैसे जांचें। नाम नहीं होने पर आवेदन कहां करना है। फॉर्म भरने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी जाएगी।
युवा मतदाताओं तक पहुंचने के लिए कॉलेज और सार्वजनिक स्थान महत्वपूर्ण हो सकते हैं। स्थानीय स्तर पर शिविर और जागरूकता कार्यक्रम भी उपयोगी रहेंगे।अभियान का मकसद केवल नाम जोड़ना नहीं है। सही मतदाता सूची तैयार करना भी इसका अहम हिस्सा है।
इस पूरे अभियान की नियमित निगरानी भी होगी। राज्य स्तर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी इसकी समीक्षा करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी अपने क्षेत्रों की प्रगति देखेंगे। ERO और अन्य अधिकारी बूथ स्तर की स्थिति पर नजर रखेंगे।
कितने छूटे मतदाता मिले इसकी जानकारी जुटाई जाएगी। कितने लोगों ने फॉर्म-6 भरा यह भी देखा जाएगा। पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं का आंकड़ा भी तैयार होगा।
इस पूरी प्रक्रिया के बाद छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची में नए नाम जुड़ सकते हैं। पुराने रिकॉर्ड में मौजूद पात्र मतदाताओं को भी दोबारा शामिल होने का मौका मिलेगा।अभियान सफल रहा तो मतदाता सूची अधिक अपडेट होगी। इससे आने वाली चुनावी प्रक्रियाओं में पात्र नागरिकों की भागीदारी बढ़ सकती है।
FAQ
निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को यह काम तय समय में पूरा करना होगा। बूथ स्तर पर लगातार निगरानी भी की जाएगी। राजनीतिक दलोंके बूथ एजेंटों को भी जानकारी दी जाएगी।
पुरानी सूची से होगा मिलान
BLO संबंधित मतदाता के घर तक पहुंच सकते हैं। वहां व्यक्ति के निवास की जानकारी ली जाएगी। उसकी मतदाता बनने की पात्रता भी जांची जाएगी। यदि व्यक्ति सभी शर्तें पूरी करता है तो प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पात्र व्यक्ति से फॉर्म-6 भरवाया जाएगा। इसके बाद नाम जोड़ने के लिए आवेदन भेजा जाएगा।
घर-घर जाएंगे BLO
करीब एक महीने में यह प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य छूटे हुए पात्र मतदाताओं का पता लगाना है। सत्यापन के दौरान यह भी देखा जाएगा कि व्यक्ति स्थानांतरित हुआ है या नहीं। उसकी पात्रता बनी हुई है या नहीं। पूरी जानकारी के बाद ही नाम जोड़ने की कार्रवाई होगी।
नए युवाओं पर खास नजर
यह कदम उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण होगा जो हाल ही में मतदान की उम्र तक पहुंचे हैं। कई बार जानकारी नहीं होने से युवा आवेदन नहीं कर पाते हैं। अभियान में BLO उन्हें प्रक्रिया की जानकारी भी दे सकेंगे। मतदाता पंजीकरण को लगातार चलने वाली प्रक्रिया माना जाता है। यानी पात्र व्यक्ति बाद में भी नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है।
राजनीतिक दलों को मिलेगी सूची
मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल अपने BLA नियुक्त करते हैं। इन प्रतिनिधियों को बूथवार जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मतदाता सूची में हो रहे बदलाव की जानकारी दलों तक पहुंचेगी। किसी नाम को जोड़ने की प्रक्रिया भी तय नियमों के मुताबिक होगी।
BLO से मिलने वाले फॉर्म और सत्यापन रिपोर्ट आगे भेजी जाएगी। संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी यानी ERO इसकी जांच करेंगे। इसके बाद नियमानुसार फैसला लिया जाएगा।
बूथों पर लगेंगे विशेष कैंप
अभियान में उन लोगों पर विशेष ध्यान रहेगा जिन्हें सामान्य प्रक्रिया में जोड़ना मुश्किल होता है। इसमें बेघर लोग भी शामिल हो सकते हैं। मजदूर बस्तियों में रहने वाले लोगों तक भी टीम पहुंचेगी।
रैन बसेरों में रहने वाले पात्र लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी। वंचित वर्ग के लोगों को पंजीकरण के लिए जागरूक किया जाएगा। इन इलाकों में कई लोग दस्तावेज या जानकारी की कमी के कारण आवेदन नहीं कर पाते। इसलिए प्रशासनिक अमले को यहां अतिरिक्त प्रयास करने होंगे।
जागरूकता अभियान भी चलेगा
युवा मतदाताओं तक पहुंचने के लिए कॉलेज और सार्वजनिक स्थान महत्वपूर्ण हो सकते हैं। स्थानीय स्तर पर शिविर और जागरूकता कार्यक्रम भी उपयोगी रहेंगे।अभियान का मकसद केवल नाम जोड़ना नहीं है। सही मतदाता सूची तैयार करना भी इसका अहम हिस्सा है।
अधिकारियों को करनी होगी समीक्षा
कितने छूटे मतदाता मिले इसकी जानकारी जुटाई जाएगी। कितने लोगों ने फॉर्म-6 भरा यह भी देखा जाएगा। पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं का आंकड़ा भी तैयार होगा।
इस पूरी प्रक्रिया के बाद छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची में नए नाम जुड़ सकते हैं। पुराने रिकॉर्ड में मौजूद पात्र मतदाताओं को भी दोबारा शामिल होने का मौका मिलेगा।अभियान सफल रहा तो मतदाता सूची अधिक अपडेट होगी। इससे आने वाली चुनावी प्रक्रियाओं में पात्र नागरिकों की भागीदारी बढ़ सकती है।
FAQ
- बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर क्या कार्य करेंगे?
BLO घर-घर जाकर पुरानी और मौजूदा मतदाता सूची का मिलान करेंगे, छूटे हुए मतदाताओं की पहचान करेंगे और यदि व्यक्ति पात्र है, तो उनके नाम दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। - इस अभियान में युवा मतदाताओं पर क्या ध्यान दिया जाएगा?
अभियान में पहली बार मतदान करने वाले युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। BLO उन युवाओं की पहचान करेंगे जिन्होंने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है और यदि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, तो उन्हें फॉर्म-6 भरवाने के लिए प्रेरित करेंगे। - राजनीतिक दलों को इस मतदाता सूची अभियान के दौरान क्या जानकारी मिलेगी?
राजनीतिक दलों को बताई गई बूथ स्तर की सूची से बदलावों की जानकारी मिलेगी। BLO अपने बूथ की सूची तैयार करेंगे और यह जानकारी बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा करेंगे।
बालाघाट के आदिवासी इलाकों के लिए 400 करोड़ का डेवलपमेंट प्लान, बच्चों की मौत वाले गांवों में बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं
By Sumit Kumar
राजस्थान की चिट्ठी: अब गांवों में चुनावी बिसात, कांग्रेस में बिगड़ी बात और RCA रिजल्ट का इंतजार
By Saurabh Mishra
ऑनलाइन अटेंडेंस पर सरकार हुई सख्त, हर दिन VSK ऐप पर हाजिरी जरूरी, बिना सूचना गैरहाजिरी पर रुकेगा वेतन
By VINAY VERMA
एमपी के इंदौर में नई हॉस्टल गाइडलाइन जारी: अब स्पंदन योजना से बचेगी छात्रों की जान, लगेंगे टैंपर प्रूफ सीलिंग फैन
By Manya Jain
छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती पर बड़ा विवाद: निजी कोचिंग का 7 महीने पुराना ड्राफ्ट सरकारी परीक्षा के दस्तावेज से हू-ब-हू मिला
By Umeshwari Baghel
छह साल में बदल गया गांव की सरकार का चुनाव: 33 से 41 जिला परिषद, 352 से 457 पंचायत समितियां
By Raghvendra Singh Rathore
7 बार चीन गई नव्या मलिक, विदेश यात्राओं से ड्रग्स नेटवर्क तक पहुंची जांच, अब मनी ट्रेल पर ED की नजर
By VINAY VERMA