करोड़ों का तेंदूपत्ता खाक : बीजापुर DFO सस्पेंड, नए अधिकारी की तैनाती
NEWS IN SHORT
- बीजापुर तेंदूपत्ता आग डीएफओ रमेश जांगड़े को हटाया गया
- जाधव सागर रामचंद्र बने बीजापुर के नए डीएफओ
- गोदाम आग से तेंदूपत्ता नष्ट, 10 करोड़ का नुकसान
- मंत्री कश्यप ने की उच्चस्तरीय जांच की घोषणा
- आदिवासी हित और वन संपदा की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
NEWS IN DETAIL
Raipur। बीजापुर जिले में तेंदूपत्ता गोदाम में लगी भीषण आग ने वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहकों की मेहनत पर बड़ा हमला किया। इस घटना में प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लगभग 10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। घटना की गंभीरता को देखते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने तुरंत संज्ञान लिया और बड़े प्रशासनिक कदम उठाए।
डीएफओ रमेश कुमार जांगड़े को हटाया गया
वन मंत्री के आदेश पर बीजापुर के वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) रमेश कुमार जांगड़े को तत्काल प्रभाव से हटा कर रायपुर स्थित प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि तेंदूपत्ता संग्रहण और आदिवासी हितों की रक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नया डीएफओ: जाधव सागर रामचंद्र
वन मंत्री के निर्देश पर अनुभवी अधिकारी जाधव सागर रामचंद्र को बीजापुर का नया डीएफओ नियुक्त किया गया। जाधव सागर वर्तमान में राज्य लघु वनोपज संघ में तेंदूपत्ता संग्रहण और प्रबंधन में कार्यरत हैं। दंतेवाड़ा जिले में उनके प्रभावी और सटीक प्रशासनिक काम को देखकर शासन ने उन्हें बीजापुर जैसे संवेदनशील जिले की जिम्मेदारी दी है।
वन मंत्री ने कहा कि यह कदम सरकार की तरफ से स्पष्ट संदेश है कि आदिवासी और वनवासियों की आजीविका से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मंत्री कश्यप का बयान
वन मंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता सिर्फ वन उपज नहीं है, बल्कि हजारों आदिवासी और वनवासी परिवारों की आजीविका का आधार है। उनकी मेहनत और अधिकारों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने दो टूक कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही बख्शी नहीं जाएगी और दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने घटना की जानकारी मिलते ही उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, समयबद्ध और तथ्यात्मक होनी चाहिए ताकि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जा सके।
आग से हुआ बड़ा नुकसान
25 मई 2026 को बीजापुर जिले के इटपाल स्थित एक निजी गोदाम में भीषण आग लगी। इसमें विभिन्न समितियों द्वारा संग्रहित तेंदूपत्ता जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक आकलन के अनुसार करीब 10 करोड़ रुपये की क्षति हुई है। वास्तविक नुकसान का विस्तृत भौतिक सत्यापन अभी जारी है।
मंत्री ने कहा कि यह घटना आदिवासियों की मेहनत और आजीविका पर सीधा हमला है। इसलिए इसे गंभीरता से लिया गया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जाएगी।
सुरक्षा और निगरानी मजबूत
शासन ने घटना के कारणों, गोदामीकरण प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों के पालन, अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका तथा संभावित वित्तीय नुकसान सहित सभी पहलुओं की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। आगे ऐसी आगजनी या चोरी न हो, इसके लिए सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम और मजबूत किए जाएंगे।
अनुभवी अधिकारी की जिम्मेदारी
नवनियुक्त डीएफओ जाधव सागर रामचंद्र को राज्य सरकार ने बीजापुर जिले की जिम्मेदारी दी है। वे तेंदूपत्ता संग्रहण और प्रबंधन में अनुभवी हैं और दंतेवाड़ा जिले में अपने प्रभावी काम के लिए जाने जाते हैं। उनकी नियुक्ति से सरकार यह संदेश देना चाहती है कि वन संपदा की सुरक्षा और आदिवासी हितों की रक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निष्कर्ष
बीजापुर तेंदूपत्ता आग घटना ने दिखा दिया कि वनवासियों की मेहनत और आजीविका कितनी नाजुक है। सरकार ने तुरंत प्रशासनिक कार्रवाई कर दोषियों को जवाबदेह बनाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के स्पष्ट संकेत दिए हैं।
FAQ
- बीजापुर तेंदूपत्ता अग्निकांड में कितनी क्षति हुई?
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लगभग 10 करोड़ का तेंदूपत्ता जलकर नष्ट हुआ। - डीएफओ रमेश कुमार जांगड़े के साथ क्या कार्रवाई हुई?
उन्हें तत्काल प्रभाव से हटा कर रायपुर में प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय में संबद्ध किया गया। - नया डीएफओ कौन नियुक्त हुआ?
अनुभवी अधिकारी जाधव सागर रामचंद्र को बीजापुर का नया डीएफओ बनाया गया। - भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाएगी और सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
यह खबरें भी पढ़े...
बीजापुर में तेंदूपत्ता के 18 हजार बोरे जलकर राख, 10 करोड़ का नुकसान
सुकमा तेंदूपत्ता बोनस घोटाला में DFO के नेतृत्व में 3.92 करोड़ की लूट, आदिवासियों के हक पर डाका