बिलासपुर में सोलर स्कैम : वकील को लगाया सवा करोड़ का चूना, चेक बाउंस से खुला राज

The Sootr | Mar 24, 2026, 15:55 IST
bilaspur advocate vinit tiwari fraud case
ठगी की एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। न्यायधानी बिलासपुर में सोलर लाइट पोल लगाने के बड़े प्रोजेक्ट का झांसा देकर एक वकील से 1.33 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी की गई है।

NEWS IN SHORT

  • जूनियर ने किया विश्वासघात
  • सोलर काम का झांसा
  • सवा करोड़ की चपत
  • बाउंस चेक से खुली पोल
  • थाने पहुँचा मामला

NEWS IN DETAIL

Bilaspur. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से जालसाजी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ ठगों ने एक वकील को अपना शिकार बनाया। रायपुर के चौबे कॉलोनी निवासी अधिवक्ता विनीत तिवारी के साथ 1 करोड़ 33 लाख 64 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई है। इस मामले में आरोपियों ने सोलर पैनल और लाइट पोल लगाने के सरकारी लायजनिंग प्रोजेक्ट्स का लालच देकर बड़ी रकम ऐंठ ली।



कैसे बुना ठगी का जाल?

इस पूरी साजिश की शुरुआत अधिवक्ता विनीत तिवारी के ही एक जूनियर सहयोगी के माध्यम से हुई। जानकारी के अनुसार, विनीत तिवारी को उनके जूनियर ने बताया कि उसके कुछ परिचित भावेश जैन, ऋतुप्रण वैष्णव और संतोष कर्ण लायजनिंग का काम करते हैं। इन लोगों ने खुद को सौर ऊर्जा क्षेत्र का बताते हुए सोलर पैनल और पोल लगाने के प्रोजेक्ट में निवेश कर बड़े मुनाफे का झांसा दिया।



भरोसे में आकर अधिवक्ता विनीत तिवारी ने अलग-अलग किस्तों में कुल 1,33,64,000 रुपये आरोपियों को दिए। निवेश के नाम पर ली गई यह बड़ी रकम आरोपियों ने डकार ली और प्रोजेक्ट के नाम पर कुछ भी काम नहीं हुआ।



चेक बाउंस होते ही खुला राज

काफी समय बीत जाने के बाद जब विनीत तिवारी को शक हुआ और उन्होंने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो आरोपी टाल-मटोल करने लगे। दबाव बढ़ने पर ऋतुप्रण वैष्णव, संतोष कर्ण और भावेश जैन ने उन्हें पूरी रकम का चेक थमा दिया। पीड़ित को लगा कि उनकी रकम सुरक्षित है, लेकिन जैसे ही उन्होंने चेक बैंक में लगाए, वे बाउंस हो गए। चेक बाउंस होने के बाद आरोपियों के इरादे साफ हो गए और उन्होंने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया।



पुलिसिया कार्रवाई और FIR

ठगी का शिकार होने के बाद अधिवक्ता विनीत तिवारी ने बिलासपुर के सिरगिट्टी थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। सिरगिट्टी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी संतोष कर्ण, गोपाल वैष्णव, भावेश जैन और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।



पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह ने प्रदेश के अन्य जिलों में भी कई लोगों को इसी तरह के फर्जी निवेश प्लान में फंसाकर करोड़ों की ठगी की होगी।



निष्कर्ष: यह घटना इस बात का प्रमाण है कि ठग अब केवल अनपढ़ या कम जानकार लोगों को ही नहीं, बल्कि कानून के जानकारों को भी अपने जाल में फंसा रहें हैं। निवेश करने से पहले संबंधित व्यक्ति और कंपनी की जांच करना जरुरी है।



ये खबरें भी पढ़ें...



बिलासपुर में धोखाधड़ी का केस करने वाला गिरफ्तार, नेशनल क्रिकेट टीम में खिलाने के नाम पर ठगे थे 61 लाख



छत्तीसगढ़ बिलासपुर में बने नकली जाति प्रमाणपत्र से 35 साल की आबकारी विभाग में नौकरी, SC-ST आयोग सख्त



Ticket Refund Scam: गूगल-पे कस्टमर केयर के नाम पर 2 लाख की ठगी, जानें बचने के तरीके



Ticket Refund Scam: गूगल-पे कस्टमर केयर के नाम पर 2 लाख की ठगी, जानें बचने के तरीके



Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर
  • बिलासपुर
  • बिलासपुर में धोखाधड़ी का केस