बिलासपुर के 1.11 लाख बैंक खातों में फंसे 28 करोड़ रुपए, ऐसे मिलेंगे वापस
समझें क्या है पूरा मामला
Bilaspur। अगर आपका कोई पुराना बैंक खाता लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है तो उसमें जमा रकम की जानकारी जरूर जुटा लें। बिलासपुर जिले में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक समेत कई शाखाओं के 1.11 लाख खाते पिछले 10 साल से निष्क्रिय पाए गए हैं। इन खातों में जमा करीब 28 करोड़ रुपए को भारतीय रिजर्व बैंक के जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष (DEAF) में ट्रांसफर कर दिया गया है। बैंक प्रबंधन ने अब खाताधारकों और उनके उत्तराधिकारियों से अपने पुराने खातों की जांच करने की अपील की है।
10 साल तक लेन-देन नहीं होने पर राशि चली जाती है DEAF फंड में
बैंकिंग नियमों के अनुसार अगर किसी खाते में लगातार 10 वर्षों तक कोई लेन-देन नहीं होता है तो उस खाते को निष्क्रिय या अनक्लेम्ड डिपॉजिट की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसी जमा राशि को आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार DEAF फंड में भेज दिया जाता है।
बिलासपुर जिले में सहकारी बैंक की विभिन्न शाखाओं में ऐसे हजारों खाते मिले हैं, जिनमें लंबे समय से कोई गतिविधि नहीं हुई थी। इन खातों में जमा राशि को नियमों के तहत आरबीआई के फंड में जमा कराया गया है।
बिलासपुर समेत आसपास के जिलों के खाताधारक शामिल
बैंक की ओर से जारी जानकारी के अनुसार बिलासपुर के अलावा मुंगेली, जांजगीर-चांपा और सक्ती क्षेत्र के कई खाताधारकों के नाम भी अनक्लेम्ड सूची में शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे खातों की संख्या अधिक है।
कई ग्रामीण खाताधारक नौकरी, स्थान परिवर्तन या अन्य कारणों से अपने पुराने खातों को भूल जाते हैं। वहीं कई मामलों में खाताधारक की मृत्यु के बाद परिवार को बैंक खाते और उसमें जमा राशि की जानकारी नहीं मिल पाती है।
महिला समूह और समितियों के खाते भी निष्क्रिय
बैंक अधिकारियों के अनुसार केवल व्यक्तिगत खाते ही नहीं बल्कि कुछ सहकारी समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों के खाते भी लंबे समय से संचालित नहीं हुए हैं। इन खातों में जमा रकम भी आरबीआई के DEAF फंड में भेजी गई है।
बैंक की सभी 625 शाखाओं में ऐसे खातों की पहचान और जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि सही खाताधारक या उनके कानूनी उत्तराधिकारी अपनी राशि वापस प्राप्त कर सकें।
कैसे पता करें आपका पैसा फंसा है या नहीं?
अगर आपको लगता है कि आपका कोई पुराना खाता बंद पड़ा है तो आप आसानी से इसकी जानकारी ले सकते हैं। इसके लिए आरबीआई ने उद्गम (UDGAM) पोर्टल शुरू किया है।
इस पोर्टल पर जाकर खाताधारक अपना नाम, बैंक और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज कर अनक्लेम्ड जमा राशि की जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा संबंधित बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध अनक्लेम्ड डिपॉजिट सेक्शन में भी जानकारी खोजी जा सकती है।
राशि वापस लेने के लिए जरूरी होगी KYC प्रक्रिया
अगर किसी व्यक्ति का नाम अनक्लेम्ड खातों की सूची में मिलता है तो उसे संबंधित बैंक शाखा से संपर्क करना होगा। बैंक खाताधारक या उत्तराधिकारी से जरूरी दस्तावेज और केवाईसी प्रक्रिया पूरी करवाएगा।
दस्तावेजों की जांच और पहचान की पुष्टि के बाद बैंक राशि वापस करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके बाद बैंक आरबीआई से संपर्क कर DEAF फंड में जमा राशि वापस प्राप्त कर लेता है।
पुरानी पासबुक और दस्तावेज खंगालने की अपील
बैंक प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों में रखी पुरानी पासबुक, बैंक दस्तावेज और खातों की जानकारी जरूर जांचें। कई बार छोटे बचत खातों में भी बड़ी रकम जमा होती है, जिसकी जानकारी परिवार के अन्य सदस्यों को नहीं होती।
बैंक अधिकारियों का कहना है कि लोगों में जागरूकता की कमी के कारण बड़ी संख्या में खाते निष्क्रिय हो जाते हैं। समय-समय पर खाते में लेन-देन करते रहने से ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है।
क्या है RBI का DEAF फंड?
DEAF यानी Depositor Education and Awareness Fund भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बनाया गया एक फंड है। इसमें ऐसे बैंक खातों की राशि जमा की जाती है, जिनमें 10 साल या उससे अधिक समय तक कोई दावा नहीं किया गया हो।
हालांकि राशि DEAF फंड में जाने के बाद भी खाताधारक का अधिकार खत्म नहीं होता है। सही पहचान और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद खाताधारक या वैध उत्तराधिकारी अपनी जमा राशि वापस प्राप्त कर सकते हैं।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभात मिश्रा ने बताया कि बैंक की 625 शाखाओं में 10 साल से निष्क्रिय 1.11 लाख खातों की करीब 28 करोड़ रुपए की राशि DEAF फंड में जमा है। उन्होंने कहा कि हितग्राही आने पर पहले केवाईसी अपडेट कर खाते को सक्रिय किया जाता है। पुष्टि के बाद राशि लौटाकर आरबीआई से प्रक्रिया पूरी कर रकम वापस प्राप्त कर ली जाती है।
IMP FACTS
कुल निष्क्रिय बैंक खाते: 1.11 लाख
फंसी हुई कुल राशि: करीब 28 करोड़ रुपए
समय सीमा: पिछले 10 वर्षों से जिन खातों में कोई लेन-देन नहीं हुआ
राशि ट्रांसफर: भारतीय रिजर्व बैंक के DEAF (Depositor Education and Awareness Fund) में
प्रभावित क्षेत्र: बिलासपुर सहित मुंगेली, जांजगीर-चांपा और सक्ती क्षेत्र के खाताधारक
बैंक शाखाएं: जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की 625 शाखाओं में व्यवस्था लागू
राशि वापसी प्रक्रिया: खाताधारक या वैध उत्तराधिकारी KYC अपडेट कराकर राशि वापस ले सकते हैं
जानकारी चेक करने का माध्यम: RBI का UDGAM पोर्टल और संबंधित बैंक की वेबसाइट
मुख्य कारण: लंबे समय तक खाते में लेन-देन नहीं होना, खाताधारक की मृत्यु, शहर या नौकरी बदलने के बाद खाते भूल जाना
बैंक अधिकारी: प्रभात मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर
मुख्य बात: DEAF फंड में राशि जाने के बाद भी खाताधारक का पैसा सुरक्षित रहता है और प्रक्रिया पूरी करने पर वापस मिल सकता है।
FAQ
- RBI के DEAF फंड में पैसा क्यों चला जाता है?
अगर किसी बैंक खाते में लगातार 10 साल तक कोई लेन-देन नहीं होता है तो बैंकिंग नियमों के अनुसार उस खाते की राशि RBI के DEAF (Depositor Education and Awareness Fund) में ट्रांसफर कर दी जाती है। - क्या DEAF फंड में गई राशि वापस मिल सकती है?
हां, खाताधारक या वैध उत्तराधिकारी KYC और जरूरी दस्तावेज जमा करके बैंक के माध्यम से DEAF फंड में जमा राशि वापस प्राप्त कर सकते हैं। - अपना बंद बैंक खाता और जमा राशि कैसे चेक करें?
खाताधारक RBI के UDGAM पोर्टल या संबंधित बैंक की वेबसाइट पर अनक्लेम्ड डिपॉजिट सेक्शन में जाकर अपने खाते की जानकारी जांच सकते हैं।
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