सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो को बड़ी राहत; हाईकोर्ट ने खारिज की चुनाव याचिका
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने रामकुमार टोप्पो को बड़ी राहत दी हैं ।
- मुन्ना लाल टोप्पो की याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया हैं।
- याचिकाकर्ता ने खुद अपने नामांकन पत्रों में सरकार के साथ अनुबंध की जानकारी दी थी।
- अदालत ने नामांकन निरस्त करने की कार्रवाई को नियमानुसार माना हैं ।
- न्यायालय ने पक्षकारों को अपने-अपने खर्चे खुद उठाने का निर्देश दिया हैं।
NEWS IN DETAIL
Bilaspur। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने सीतापुर विधानसभा चुनाव से संबंधित एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो को बड़ी राहत दी है, आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी मुन्ना लाल टोप्पो द्वारा दायर की गई चुनाव याचिका को खारिज कर दिया हैं ।
क्या था मामला?
यह मामला सीतापुर विधानसभा क्षेत्र से संबंधित था, जहां मुन्ना लाल टोप्पो ने रामकुमार टोप्पो और रिटर्निंग ऑफिसर रवि राही के खिलाफ चुनाव याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि उनके नामांकन पत्र को रिटर्निंग ऑफिसर ने गलत तरीके से निरस्त कर दिया था।
कोर्ट का फैसला
चुनाव याचिका में न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल की एकल बेंच ने आज यह फैसला सुनाया और याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने यह माना कि याचिकाकर्ता मुन्ना लाल टोप्पो ने अपने नामांकन पत्र और शपथपत्र में सरकार के साथ अनुबंध की स्पष्ट घोषणा की थी। इसके बाद, वह इस बात से मुकर नहीं सकते कि उनका नामांकन गलत तरीके से निरस्त किया गया था।
प्रतिवादी का पक्ष
रामकुमार टोप्पो की ओर से अधिवक्ता शरद मिश्रा ने यह तर्क रखा कि याचिकाकर्ता ने खुद अपने दस्तावेजों में यह स्वीकार किया था कि वह वर्तमान में सरकार के साथ अनुबंध में हैं। इसके आधार पर, उनका नामांकन निरस्त करना पूरी तरह से नियमानुसार था।
अंतिम निर्णय
न्यायालय ने सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद यह निर्णय लिया कि याचिकाकर्ता ने स्वयं नामांकन पत्रों में सरकार के साथ अनुबंध की जानकारी दी थी। इसके आधार पर नामांकन निरस्त करने की कार्रवाई को न्यायालय ने सही ठहराया।
कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया और पक्षकारों को उनके अपने खर्चे खुद उठाने का निर्देश दिया हैं।
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