बिलासपुर-कोलकाता फ्लाइट पर फिर संकट, बंद होने की कगार पर पहुंचा

Umeshwari Baghel | Sept 19, 2026, 15:55 IST
बिलासपुर-कोलकाता उड़ान संकट
बिलासपुर-कोलकाता हवाई सेवा पर संकट गहराया है। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का आरोप है कि उड़ान का समय बदलने और अंबिकापुर स्टॉपेज जुड़ने से यात्री घटे। समिति ने सेवा बंद करने के फैसले का विरोध करते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • बिलासपुर-कोलकाता फ्लाइट पर संकट, यात्री घटने से बंद होने का खतरा
  • समय बदला तो घटे यात्री, हवाई सेवा बचाने की मांग तेज
  • अंबिकापुर स्टॉपेज से बिगड़ा समीकरण, फ्लाइट बंद करने पर विवाद
  • 1335 से घटकर 571 यात्री, उड़ान सेवा पर उठे सवाल
  • बिलासपुर की हवाई कनेक्टिविटी पर संकट, सरकार से हस्तक्षेप की मांग

बिलासपुर से कोलकाता के बीच चल रही हवाई सेवा को लेकर विवाद बढ़ गया है। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने उड़ान बंद करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यात्रियों की संख्या में गिरावट का कारण सेवा की मांग कम होना नहीं बल्कि उड़ान का समय बदलना और अंबिकापुर स्टॉपेज जोड़ना है।



समिति का दावा है कि पहले जब बिलासपुर से कोलकाता के लिए सुबह सीधी उड़ान संचालित होती थी, तब यात्रियों की संख्या बेहतर थी। दिसंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच 33 उड़ानों में 1335 यात्रियों ने सफर किया था। इसके बाद अप्रैल 2026 से उड़ान का समय बदलकर दोपहर कर दिया गया और इसे अंबिकापुर होकर संचालित किया गया।



समिति के अनुसार नई व्यवस्था के बाद अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान 33 उड़ानों में यात्रियों की संख्या घटकर 571 रह गई। यानी पहले की तुलना में 764 यात्रियों की कमी दर्ज हुई। समिति का आरोप है कि अब इसी गिरावट को आधार बनाकर सेवा बंद करने की तैयारी की जा रही है।



चार घंटे तक बढ़ गया सफर का समय

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का कहना है कि उड़ान में बदलाव के बाद यात्रियों के लिए यात्रा आसान नहीं रही। सुबह की सीधी उड़ान की जगह दोपहर का समय तय होने और अंबिकापुर पड़ाव जुड़ने से यात्रा अवधि करीब चार घंटे तक पहुंच गई।



समिति का तर्क है कि यदि पुरानी व्यवस्था यानी सुबह की सीधी उड़ान दोबारा शुरू की जाती है तो यात्रियों की संख्या फिर बढ़ सकती है। इसी मांग को लेकर समिति ने राज्य सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है।



मुख्यमंत्री से सेवा बचाने की अपील

समिति ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। समिति का कहना है कि बिलासपुर जैसे प्रमुख शहर के लिए बेहतर हवाई कनेक्टिविटी जरूरी है।



समिति ने यह भी कहा कि इससे पहले बिलासपुर से भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसी उड़ान सेवाएं बंद हो चुकी हैं। ऐसे में कोलकाता उड़ान को जारी रखना क्षेत्रीय यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है।



एयरलाइन की आधिकारिक स्थिति का इंतजार

इस पूरे मामले में समिति के आरोपों के बीच उड़ान सेवा की अंतिम स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। उपलब्ध उड़ान कार्यक्रमों में सितंबर 2026 के दौरान बिलासपुर-कोलकाता सेवा का उल्लेख भी दिखाई देता है। इसलिए सेवा बंद होने को लेकर अंतिम निर्णय एयरलाइन या संबंधित विमानन विभाग की जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगा।



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